सवाई माधोपुर में एसएचओ फूल मोहम्मद को जनता द्वारा फूंके जाने की घटना के एक सप्ताह ही बीते थे कि एक 20 वर्षीय युवक ने कोटा शहर की एक पुलिस चौकी में घुसकर तोड़फोड़ की और कांस्टेबल बलदेव सिंह पर जानलेवा हमला किया। कांस्टेबल चौकी के दरवाजे बंद कर अपनी जान बचाई।
आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय, राजस्थान पुलिस का यह श्लोगन किसी भी तरह से फिट नजर नहीं आ रहा है। आए दिन जिस तरह से घटनाएं हो रही हैं उससे तो पुलिस कर्मी किसी भी तरह से महफूज नहीं समझे जा रहे हैं। अपराधी आमजन में विश्वास बनाए रखने वाली पुलिस को ही अपना निशाना बना रहे हैं।
घटना एक- कोटा शहर के थाना विज्ञान नगर अंतर्गत बाइक पर बैठे संदिग्ध लोगों को थाना विज्ञान में तैनात पुलिस कर्मी अफजल ने टोका तो आरोपियों ने पुलिस कर्मी पर फायर कर दिया। हालांकि गोली अफजल के पेट को छूते हुए निकल गई, अगर अपराधियों का निशाना थोड़ा सा ऊपर या नीचे होता तो उसकी जान भी जा सकती थी।
घटना दो- कोटा शहर के थाना उद्योग नगर अंतर्गत अभी हाल ही में कुछ दिन पूर्व इंदिरा नगर चौकी में तैनात सिपाही नंदराम मेघवाल की चौकी में घुसकर आरोपी ऑटो चालक रामेश्वर गुर्जर ने हत्या कर दी थी।
कोटा से शैलेंद्र दीक्षित की रिपोर्ट.












jai kumar jha
March 26, 2011 at 3:45 am
पुलिस वाले जब इंसानियत की रक्षा नहीं करेंगे तो हैवानियत के बढ़ते खतरे के चपेट में वो भी आयेंगे ही…..भ्रष्टाचार एक दिन भ्रष्टाचारियों को भी निगल जाता है……
sushmita
March 26, 2011 at 7:43 am
is tarah ki ghatnao se samaaj par buraa prabhav padta hai……..lagta hai achcha ya bura koi sochna hi nahi cahata………
rajeev tiwari, lucknow
March 27, 2011 at 10:00 am
jb poolice janta ki bato ko ansuna kar dege to janta bhe kya kery.
poolice ko sochana chaiya ki ye public hai sab janti hai……….