जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पत्रकारिता के छात्र और छात्राएं आज भी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं. अनशनरत छात्रों मंगलवार को वीसी नजीब जंग से मुलाकात की और परीक्षा में बैठने की इजाजत मांगी. छात्र-छात्राओं ने मांग की कि मेडिकल ग्राउंड पर उन्हें हाजिरी में छूट दी जाए, वीसी ने उनकी बात सुनी लेकिन यूनिवर्सिटी नियमों व कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए फैसले में किसी तरह के बदलाव से इनकार कर दिया. इस बीच अनशनरत स्टूडेंट्स ने भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है.
वाइस चांसलर ने कहा कि अनशनरत विद्यार्थियों को समझा गया है कि विश्वविद्यालय उनका अहित नहीं चाहता है. विश्वविद्यालय अध्यादेश के मुताबिक ही फैसला लिया गया है. दूसरी ओर स्टूडेंट्स इस मामले को लेकर कोर्ट भी गए थे, कोर्ट ने भी विश्वविद्यालय के फैसले को सही ठहराया था. ऐसे में विश्वविद्यालय इन छात्रों का कोई मदद नहीं कर सकता. वीसी ने अनशनरत छात्रों को समझाया कि वे अपनी कक्षाओं में उपस्थित हों तथा किसी छात्र को अन्य प्रकार की किसी सहायता की जरूरत है तो विश्वविद्यालय यथा संभव उनकी मदद करेगा.
इस बीच मामला हल नहीं होने तक छात्र-छात्राओं ने अपना अनशन समाप्त नहीं करने का फैसला लिया है. भूख हड़ताल कर रहे कई छात्र-छात्राओं की हालत ठीक नहीं है. इस बीच जेयूपीएस (जर्नलिस्ट यूनियन फॉर सिविल सोसायटी) और अन्य कई संगठनों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल समेत कई लोगों को ज्ञापन सौंपा है.











