यशवंत भाई जी नमस्कार, भड़ास में पढ़ रहा था कि न 42 लाख होंगे और न चलेंगे लोकल चैनल। मुझे इस बारे में पूरी जानकारी दी जाए कि यह कानून जम्मू कश्मीर में भी लागू होता है? जम्मू में ले देकर दो तीन ही लोकल चैनल हैं और उनमें से एक के मालिक ने तो इस कदर दादागिरी मचाई हुई है कि अपनी मर्जी से ही कोई राष्ट्रीय चैनल चलाता है तथा अपनी मर्जी से ही बंद कर देता है।
दूसरी बात मैं आपसे यह भी जानकारी चाहूंगा कि क्या जम्मू में चलने वाले लोकल चैनलों जेके चैनल के पास न्यूज चलाने अथवा दिखाने का केंद्र सरकार की तरफ से कोई लाइसेंस है या नहीं क्योंकि यह सारी बात दिल्ली से ही पता चल सकती है और आप राजधानी में बैठे हैं, आप के लिए पता लगाना थोड़ा आसान होगा। बाकि रही कमाई की बात इन लोगों ने चैनल के नाम पर तो बेईमानी, ठगी गरीबों का खून चूसने जैसे सारे हत्थकंडे अपनाए हुए हैं तथा जम्मू के आसपास हर जगह केबल ऑपरेटर बनाए हुए हैं, उनसे भी ढेर सारे पैसे वसूलते हैं।
अगर इनके पास 100 केबल के कनेक्शन हैं तो हिसाब में 50 ही होंगे, जिस कारण सरकार को यह लोग चैनल के नाम पर चपत लगा रहे हैं। यशवंत जी इन बेईमान चैनलों के मालिकों के खिलाफ नेता लोग भी नहीं बोलते क्योंकि उनका चेहरा तो यह लोग दिखाते हैं, लेकिन यह कभी जानने की कोशिश नहीं की कि क्या इन के पास न्यूज दिखाने का कोई प्रमाण-पत्र है या नहीं, या हवा में ही चैनल के नाम पर दादागिरी चला रहे हैं और लोगों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं ।
सोम दत्त
सांबा, जम्मू












pradeep sharma
April 29, 2011 at 2:13 pm
yashwantji…vishya gambhir he…bahut se sathiyon ko is vishya me jankaariyan nahi he….kripya kuch jankari uplabdh karane ka kast karen.
sandeep
April 29, 2011 at 5:29 pm
lokal chennen band ho jane chahiy
amit soni
April 29, 2011 at 6:14 pm
bhai yahi halat bundelkhand ke lalitpur ki hai . aur rahi baat inke khilaf kuch karne ki to aaj ke cabil operatar jo kabhi chay ke cup dhoya karte the aaj wo karodon ke malik hai lekin inke baare mai koi bhi sunne wala nahi … har month sarkar ko lakho ki chapat laga rahe hai ye cabil operators…