दैनिक भास्कर ने जब से रोहतक में यूनिट स्थापित की है, तभी से प्रबंधन के सामने लगातार मुश्किलें खड़ी होती जा रही है। 29 जनवरी को यूनिट की लांचिंग के कुछ दिन बाद ही नवनियुक्त महिला पत्रकार ऑफिस के माहौल को देखकर बॉय कर गईं। इस स्थान को भरने के लिए रोहतक यूनिट प्रबंधन ने काफी जद्दोजहद की, लेकिन कोई भी महिला रिपोर्टर यहां काम करने के लिए तैयार नहीं हुई।
बताते हैं दो सप्ताह पहले ऑफिस की राजनीति के चलते सिटी ऑफिस के सीनियर रिपोर्टर ओपी वशिष्ठ ने भी संस्थान छोड़ दिया है। उन्होंने अपनी नई पारी रोहतक में ही आज समाज से शुरू की है। उन्हें ब्यूरोचीफ बनाया गया है. ओपी इसके पूर्व हरिभूमि, अमर उजाला को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। बताया जाता है कि ओपी वशिष्ठ की क्राइम रिपोर्टिंग पर अच्छी पकड़ है। ओपी वशिष्ठ के जाने से संस्थान को पहले ही तगड़ा झटका लगा था, उस पर दो और रिपोर्टरों ने संस्थान को बॉय-बॉय कह कर मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
भिवानी अमर उजाला से आए पवन शर्मा और दैनिक हिंदुस्तान से आए अमित कुमार से सिटी टीम काफी मजबूत हो गई थी, लेकिन दोनों रिपोर्टरों को भी ऑफिस की राजनीति रास नहीं आई और दो महीने के भीतर ही संस्थान को अलविदा कहने के लिए मजबूर हो गए। बताया जाता है कि रोहतक यूनिट में दो लोग एक ही पद पर नियुक्त हैं, जिसकी वजह से यहां गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है।












ISHU
April 23, 2011 at 1:35 pm
op bhai ab aaj samaj ko rohtak me no. 1 banane ke liye hamari subhkamnaye h.