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क्‍या नकल की पोल खोलकर जागरण ने अपराध कर दिया?

दैनिक जागरण के रिपोर्टरों ने नकल की पोल खोलने वाली रिपोर्टिंग करके क्या गुंडई की है? उनके खिलाफ वाराणसी और भदोही जिलों के विभिन्न थानों में दर्ज रिपोर्ट तो यही कहानी कह रही है। कपसेठी थाना वाराणसी में 29 मार्च को दो एफआईआर दर्ज की गयी है, वह भी बाई नेम। धाराएं हैं-506 यानी धमकी देना, 501 यानी अवैध गतिविधियों में लिप्तता और 6 यूपी परीक्षा कानून यानी बिना अनुमति परीक्षा केंद्रों में घुसना।

दैनिक जागरण के रिपोर्टरों ने नकल की पोल खोलने वाली रिपोर्टिंग करके क्या गुंडई की है? उनके खिलाफ वाराणसी और भदोही जिलों के विभिन्न थानों में दर्ज रिपोर्ट तो यही कहानी कह रही है। कपसेठी थाना वाराणसी में 29 मार्च को दो एफआईआर दर्ज की गयी है, वह भी बाई नेम। धाराएं हैं-506 यानी धमकी देना, 501 यानी अवैध गतिविधियों में लिप्तता और 6 यूपी परीक्षा कानून यानी बिना अनुमति परीक्षा केंद्रों में घुसना।

चर्चाकारों ने बुधवार को जागरण में इस बाबत एक भी खबर न छपने पर आश्चर्य व्यक्त किया। उनका कहना है कि जागरण ने नकल के बाबत इतनी विस्फोटक रिपोर्टिंग की है कि उसे अपने सभी संस्करणों के माध्यम से इस पोल खोल रिपोर्टिंग का पूरे प्रदेश में फालोअप छापना चाहिए था। जबकि हो यह रहा है कि वह अब अपने ही वाराणसी संस्करण में इस खबर को दबा रहा है। भला इससे उसे क्या फायदा मिलने वाला है!

दैनिक जागरण की ओर से समय-समय पर करोड़ों रुपये खर्च करके तमाम कार्यक्रमों के जरिए अपनी ब्रांडिंग की जाती है। नकल की पोल खोलनेवाली रिपोर्टिंग से उसे अच्छी खासी पब्लिसिटी मिलती और बिना धेला खर्च किए ही उसे अरबों रुपये मूल्य की ब्रांडिंग मिलती। पर, हालत यह है कि वह अपने ही यहां खबर तक नहीं छाप रहा है। बुधवार को जागरण के बाबत लोगों में यही चर्चा का विषय रहा।

ज्ञात हो कि दैनिक जागरण के खिलाफ थानों में तहरीरें देकर मुकदमा कायम करने का सिलसिला जोर पकड़ गया है। दैनिक जागरण ने विगत दिनों माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल-इंटर में खुलेआम हो रहे नकल को दर्शाते हुए फोटो सहित कई रिपोर्ट्स छापी थी। इसमें राज्य के एक मंत्री के विद्यालय का भी नाम था। स्वस्थ पत्रकारिता का दिग्दर्शन करने पर जागरण को विभिन्न विद्यालयों ने अपने निशाने पर लिया है जिनकी जागरण टीमों ने पोल खोली थी। आईपीसी की धारा 384, 506 और परीक्षा अधिनियम की धारा 6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

मजे की बात यह कि नकल करने और कराने वालों के खिलाफ एक्शन लेने की जगह नकल की पोल खोलने वाली दैनिक जागरण वाराणसी की टीम के खिलाफ थानों में एफआईआर दर्ज करायी जा रही है। प्रदेश में पहली बार नकल की फोटो छापने पर किसी के खिलाफ एफआईआर हुई है। यही नहीं जिले के चौबेपुर थाने में एक एफआईआर लिखायी गयी है जो चार अज्ञात लोगों के खिलाफ है। सुना गया है कि कुछ और स्कूलों ने पुलिस को तहरीर दी है कि उनके यहां भी कुछ लोग घुस आए थे और फोटो ली थी। दैनिक जागरण पर मुकदमे की गूंज विधानसभा तक होने की संभावना जताई जा रही है। साभार : पूर्वांचलदीप

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