वीओआई के मालिक मधुर मित्‍तल की कोठी सील, बैंक ने लगाया ताला

: बैंक का पैसा वापस न करने पर हाई कोर्ट ने दिया था आदेश : कई लोगों को चूना लगाने वाले रीयल एस्टेट कंपनी त्रिवेणी ग्रुप तथा वीओआई न्‍यूज चैनल के मालिक मधुर मित्तल के विरुद्ध शुक्रवार को स्टेट बैंक आफ इंडिया ने विधिक कार्रवाई की. बैंक ने उनके आगरा के कमला नगर स्थित आलीशान कोठी को सील कर दिया और उसे अपने कब्‍जे में ले लिया. यह कार्रवाई दिल्‍ली हाई कोर्ट के आदेश पर पौने दो करोड़ रुपये का बकाया अदा न करने पर की गई. मधुर मित्‍तल ने बैंक से ऋण ले रखा था.

अमित सिन्हा के खिलाफ किशोर मालवीय ने दर्ज कराया मुकदमा

: चारसौबीसी का मुकदमा दर्ज : पुलिस कभी भी कर सकती है गिरफ्तार : क्राइम सेल ने घर पर छापेमारी की : एक था वायस आफ इंडिया. संक्षेप में वीओआई कहा जाता था. अब तो लोग इस नाम, इस शब्द को भी नहीं सुनना चाहते. किसी दुखती रग की तरह है यह नाम. सैकड़ों लोगों की जिंदगियों और करियर को तबाह करने वाला यह नाम. सैकड़ों अरमानों के टूटने का कारण बनने वाला यह नाम. पर इस वीओआई की कहानी खत्म नहीं हुई है.

मित्तल के अनुरोध पर वीओआई आफिस को कोर्ट ने लिया कब्जे में

वायस आफ इंडिया उर्फ वीओआई न्यूज चैनल का असली मालिक कौन? यह विवाद सुलझाने की दिशा में कोर्ट ने तेजी से कदम उठाना शुरू कर दिया है. सुमित मित्तल, मधुर मित्तल व अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने इन याचिकाकर्ताओं के अनुरोध पर वायस आफ इंडिया के नोएडा स्थित मुख्यालय को सील कर इसे अदालत के कब्जे में लेने की कार्यवाही शुरू करने का आदेश आठ अक्टूबर 2010 को दिया. इस आदेश का अनुपालन भी करा दिया गया है. नोएडा स्थित वीओआई मुख्यालय के गेटों पर लगी सील को यहां प्रकाशित तस्वीरों में देखा जा सकता है. साथ ही कोर्ट के आदेश की एक प्रति को भी यहां प्रकाशित किया जा रहा है.

40 करोड़ चुकाएं, शेयर दें मित्तल : अमित सिन्हा

वीओआई के मालिकाना हक को अमित सिन्हा का ट्रांसफर किए जाने को लेकर मित्तल ब्रदर्स के साथ जो समझौता हुआ था, उसमें तय हुआ था कि वीओआई की जितनी भी लायबिलिटी है, उसे मित्तल चुकाएंगे और अमित सिन्हा जो पैसे देंगे, उसी अनुपात में उन्हें वीओआई के शेयर ट्रांसफर किए जाएंगे. पर ऐसा अब तक नहीं हुआ. यह कहना है अमित सिन्हा का. भड़ास4मीडिया को उन्होंने इस बाबत लिखे पत्र की एक कापी दी है, जिसे यहां प्रकाशित किया जा रहा है. -एडिटर

कोर्ट ने अमित सिन्हा के हाथ-पांव बांधे

वायस आफ इंडिया उर्फ वीओआई का मामला उलझता जा रहा है. मित्तल बंधुओं की त्रिवेणी मीडिया और अमित सिन्हा की सर्चालाइट मूवीज के बीच वीओआई को लेकर जो समझौता हुआ था, उसको लेकर मित्तल बंधुओं ने कोर्ट में केस दायर कर दिया है. आज दिल्ली हाईकोर्ट ने एक आदेश जारी कर अमित सिन्हा से त्रिवेणी मीडिया लिमिटेड के दफ्तरों-ब्यूरो आफिसों में स्थित सामानों, उपकरणों आदि को किसी को हस्तांतरित करने, नुकसान पहुंचाने आदि पर रोक लगा दी है.

मित्तल बंधुओं को ‘वीओआई’ सौंपेंगे अमित!

: वीओआई के एकाउंटेंट आलोक शुक्ला ने अमित सिन्हा के खिलाफ पुलिस में शिकायत की : वायस आफ इंडिया उर्फ वीओआई के संबंध में खबर है कि इस न्यूज चैनल के संचालन का अधिकार एक बार फिर त्रिवेणी मीडिया को मिलने वाला है. त्रिवेणी मीडिया से जुड़े उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि अमित सिन्हा की कंपनी सर्चलाइट मूवीज ने सुमित मित्तल और मधुर मित्तल की कंपनी त्रिवेणी मीडिया से वीओआई के संचालन का अधिकार कई शर्तों के साथ हासिल किया था. इन शर्तों में हर माह एक निश्चित रकम मित्तल बंधुओं को देना भी शामिल था.

‘वीओआई’ ठप, कब्जे की लड़ाई शुरू

: बुरे फंस गए हैं अमित सिन्हा : कई करोड़ बकाया, कई चेक बाउंस : मित्तल बंधुओं का भरोसा टूटा : चैनल वापस लेने के लिए कोर्ट गए : वायस आफ इंडिया (वीओआई) का उद्धार करने के बड़े-बड़े दावों के साथ सामने आए जर्नलिस्ट टर्न्ड अंटरप्रिन्योर अमित सिन्हा बुरी तरह फंस चुके हैं. नोएडा स्थित वीओआई मुख्यालाय में न बिजली है न पानी है. कोई स्टाफ नहीं है. सिर्फ सिक्योरिटी गार्ड टहल रहे हैं. चैनल पूरी तरह ब्लैकआउट है. पूरी तरह बंद है. मित्तल बंधुओं से चैनल खरीदने के दावे के बाद चैनल री-लांच में जितने लोग जुड़े थे, अब सब वीओआई छोड़ चुके हैं.

दो मामलों में फंसे अमित सिन्हा

अमित सिन्हावायस आफ इंडिया उर्फ वीओआई न्यूज चैनल के निदेशक अमित सिन्हा बुरे फंस चुके हैं. चैनल चला पाने में असफल दिख रहे अमित दो संगीन मामलों में भी फंसते नजर आ रहे हैं. उनके खिलाफ नोएडा के सेक्टर 58 थाने में वीओआई के कुछ कर्मियों ने सेलरी मांगने पर जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई. मुंबई में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के कर्ताधर्ता ने आरोप लगाया है कि एक सहायतार्थ मैच में दो करोड़ की स्पांसरशिप लाने के लिए अमित सिन्हा ने दस लाख रुपये लिए पर मैच से ठीक पहले कह दिया कि कोई स्पांसर नहीं मिल रहा. बात करते हैं जान से मारने की धमकी वाले एफआईआर की. नोएडा के सेक्टर 58 थाने में वीओआई के एक एंकर फसाहत ने अमित सिन्हा के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है.

वीओआई : मीडियाकर्मियों की निर्णायक जंग शुरू

डील न हो पाने के कारण वीओआई से अमित सिन्हा के अलग होने और मित्तल बंधुओं के चैनल बंद करने की घोषणा के बाद वीओआई कर्मियों ने फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के लिए निर्णायक जंग शुरू करने का ऐलान किया है। वीओआई के सभी कर्मचारी कल वीओआई के नोएडा स्थित आफिस से एक साथ प्रदर्शन शुरू करेंगे और चैनल के मालिक मधुर और सुमित मित्तल के घर के सामने पहुंचेंगे। वे सुमित और अमित के घर के सामने बेमियादी धरना देने की योजना बना चुके हैं। इनका कहना है कि जब तक उनका एक-एक पाई का हिसाब नहीं कर दिया जाता, वे चैन से बैठने वाले नहीं हैं। जानकारी के मुताबिक वीओआई के कर्मचारी आज ही सुमित और मधुर मित्तल के घर धरना देने जा रहे थे पर इसकी भनक मित्तल बंधुओं को लग गई और उन्होंने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुला लिया।

वीओआई का उद्धार कर पाएंगे अमित सिन्हा?

[caption id="attachment_14922" align="alignleft"]अमित सिन्हा, निदेशक, वीओआईअमित सिन्हा, निदेशक, वीओआई[/caption]त्रिवेणी ग्रुप के न्यूज चैनल वायस आफ इंडिया के नए कर्ता-धर्ता हैं अमित सिन्हा। निदेशक और सीईओ के रूप में अमित वीओआई को पटरी पर लाने, इसके कंटेंट को सुधारने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की कवायद में जुट गए हैं। कौन हैं ये अमित सिन्हा?  त्रिवेणी ग्रुप के साथ इनकी किस तरह की सहमति बनी है?  किसने लगाया है वीओआई में पैसा?  वीओआई का क्या है भविष्य?  अमित की क्या है रणनीति?  त्रिवेणी के मालिक मित्तल बंधु वीओआई के रोजाना के कामधाम में कितना करेंगे हस्तक्षेप?  इन कई सवालों को लेकर भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह ने वीओआई के निदेशक अमित सिन्हा से बातचीत की। पेश है इंटरव्यू के कुछ अंश-