नयी दिल्ली की एक फास्ट ट्रैक अदालत ने उन पांच आरोपियों को रिहा कर दिया है जिन्हें खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर तहलका पत्रिका के दो पत्रकारों तरूण तेजपाल और अनिरूद्ध बहल की हत्या की साजिश रचने के आरोप में वर्ष 2001 में गिरफ्तार किया गया था. उन दिनों तहलका पत्रिका ने रक्षा सौदे में कथित भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था जिसके कारण तत्कालीन सरकार की काफी किरकिरी हुई थी.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक अदालत) गुरविन्दर पाल सिंह ने कहा, ‘सभी आरोपियों को संदेह का लाभ दिया जाता है और उन्हें अपराध मुक्त किया जाता है. अगर अन्य मामलों में उनकी दरकार नहीं है तो जेल अधीक्षक को उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया जाता है.’ अदालत ने जिन पांच लोगों को रिहा किया है, उनमें दिल्ली निवासी अनिल कुमार सेहरावत, राकेश सोलंकी, राजकुमार और ओमवीर तथा गाजियाबाद निवासी दिनेश कुमार त्यागी शामिल हैं. दिल्ली पुलिस ने कथित सरगना बिहार निवासी भूपिन्दर त्यागी के साथ पांच लोगों को चार मई 2001 को गिरफ्तार किया था. उन्हें आईएसआई के साथ मिलकर तेजपाल और बहल की हत्या का षडयंत्र रचने का आरोप था ताकि शक की सूई तत्कालीन सरकार की ओर हो.
पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ राजद्रोह, आपराधिक षडयंत्र और धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे. पुलिस का आरोप था कि उन्होंने आईएसआई के साथ मिलकर दोनों पत्रकारों की हत्या की साजिश रची थी ताकि देश में राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति पैदा हो सके और भारत सरकार की छवि खराब हो सके. दिल्ली पुलिस ने चार मई 2001 को टाटा सफारी कार से कथित तौर पर बड़ी मात्रा में हथियार एवं विस्फोटक बरामद किए थे. पुलिस के अनुसार छह लोगों को गिरफ्तार किया गया और नकली नोट भी बरामद किए गए. पुलिस ने सुनवाई के दौरान तेजपाल और बहल सहित 21 गवाह पेश किए लेकिन वे अदालत को संतुष्ट नहीं कर सके.












tarun kumar sharma
May 25, 2011 at 6:45 pm
very bad. ya hamaray dash ki ajeeb wedambna hai ki jo dosi hotay hai wo chut jaatay hai. aur jin logo nay koi apradh nahi keya wo jail may sadd rahay hai.