मध्य प्रदेश में मुसलमान भास्कर से खफा हैं. मुसलमानों ने दैनिक भास्कर, माय एफएम और बीटीवी का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. मुसलमानों की संस्था मध्य प्रदेश तंजीम इत्तेहादउल मुलसेमीन ने यह फरमान जारी किया है. मुसलमानों ने आरोप लगाया है कि भास्कर मुस्लिम कौम को बदनाम करने और नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहा है.
नाराज मुसलमानों ने दैनिक भास्कर की प्रतियां भी जलाईं तथा पूरे समाज से दैनिक भास्कर को न पढ़ने की अपील की. कई मुस्लिम संस्थाओं की बैठक में मुसलमानों से भास्कर अखबार न खरीदने का आह्वान किया गया.















Dinesh Joshi, [email protected]
April 27, 2011 at 10:03 am
Bilkul Thik kiya
Indian citizen
April 27, 2011 at 3:04 pm
sabko chamkana hai…
zakir hussain
April 28, 2011 at 3:51 am
केवल बहिष्कार से काम नहीं चलेगा ! मुसलमनो को इस लड़ाई को दैनिक भास्कर की विश्वसनीयता की पोल खोल कर अंजाम तक पहुँचाना होगा ! उन्हें अपनी आपत्ति प्रेस ब्यूरो ऑफ़ इंडिया में दर्ज करवाने के साथ साथ अदालती दरवाजे को भी खटखटाना चाहिए ! किसी भी अखबार या पत्रिका को ये आज़ादी नहीं है की वो समाज के किसी भी वर्ग के बारे में वो लिख सके जिस के कारण उस वर्ग के लोगों को ठेस पहुंचती हो ! भास्कर जैसे अखबार को तो ये कतही शोभा नहीं देता ! हालाँकि मुझे पूरा मजमून पता नहीं है फिर भी बहिष्कार में समाज के उनलोगों का सम्मिलित होना जिन पर मुसलमान ऐतबार करता है , से ये जाहिर होता है की कुछ न कुछ तो ऐसा हुआ होगा जिस ने समाज के लोगों को चोट पहुंचाई है !मुस्लिम समाज को मीडिया की ताकत को समझना चाहिए और उर्दू के साथ साथ हिंदी और अंग्रेजी अखबार शुरू करने के बारे में सोचना चाहिए !
umair barabanki
April 28, 2011 at 11:45 am
virodh theek hai lekin isse zyada zaruri ye hai ki hum apne muddon ki sakaratmak cheezen media ke samne rakhen kyonki media hi hamari awaz hai.
mayank sharma
April 28, 2011 at 1:24 pm
Inhone Kisi Dusre News Paper Se Paise Lekar Yah Kiya hai. Kyuki Dainik Bhaskar Bina Thathyo Ke Koi Bhi khabar Nai Chapta Hai. Madhaypradesh me Dusra Akhbar Kafi Peeche hai. Yah usiki chaal Hai. Jo Log Akhbar ki Holi Jala Rahe hai Unko Pata Bhi Nahi Hoga ki Hum Akhbar Kyo Holi Jala Rahe hai
mayank sharma
April 28, 2011 at 1:25 pm
Sab Jamajamaya Khel Hai. Kisi Dusre Akhbar Ne in Logo ko Kharida Hai.
Prashant
April 28, 2011 at 1:27 pm
Sab Jamajamaya Khel Hai. Kisi Dusre Akhbar Ne in Logo ko Kharida Hai.
sanyogita
April 29, 2011 at 4:44 am
केवल बहिष्कार से काम नहीं चलेगा ! ज़ाकिर जी,आपने इस मसले में अपनी बात रखी और साफ़गोई से ये भी माना कि -मुझे पूरा मजमून पता नहीं है,-लेकिन इसके आगे की बात से मैं सहमत नहीं हूं,मौज़ूदा हालात को सुधारना होगा.मैं इस बात में आपके साथ हूं मगर इसे दूसरे छोर पर मत ले जाईए प्लीज़,मैं आपके विचारों से सहमत हूं,मेरे जैसे कई लोग आपके साथ होंगे.फिर ये लिखने क्या ज़रूरत है कि – मुस्लिम समाज को मीडिया की ताकत को समझना चाहिए और उर्दू के साथ साथ हिंदी और अंग्रेजी अखबार शुरू करने के बारे में सोचना चाहिए -इस तरह से हर तबके,हर मज़हब का अख़बार होगा.ये हम जैसे लोगों का अपमान नहीं होगा जो बिना किसी धर्म,मज़हब,जाति-पाति के सिर्फ इंसानियत की बात करना चाहते है। मौज़ूदा मीडिया भी हम सब का है और इसकी ग़लत बांतों पर विरोध भी हम सबका है। हम आपके साथ है।
adil bhai
April 29, 2011 at 7:41 am
अरे भाई ये तो बताओ की मामला क्या है भास्कर ने ऐसा क्या छाप दिया पूरी बात समझ में ही नहीं आ रही है
मैं अपना मोब.नंबर 09300533007 और ईमेल —[email protected] दे रहा अगर सार्वजनिक तौर पर आप पूरी जानकारी नहीं दे सकते तो मेरे मोब./ईमेल पर दे दीजिये |
आदिल अज़ीज़
u.s.awasthy
May 31, 2011 at 10:15 am
भास्कर ने ऐसा क्या छाप दिया पूरी बात समझ में ही नहीं आ रही है
Dr Mustaqeem Rao Amar Bharti
July 5, 2011 at 7:32 pm
distt saharanpur mein roads ki halat bad se badtar logo ko aane jane mein ho rahi hai pareshani
state government hai laparwah kya state government chunav se theek pahle sadaken banva kar janta ke 4 varso ke jakhmo ko bhula kar unka vote hadap liya jaye