दैनिक भास्कर का धनबाद एडिशन धूमधाम से लांच हो गया. यह भास्कर समूह का 59वां तथा झारखंड से तीसरा संस्करण है. भास्कर ग्रुप इसके पहले रांची और जमशेदपुर एडिशन लांच कर चुका है. इसके साथ अब भास्कर की पहुंच पूरे झारखंड राज्य में हो गई है. भास्कर ने अपना लांचिंग संस्करण 24 पेज का छापा. हालांकि पहले इसे 32 पेज छापे जाने की योजना थी.
झारखंड की धरती पर पूरी योजना की सफलता के बाद भास्कर ग्रुप का अगला पड़ाव बिहार हो गया है. ग्रुप अपने साठवें संस्करण के रूप में पटना की तैयारियां शुरू कर दी हैं. भास्कर की लांचिंग के समय कोई ज्यादा दिक्कत नहीं आई. पहले दिन भास्कर के प्रतिस्पर्धी अखबारों की भी इस पर नजर थी. परन्तु बहुत ज्यादा धूम-धड़ाका देखने को नहीं मिला. भास्कर के सर्कुलेशन सेंटरों पर काफी गहमा-गहमी देखी गई.












कमल किशोर
April 18, 2011 at 5:57 am
दैनिक भास्कर की लांचिंग प्लॉप साबित हुई। खबरों के मामले में दैनिक जागरण और हिंदुस्तान से बुरी तरह पिट गया। हॉकरों के कारण अखबार नहीं उठा। और उसके बाद भ्ज्ञी कहते हैं कि हम नंबर वन है, बेहतर कंटेंट परोस रहे हैं। टीम की कमजोरी साफ नजर आई और एडिटोरियल के कई साथियों के चेहरे मुरझाए हुए नजर आए। कहीं न कहीं उन्हें दैनिक भास्कर के साथ जुडने का मलाल नजर आया। पानी पर की गई रिपोर्टिंग चमकता आईना वाली थी। लाखों बेघर हुए लोगों का दर्द नजर नहीं आया, लेकिन चंद की खुशी को भास्कर ने लीड बनाया। भू-धंसान आैर अग्नि प्रभावित क्षेत्र में रेल चलाना चुनौती है, ऐसे में मैट्रो की कल्पना भी यहां नहीं की जा सकती। बेतुकी बातों को ज्यादा फैलाकर प्रजेंट किया गया।
s.hashim
April 19, 2011 at 4:02 am
धनबाद में भास्कर को दिक्कत होगी। झारखंड के सबसे अनुभवी, ओजस्वी पत्रकार और हिंदुस्तान के संपादक अश्क जी खुद ही चतुर रणनीतिकार हैं। प्रभात खबर जैसे अखबार को नंबर वन बनाने में अश्क जी के सहयोग को भुलाया नहीं जा सकता। वैसे भी, भास्कर धनबाद की जो टीम है वह पेंडुलम की तरह है। भास्कर के लिए बेहद मुश्किल है वहां टक्कर देना हिंदुस्तान को। कमलेश रघुवंशी के झारखंड प्रभारी बनाए जाने के बाद जागरण भी तीखा तेवर लेकर आ रहा है।
एस. हाशिम अंसारी
रांची