: परिजनों को भी किया जा रहा है प्रताडि़त : उत्तर प्रदेश में चल रहे घपले और घोटालो पर गाजियाबाद के जुझारु पत्रकार आजाद खालिद ने मायावती के भाई समेत कई नामों का खुलासा करके लगता है बहुत बड़ी गलती कर दी है। ताज्जुब इस बात का है कि दिल्ली की सरकार यदि कलमाड़ी, राजा जैसों को जेल भेज सकती है तो मायावती जी अपने भाई के नाम आने से ही इतना क्यों तिलमिला रही हैं।
आजाद खालिद के अखबार ‘दि मैन इन अपोजिशन’ की खबर अगर गलत थी उनको नोटिस दिया जा सकता था। लेकिन पिछले सात दिन से उनके घर की बिजली पानी काट दी गई। जबकि उनके घर का बिजली का आज की तारीख तक का बिल पहले ही जमा है। इसके अलावा उनकी प्रेस को सील कर दिया गया। जबकि प्रेस किसी और की थी और वो ना तो सम्पादक था और ना ही मालिक फिर भी आजाद के नाम एफआईआर दर्ज करके उत्तर प्रदेश सरकार ने केवल आजाद जी को ही दबाव में लेने के लिए एक ही दिन में कई एफआईआर दर्ज कर दी है। उधर उनके भाई जिसका इस पूरे मामले से कोई लेना देना नही था, उनको आजाद के बदले कई दिन तक थाने के वीआईपी कमरे में बिठा कर बिना बिना एफआईआर दर्ज किये ही छोड़ दिया।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.












m aslam
May 10, 2011 at 12:02 pm
khakid ke samerdhan mai patrakaro ko aage aana hogavarena satya likhana chorana hoga
rajesh sthapak 09329766651
May 11, 2011 at 3:12 am
yashvant ji jo hal khalid bhai ka huya h vesa hi hal pure desh ke patrkaro kah or iski mool vjah h patrkaro ki apsi gutbaji or peet ptrkarita or apni – apni dukane chalu rkhne ki mansha in ptrkaro ko brst rajnetayo ka virodh karne se rokti aa rhi h or yhi vjah h ki imandari se kam karne wale ptrkar chatukar or bhrst rajnetayo ke beech piste chle aa rhe h agar abhi bhi nhi jage to fir kbhi bhi nhi jagege…?
rajesh sthapak seoni mp 9329766651
khalid.photojournalist
May 10, 2011 at 8:04 pm
हिटलरी की हदें पार कर रही है यूपी सरकार,पाप का घडा भरने ही वाला है।
rajes kumar
May 10, 2011 at 3:13 pm
अगर यह वही आजाद खालिद है जो , ४ साल पहले आज तक के पत्रकार धीरेन्द्र पुंडीर की शिफारिश पर मुंबई आया था और यहाँ एक अच्छे खासे अखबार को बंद करा के दिल्ली लौट गया , तो इसकी बातो में मत आइये यह व्यक्ति झूठी पब्लिसिटी पाने के लिए कुछ भी कर सकता . मुंबई में यह आदमी साँझा लोकस्वामी का कार्यकारी सम्पादक बंद कर आया था. काम तो आता नहीं था सो यह चमचागिरी के सहारे यहाँ के स्टाफ के खिलाफ मालिक को भड़काने लगा . सबसे पहले यह स्थानीय सम्पादक विजय यादव को निशाना बनाया क्युकी विजय जी के सामने इसकी दाल गल नहीं रही थी . विजय जी का मुंबई की पत्रकारिता में एक अच्छा नाम है . इन्होने तेलगी से जुडी स्टोरी सबसे पहले १९/११/२००२ को की थी . यहाँ मई सिर्फ यही कहना चाहता हु की इस नाटकी पूरी कहानी सच्चाई समझे बगैर लोग सहानुभूति नहीं दर्शाए . – राजेश कुमार
Rizwan mustafa
May 10, 2011 at 1:11 pm
koi khas baat nahi hai patrkaro par zulm karne ka
sachchai chapiye Allah madad karenga
Dariye nahi
Yuvraj
May 10, 2011 at 2:02 pm
वैसे ये पत्रकार बिरादरी कर क्या रही है??? न टी. वी. पर कुछ न अखबार में| आचार डाल रही है क्या? या फिर ये खालिद जी ही ठीक नहीं हैं, इसलिए मीडिया भी चुप है?
ashiq ali sayed
May 10, 2011 at 2:27 pm
bade sharm ki baat hai ke koi patrakar apni kalam se kisi galat karya ka bhandaphod kar samaj ko nyay dilane ka prayas karta hai to use is tarah se pratadit hona padta hai desh ke bade bade media sanghatan kya kar rahe hain?,prasashan kya kar raha hai>iske liye kuch kiye jaane ki aavshyakta hai anyatha patrakar isitarah se dabaye jaate rahenge.
jai kumar jha
May 10, 2011 at 10:26 am
बस अब हमलोगों के लिए शर्म से डूब मरने की बारी है….इस देश में सत्य बोलना अपराध हो गया है मायावती जैसों की वजह से और हमलोग हाथ पर हाथ धरे बैठें हैं…
ziaur rahman
May 10, 2011 at 9:33 am
abhi to khalid g ki kati hai aage hamari bhi kat sakti hai. jb tk patraker aikjut nahi honge tb tak ye haraamkhor sarkar manmani karti rahegi. aapas ki tention chhodo aik ho jao. jb fourth class karmchari aik ho sakta hai to ham kyo nahi. ……… from Kunwar Ziaur Rahman Special Coresspondent Daily Akinchan Bharat Aligarh