महामना मदनमोहन मालवीय जी की 150वीं जयन्ती पर वाराणसी के सांसद एवं लोक लेखा समिति के अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी द्वारा महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामना मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान भवन के लिए सांसद निधि से दी गयी 51 (इक्यावन लाख) रूपये की धनराशि के लिए पत्रकारिता संस्थान के छात्रों ने डॉ. जोशी के प्रति आभार व्यक्त किया। भारत में अब तक किसी पत्रकारिता संस्थान को सांसद द्वारा दी जाने वाली सबसे बड़ी धनराशि है.
संस्थान के निदेशक प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह भवन अत्याधुनिक सुविधा युक्त होगा. मीडिया की नवीन तकनीक से लैस स्टूडियो और लैब इस भवन के मुख्य आकर्षण होगे. महामना मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान 1992 से पत्रकरिता शिक्षा में अपना योगदान दे रहा है. यहां के छात्र देश के विभिन्न मीडिया संस्थानों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं.
महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के सभागार में छात्रों द्वारा आयोजित संगोष्ठी में छात्रों ने वाराणसी के सांसद एवं लोक लेखा समिति के अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी के प्रति आभार व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि ‘महामना मालवीय जी की 150वीं जयन्ती पर ‘महामना’ के नाम पर स्थापित मालवीय पत्रकारिता संस्थान ‘भवन के लिए 51 (इक्यावन लाख) की राशि सांसद निधि से देकर डॉ. जोशी ने महामना मालवीय के मूल्यों की पत्रकारिता के विकास, काशी की पत्रकारिता तथा पूर्वांचल में पत्रकारिता शिक्षा के लिए अनयन्तम योगदान दिया है। उनके इस सहयोग से हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र में विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस सहयोग के लिए मालवीय पत्रकारिता संस्थान के समस्त छात्र/छात्रायें डॉ. मुरली मनोहर जोशी के आभारी हैं।
पत्रकारिता शिक्षा के अनुरूप भवन बनने से शोध, शिक्षण प्रशिक्षण की व्यवस्था भी हो सकेगी। पत्रकारिता संस्थान में संचालित एमजे (एमसी) एवं शोध कार्य के लिए भवन की आवश्यकता थी। जिस आवश्यकता की पूर्ति डॉ. जोशी के सहयोग से हो सकेगा। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता संस्थान के छात्र/छात्रायें वाराणसी सहित देश के विभिन्न भागों के समाचार पत्र, पत्रिकाओं, रेडियो एवं टीवी चैनलों सहित अन्य जनमाध्यमों में कार्य कर रहे हैं। इस नये भवन से शोध एवं प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त स्थान मिल सकेगा। इस संस्थान की स्थापना की घोषणा का महामना मालवीय द्वारा सम्पादित दैनिक समाचार पत्र हिन्दुस्थान’ की शताब्दी वर्ष पर कालाकार (प्रतापगढ़) में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किया था। उसी के पश्चात् यह संस्थान अस्तित्व में आया।
इस प्रकार महामना द्वारा संपादित दैनिक समाचार पत्र ‘हिन्दोस्थान’ के शताब्दी वर्ष पर अस्तित्व में आया इस ‘मालवीय पत्रकारिता संस्थान के लिए भवन का अनुदान महामना मालवीय की 150वीं जयन्ती पर मिलना एक सुयोग्य है। डॉ. जोशी की इस सहायता से महामना की पत्रकारिता के मूल्यों के विकास के साथ ही काशी की पत्रकारिता एवं पूर्वांचल जैसे गरीब क्षेत्र के उन विद्यार्थियों को भी पत्रकारिता के क्षेत्र में अच्छा प्रशिक्षण मिल सकेगा तथा भवन की पर्याप्त व्यवस्था से पत्रकारिता के क्षेत्र में कुछ और नये पाठ्यक्रम आदि भी चल सकेंगे, जो वर्तमान की मांग है।
मुख्य अतिथि डॉ. बनवारी सिंह ने कहा कि जोशी जी ने पत्रकारिता संस्थान के लिए यह अनुदान देकर करके पत्रकारिता के लिए भगीरथ प्रयास किया है। इस अवसर पर पत्रकारिता संस्थान के निदेशक ने कहा कि डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने मालवीय पत्रकारिता संस्थान भवन के लिए अनुदान देकर हिन्दी पत्रकारिता, काशी की पत्रकारिता तथा पूर्वांचल जैसे पिछड़े क्षेत्र में पत्रकारिता का उपकार किया है। उनके इस सहयोग के लिए हम सदा ही आभारी रहेंगे। पत्रकारिता की आधुनिक आवश्यकता के अनुरूप भवन से निश्चित ही अच्छी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं शोध हो सकेगा। जिसका लाभ निश्चित ही रोजगार के रूप में छात्रों के मिलेगा।
छात्रों द्वारा आयोजित आभार संगोष्ठी पत्रकारिता संस्थान के शोध छात्र नागेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसका संचालन एमजे (एमसी) द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रियंका चौधरी व छात्र मो. जावेद ने किया। इस आभार संगोष्ठी में शिक्षक डा. दयानन्द, डा. प्रथमेश पाण्डेय, डा. सुनील कुमार, डा. जय प्रकाश श्रीवास्तव, शोध छात्र जिनेश कुमार, आकाश कुमार, अभिनव, प्रशान्त आदि ने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के शोध छात्र एवं एमजे (एमसी) के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन मुन्ना यादव ने दिया। प्रेस रिलीज












umesh shukla
March 31, 2011 at 6:05 pm
Shiksha jagat ke purodha rahe manniya Dr.MurliManohar Joshiji ne patrakarita sansthan ko 51 lakh Rs ki rashi manzoor kar atyant utkrisht kary kiya hai. unke is faisle se poorvanchal ke ek aham sansthan me shaikshnik suvidhaon ka daayara badhega. vastav me ve badhai ke patra hain.
Ambrish dwivedi
April 1, 2011 at 7:22 am
vase hi media me awsar badh rahe hai lekin suvidhao ki kami hai aise me murlimanohar dwara di gai rashi se media ke chetra me infarastructure ko badhwa milega.
om prakash gaur
April 5, 2011 at 10:28 am
पत्रकारिता को वैचारिक आन्दोलन समझने और मानाने वाले सभी लोग शायद श्री जोशी को धन्यवाद देना चाहेंगे.