पाकिस्तान के पूर्व एयर चीफ मार्शल असगर खान का कहना है कि भारत ने पाक पर कभी हमला नहीं किया. हमेशा पाक ने ही भारत पर सैनिक हमला किया है. इंडिया न्यूज के वरिष्ठ संवाददाता कुरबान अली के साथ खास बातचीत में पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनेता ने कहा कि पाक को तोड़ने व बांग्लादेश बनाने में भारत की उतनी भूमिका नहीं थी, जितनी खुद पाकिस्तान और उसके नेताओं की थी. असगर खान का ये भी कहना है कि पाकिस्तान को तोड़ने में पश्चिमी पाकिस्तान के नेताओं की सत्ता की हवस थी.
उन्होंने पूर्वी पाकिस्तान के नेताओं और जनता के बहुमत के फैसले का कभी आदर नहीं किया. असगर खान का मानना है कि मुंबई हमलों में यदि कोई पाकिस्तानी नागरिक दोषी है तो उस पर मुकदमा चलाने और उसे सजा देने में पाकिस्तान सरकार को कोई गुरेज नहीं करना चाहिए. असगर खान पाकिस्तान में फैल रहे आतंकवाद के लिए भी अपने राजनेताओं और आंतरिक राजनीति को ही जिम्मेदार ठहराते हैं. उनका कहना है कि सरकार को आतंकवादी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पाकिस्तान को अफगानिस्तान बनने से रोका जा सके।

असगर खान का कहना है कि पाकिस्तान में लोकतंत्र विफल रहा और कभी भी अपनी जड़ें नहीं जमा सका. इसके लिए वे पाकिस्तान की फौज और उसके सैनिक हुक्मरानों को जिम्मेदार ठहराते हैं. असगर खान का कहना है कि सबसे पहले फील्ड मार्शल अयूब खान ने सत्ता हथियाई और सैनिक तानाशाही की नींव रखी. बाद में याह्या खान और फिर जनरल जिया उल हक और परवेज मुशर्रफ ने इस रास्ते पर चलते हुए अपनी मनमानी की और पाकिस्तान को रसातल में ले जाने का काम किया. अपनी साफगोई के लिए मशहूर असगर खान ने इंडिया न्यूज को बताया कि उनके देश में कोई भी राजनेता ऐसा नहीं हुआ जिसे ईमानदार कहा जा सके. नतीजे में देश में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या बन गया है जिसमें सेना भी शामिल है. असगर खान का कहना है कि पाकिस्तान में पंजाबी राष्ट्रवाद देश के दूसरे सूबों पर हावी रहा है जिसके नतीजे में सिंध, बलूचिस्तान और उत्तर पश्चिम सीमा प्रांत का वैसा विकास नहीं हो पाया, जैसा पंजाब का…इससे क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ा और देश में अलगाववाद को हवा मिली. असगर खान मानते हैं कि पाकिस्तान को इस समय आतंकवाद की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है और उसके लिए वह चरमपमथी इस्लामी संगठनों को जिम्मेदार मानते हैं.











