ओरिएंटल कॉलेज में शुक्रवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं को बंधक बनाकर पीटा गया. इस घटना को कवर करने पहुंचे कई मीडिया कर्मियों के साथ भी बदसलूकी तथा मारपीट की गई. एक कैमरामैन समेत कई लोगों को चोटें आई हैं. कैमरामैन की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है.
जानकारी के अनुसार भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच देखने के लिए आरिऐटंल कॉलेज के 180 छात्रों द्वारा कॉलेज का बहिष्कार कर दिया. कालेज प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी छात्रों पर सौ-सौ रुपये फाइन लगा दिया. इसकी जानकारी जब एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को लगी तो वे कॉलेज प्रबंधन को समझाने गए. प्रबंधन के लोगों ने कार्यकर्ताओं को कालेज में बंधक बना लिया और मारपीट शुरू कर दी.
सूचना मिलने पर इस घटना को कवर करने पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ भी कालेज प्रबंधन ने अभद्र व्यवहार किया. कालेज प्रबंधन के इशारे पर छात्र मीडिया कर्मियों पर भी टूट पड़े. कई मीडियाकर्मियों को मारापीटा गया. उनके कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए गए. कपडे फाड़े गए. पांच मीडियाकर्मियों को चोटें लगीं. घायल कैमरामैन संतोष कुमार की तहरीर पर डायरेक्टर, उप प्राचार्य तथा एक सिक्योरिटी गार्ड को हिरासत में लिया गया है.












chaitanyaBhatt
April 2, 2011 at 9:26 am
जबलपुर में पतरकारों के साथ होने वाली ये कोई नई घटना नही है अभी कुद समय वहले ही एक दैनिक अखबार की हत्या कर उसे जला दिया गया था अखबारनवीसों के आन्दोलन के बाद यहां के पुलिस अधिकरियों ने आरोपियों को पकडा था अब वक्त आ गया है कि शहर के सारे अखबारनवीस अपने एक दूसरे के प्रति गिले शिकवे और पूवाग्रह छोडृकर इकठठे हो और ऐसी घटनाओं का पुरजोर विरोध करे अन्यथा ऐसी घटनायें घटती ही रहेंगी
चैतन्य भटट
''मुन्ना भाई ''
April 2, 2011 at 4:11 pm
खबर बनानेवालो की बन गई खबर….
जबरदस्ती खबर बनाने वालो का यही हस्र होता है……..
patrakar
April 2, 2011 at 4:28 pm
जो रहीम ओछो बढै, तो अति ही इतराय ।
प्यादे सों फरजी भयो, टेढ़ो टेढों जाय।।
मैं इस घटना का समर्थन नहीं कर रहा हूँ लेकिन जो हकीक़त सामने है वही हुआ .शहर में जबरदस्ती कोई भी खबर बनाने की संस्कृति के संस्कारबान कुछ पत्रकारों की बदौलत इस तरह की घटनाये हो रही.इस घटना की यदि तह में जाया जाए तो जबरदस्ती कोई भी किसी भी तरह की खबर बनाने के लिए कुख्यात साधना टी.व्ही. का कथित कैमरामेन शिव गुप्ता ने आग लगाई.फिर इस आग की लौ को तेज करने का काम वहां पहुंचा कल का एक और कथित कैमरामेन संतोष ने किया.दो चार महीने शहर के एक लोकल न्यूज़ चैनल में काम कर संतोष राष्टीय चैंनल का कैमरामेन बन गया…जितनी बुद्धि उसने वैसा ही काम किया..फिर बारी थी शहर के एक महशूर अखबार के फोटोग्राफर की..वो और उसका एक दोस्त बेचारा गेहूं के साथ घुन की तरह पिस गया.लेकिन एक चैनल की दिहाड़ी महिला स्ट्रिंगर ने तो लपटों में न सिर्फ घी डाला बल्कि उसमे सभी ज्वलनशील चीजे भी डाल दी.कॉलेज के लोगो की हालत मरता क्या न करता जैसी हो गई और जिस किसी ने वहा का माजरा देखा …मानो इंडिया-पाकिस्तान सेमीफायनल मैच में पाकिस्तानी समर्थक हारने का बदला ले रहे है.उसके बाद जो कुछ हुआ वो अब हम सब पत्रकारों को एक हफ्ते के लिए अख़बारों की
दो-चार कॉलम खबर बनाने खबर मिल गई.हो भी यही रहा है…बजाए इसके की घटना दोबारा न हो और हमारे साथी दोबारा अपनी किसी भी करतूत का खामियाजा खुद के साथ पूरे पत्रकार समाज को भुगतवाये”