: बैंक का पैसा वापस न करने पर हाई कोर्ट ने दिया था आदेश : कई लोगों को चूना लगाने वाले रीयल एस्टेट कंपनी त्रिवेणी ग्रुप तथा वीओआई न्यूज चैनल के मालिक मधुर मित्तल के विरुद्ध शुक्रवार को स्टेट बैंक आफ इंडिया ने विधिक कार्रवाई की. बैंक ने उनके आगरा के कमला नगर स्थित आलीशान कोठी को सील कर दिया और उसे अपने कब्जे में ले लिया. यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर पौने दो करोड़ रुपये का बकाया अदा न करने पर की गई. मधुर मित्तल ने बैंक से ऋण ले रखा था.
कमला नगर के पाश इलाके में स्थित कोठी नम्बर नंबर ई-323 बिजनेसमैन मधुर मित्तल, सुमित मित्तल की मां राजकुमारी मित्तल के नाम पर है. पूरा मित्तल परिवार इन दिनों दिल्ली में रह रहा है. बुधवार की दोपहर दिल्ली से एसबीआई एसएएम (स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट) ब्रांच की आठ सदस्यीय टीम एके जैन के नेतृत्व में कोठी पर पहुंची. स्थानीय पुलिस के सहयोग से टीम ने कोठी के सभी कमरों के ताले तोड़े. इसके बाद सामान की गिनती की. बाद में सभी जगह अपने ताले लगा दिए. पुलिस और बैंक अधिकारियों ने वहां रह रहे कर्मचारियों और चौकीदारों को भी बाहर निकाल दिया. ड्राइंग रूम और गैलरी की ओर बने गेट और मेन गेट पर भी सील लगा दिया. छोटा गेट खुला छोड़ दिया गया ताकि बैंक के गार्ड वहां रहकर सम्पत्ति की देखभाल कर सके.
इसके बाद बैंक की तरफ से कोठी के बाहर ‘डिक्लेरेशन ऑफ पजेसन’ और ‘विधिक सूचना’ नोटिस चस्पा कर दिये गए. नोटिस पर लिखा है- ‘लोकधन वसूली हेतु विधि द्वारा स्थापित अधिकारों के तहत शासकीय बैंक इस संपत्ति पर प्रथम भार घोषित करता है.’ जानकारी के अनुसार मधुर मित्तल ने बैंक से भारी कर्ज ले रखा था. बैंक के अधिकारी एके जैन के मुताबिक मधुर मित्तल द्वारा लिए गए कर्ज की अदायगी नहीं की जा रही थी. इसके लिए मधुर मित्तल को बैंक ने 25 मई 2010 को नोटिस जारी किया था.
उन्होंने बताया कि नोटिस में बैंक ने मधुर मित्तल को 1.74 करोड़ की धनराशि ब्याज समेत 60 दिन में जमा करने को कहा था, परन्तु उन्होंने ऐसा नहीं किया. इसके अतिरिक्त वे डीआरटी (बैंकों के ट्रिब्यूनल) और सुप्रीम कोर्ट में भी हार चुके हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंक मैंनेजर को अधिकृत करते हुए मित्तल की संपत्ति पर कब्जा करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई. बाद में बैंक तय करेगा कि धन वसूली के लिए कौन सी प्रकिया अपनाई जाए.
बताया जा रहा है कि कार्रवाई की जद में आए मधुर मित्तल आगरा में भी कई लोगों को करोड़ों का चूना लगा चुके हैं. जिमखाना एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. आरके जग्गी के मुताबिक आगरा में बनाए गए जिमखाना प्रोजेक्ट में लोगों को आधुनिक सुविधाएं और वातानुकूलित कोठिया बनवाने के नाम पर पूरा पैसा लिया, परन्तु प्रोजेक्ट को आधा ही छोड़ दिया. इस मामले में भी मित्तल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई कर थी. इसके अतिरिक्त सिकंदरा में रंगोली प्रोजेक्ट, मथुरा में वाटिका प्रोजेक्ट में भी पूरा पैसा लेकर काम अधूरा छोड़ दिया.
इसके अलावा वीओआई यानी वॉयस ऑफ इंडिया चैनल को लेकर भी मधुर मित्तल मुश्किलों में घिरे हुए हैं. तमाम कर्मचारियों को उनकी सेलरी न देने के अलावा अमित सिन्हा से भी इसको लेकर कोर्ट में मामला चल रहा है.












Ritesh shrivastava hellomedia
November 18, 2013 at 6:17 am
420 aadmi hai hamare sath bhi dokha kiya hi