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ईटीवी कर्मचारियों को रोकने लिए आजमा रहा नए तरीके

यशवंत जी, मैं पिछले तीन साल से ईटीवी में काम कर रहा हूं. जैसा कि आपको भी मालूम होगा कि ईटीवी में काम करने के लिए तीन साल का बंधन पत्र यानी बांड भरना होता है. हम सभी लोगों का बांड पीरियड खत्म होने वाला है. नये चैनल भी शुरू होने वाले हैं और कई चैनलों में हमारे साथीगण जा भी रहे हैं. ईटीवी का प्रबन्धन तो हमारी सैलरी नहीं बढ़ा रहा है लेकिन हम लोगों को रोकने के लिए नये-नये उपाय जरूर कर रहा है.

यशवंत जी, मैं पिछले तीन साल से ईटीवी में काम कर रहा हूं. जैसा कि आपको भी मालूम होगा कि ईटीवी में काम करने के लिए तीन साल का बंधन पत्र यानी बांड भरना होता है. हम सभी लोगों का बांड पीरियड खत्म होने वाला है. नये चैनल भी शुरू होने वाले हैं और कई चैनलों में हमारे साथीगण जा भी रहे हैं. ईटीवी का प्रबन्धन तो हमारी सैलरी नहीं बढ़ा रहा है लेकिन हम लोगों को रोकने के लिए नये-नये उपाय जरूर कर रहा है.

पहले तो पूरे हिन्दी नेटवर्क के साथी लोगों को एन्कर बनने का प्रलोभन दिया जा रहा है, जिसके लिए बड़े पैमाने पर साथी लोगों ने टेस्ट भी दिया. साथ ही कॉपी एडिटरों को अब बुलेटिन प्रोड्यूसर बनाने की तैयारी करवाई जा रही है. मौजूदा हलात में डेस्क पर मेरी ज्वाइनिंग के समय से आधी से भी कम संख्या बची हुई है.  सैलरी बढ़ नहीं रही है और जो टेस्ट एक  साल पहले होने चाहिए थे, वो बहुत देरी से हो रहे हैं. जैसा कि हम साथी लोगों को लग रहा है कि जून में हिन्दी चैनल के बहुत से लोग तेजी से निकलेंगे.  नये साथी भी कम आ रहे हैं क्योंकि बांड बढ़ा कर सवा लाख का कर दिया गया है.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
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0 Comments

  1. Harishankar Shahi

    April 13, 2011 at 5:10 pm

    भाई जी यह भी जबरदस्त खबर सुनने को मिली. ईटीवी से भी पत्रकार भागने लगे हो सकता है यह लोग पत्रकार हो जिले के स्ट्रिंगर ना हो. क्योंकि आज लोग ईटीवी में काम करने के लिए परेशान रहते हैं. ईटीवी के प्रादेशिक चैनल के स्ट्रिंगरो ने अपनी पूरी सामानांतर सत्ता चला राखी है. किसी भी जिले में सबसे ज्यादा पहचाने जाने वाले पत्रकार के श्रेणी में ईटीवी के स्ट्रिंगर ही आते है. यह लोग जमीन कब्ज़ा से लेकर थाने पर पोस्टिंग तक के ठेके अपने चैनल पर हर खबर के लग जाने की दबिश के कारण ले लेते हैं. ऐसे में ईटीवी के छोड़ने की खबर आश्चर्यजनक हैं. हो सकता है पत्रकार हट रहे हो स्ट्रिंगर नहीं.

  2. raj

    April 14, 2011 at 7:44 am

    jo in sab chakkaron me pade wo bewkoof hai, ye logon ki jindagi barbad kar denge

  3. raju

    April 15, 2011 at 6:17 pm

    harishankar ji, aap kaise kah sakte hai ki etv stringer ne samanantar satta chala rakhi hai or stringer thane ke theke lete hai, me etv rajasthan ka stringer hu or janta hu ki stringer kaise kaam karta hai, kitni metnat se etv bulandiyo pe pahuncha hai isme stringer ka yogdan kam nahi, mujhe lagta hai ki aise dhande aap karte honge or jab kisi ne nikal diya to ab bhadas par apni bhadas nikal rahe hai. jisne ETV me kaam hi nahi kiya vo ETV ke bare me kya jaane. roj bhadas par padte hai ki fala channel ne sallery nahi di. kabhi pada hai ki etv ne sallery nahi di.

  4. ETVIAN

    April 22, 2011 at 3:26 pm

    mai etv me kaam marta hun aur etv ke stringer kya karte hai.. mujhe bahut achchhi tarah se malum hai uar jis etv rajasthan par tum itna guman kar rahe ho raju wo gahlot ki kaise chat raha hai sabko malum hai.. tum agar galat nahi karte to eska matlab nahi ki baki sab bhi nahi karte.. 99.99% stringer avaidh vasuli me juta hai.. employee ko paisa deta nahi sansthan aur stringer 4 wheeker se chal raha hai.. mahine me kitna payment milta hai..jante ho na..

    kehna nahi chahiye lekin etv me jo halat hai us vajah se khud apna pariwar ki burai katni padi hai.. kya karein… raju mujhe tumse se sympathy hai lekin sachchai swikarne ka dam to kam se kam ek patrakaar me hona hi chahiye..

  5. satyam boss

    April 24, 2011 at 4:26 pm

    भाई साहब ई टीवी में अब वो पहले वाली बात तो बिलकुल भी नहीं रही जिसके लिए ई टीवी देश भर में जाना जाता था एक ज़माना था जब ई टीवी में काम करने वाला हर कर्मचारी गर्ब महशुस किया करता था लेकिन अब जो लोग काम कर रहे बे ही जानते है की साथ क्या गुजर रही है …ये बात सही है की आज भी ई टीवी में टाइम पर सैलरी मिल जाती है ..कॉपी एडिटर्स को कम ही सही पर टाइम तो पैसा मिल रहा है …लेकिन ई टीवी के स्ट्रिंगर्स के साथ तो दुश्मनी निकाली जा रही है पहले जहा १०, १२ हज़ार रूपये महिना मिलते आज उन्हें ३ हज़ार कभी ४ हज़ार रूपये में काम करना पड रहा …स्ट्रिंगर्स की स्टोरीस जानबूझ कर ड्राप की जा रही ….कातिल साहब का फरमान है की जिलो में काम कर रहे स्ट्रिंगर्स की सैलरी कम से कम जानी चाहिए ऐसे में खुद भी ई टीवी में बतौर स्ट्रिंगर ४ साल काम कर चूका हूँ ..ई टीवी के ऑफिस में अब कुछ तथाकथित दालालो को आयत कर सीधे रिपोर्टर बनाया जा रहा जो …ई टीवी के लिए दलाली कर के पैसा लाये वही ये दालाल रिपोर्टर जिलो में काम कर रहे स्ट्रिंगरो पर भी दबाव बना रहे है की ऐसी खबरे भेजो जिस से एड मिले
    ४ हज़ार रुपये में सिंगल आदमी का खर्चा चलाना मुश्किल है ..ऐसे में आप ही सोचिये ई टीवी का वो स्ट्रिंगर कैसे अपना घर परिवार पाल रहा होगा जिसकी कमाई का जरिया ई टीवी की स्ट्रिंगरशिप है ….अब जब मेहनत का पैसा नहीं दोगे तो तो स्ट्रिंगर की मज़बूरी है की वो बसूली करे ..और क्यों न करे …वैसे भी ऐसा कौन सा पत्रकार है जो ये साबित करे की उसने किसी भी स्तर किसी से न कोई गिफ्ट लिया है न पैसा ….या अपने पद का उपयोग कर के फायदा न लिया हो .शहद जुबान पर रखा हो और कोई उसका स्वाद न ले ये कैसे हो सकता है

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