जोधपुर में खबर कवरेज करने गए तीन पत्रकारों के साथ ट्रेनी आईपीएस अजय सिंह ने बदसलूकी करते हुए जबरदस्ती थाने से बाहर निकलवा दिया। इससे नाराज पत्रकार इसका विरोध करते हुए धरना पर बैठ गए तथा ट्रेनी आईपीएस को हटाने की मांग करने लगे। पहले से पुलिस अधिकारियों ने मामले को टालने की कोशिश किया, परन्तु जब पत्रकार नहीं माने से अजय सिंह को वहां से हटा दिया गया।
यह घटना जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में हुई। मीडियाकर्मी देह व्यपार में पकड़ी गई महिलाओं से संदर्भित समाचार का कवरेज करने के लिए गए थे। इसमें पी-7 चैनल के रिपोर्टर, पत्रिका टीवी के कैमरामैन राजू रामदेव और राजस्थान पत्रिका के फोटो जर्नलिस्ट चन्द्रप्रकाश कुमावत शामिल थे। हाउसिंग बोर्ड थाने का प्रभार प्रशिक्षु आईपीएस अजयसिंह के पास था। तीनों मीडियाकर्मी थाने पहुंच कर रिसेप्शन पर खड़े होकर समाचार के बारे में पूछताछ कर रहे थे, इतने में अजयसिंह धड़धड़ाते हुए अंदर आए। उन्होंने आते ही पूछा कि आप लोग कौन हो और थाने में क्यों आए हो?
तीनों मीडियाकर्मियों ने बारी-बारी से अपना परिचय दिया ही था कि अजयसिंह का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई थाने के अंदर घुसने की। यहां कोई न्यूज़-व्यूज़ नहीं है,चलो निकलो यहां से बाहर। मीडियाकर्मियों ने कहा कि वे न्यूज कवरेज के लिए थाने आए हैं, इसके पहले भी आते रहे हैं। यह सुनते ही अजयसिंह मीडियाकर्मियों को धकियाने लगे। उनका साथ उनके गनर घेवरराम ने भी दिया। दोनों ने मिलकर तीनों मीडियाकर्मियों को जबरदस्ती धक्का देकर थाने से बाहर निकाल दिया और कहा कि दोबारा थाने में घुसने की जुर्रत मत करना।
इस घटना की जानकारी मिलने पर पत्रकारों में नाराजगी फैल गई। वरिष्ठ पत्रकार एमआर मलकानी, ललित परिहार, भानवार जंगीद, सीएम कल्ला , राजेन्द्रसिंह सांजू, सुनील दत्त, विक्रम दत्त, संगीता शर्मा सहित बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी वहां पहुंच गए। उन्होंने अजयसिंह को थाने से हटाने की मांग को लेकर थाने के चौक में धरना दे दिया। परन्तु पुलिस अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद पत्रकारों ने अपने आंदोलन को तेज करते हुए शहर के प्रमुख नई सड़क चौराहे पर धरना दिया। धरने में कांग्रेस व भाजपा के जिलाध्यक्ष व अन्य नेता और शहर के कई संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। आखिर में मजबूर होकर पुलिस आयुक्त भूपेन्द्र कुमार दक ने अजयसिंह थाने से हटा दिया। अजय सिंह को हटाए जाने की जानकारी पुलिस उपायुक्त राजेश मीणा ने धरने पर पत्रकारों को दिया, जिसके बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त किया।












मदन कुमार तिवारी
June 26, 2011 at 10:40 am
आईपीएस और आई ए एस इस देश को बर्बाद कर रहे हैं । हराम की दौलत से कोचिंग करके ,आई ए एस और आई पी एस बनने वाले समझते हैं दुनिया में सबसे काबिल यही हैं । देश को सबसे पहले इनसे छुटकारा पाने की जरुरत है ।
deepu
June 26, 2011 at 7:30 pm
Media ki prostitutes mein kya dilchaspi thee ? Vo chhudane gaye the ya cover karne??kya mike-camera hath mein aa jane se sare niyam kayde tak mein chale gaye ???na afsaron ko galat fahmee honi chahiye aur na media ko ki ve chahe jo kar sakte hain…media bhee maryada mein rahe to behtar ho !
चंदन कुमार मिश्र
June 26, 2011 at 7:49 pm
मदन जी की बात बहुत हद तक सहमत।
md khan
June 27, 2011 at 9:17 am
मदन जी की बात बहुत हद तक सहमत।
rajiv god
July 1, 2011 at 1:29 pm
jodhpur ke patrkaro me se khuch farji patrkar bethe the dharne par ye sab jante hai is liye patrkaro ko dobara dharne par bethna pada our bad me chup chap dharna hatana pada ye sharm ki bat hai