दिल्ली में कुछ और पत्रकार बेरोजगार हो गए हैं. कारण दिल्ली से एक और अखबार बंद हो गया है. खबर है कि स्वाभिमान टाइम्स का प्रकाशन अब नहीं हो रहा है. यह अखबार पिछले चार दिनों से प्रकाशित नहीं हो रहा है. लांचिंग के बाद से ही आपसी विवादों और मनमुटावों से जूझ रहा स्वाभिमान टाइम्स आखिरकार बंद कर दिया गया है. हमारा महानगर, समय सारांश के बाद दिल्ली से बंद होने वाला यह तीसरा अखबार है.
सूत्रों ने बताया कि अखबार का प्रकाशन फिलहाल ग्वालियर से हो रहा है. यहां कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि दिल्ली एडिशन को अखबार के सीएमडी बनवारी लाल कुशवाहा के आदेश के बाद बंद कर दिया गया है. इसी के साथ अखबार से जुड़े सैकड़ों कर्मचारी और पत्रकार बेरोजगार हो गए. एक साल से भी कम समय तक जीवन जी पाने वाले बिग ब्राडकास्टिंग एंड मल्टीमीडिया कारपोरेशन लिमिटेड के बैनर तले प्रकाशित स्वाभिमान टाइम्स की शुरुआत अच्छी रही थी. परन्तु आपसी गुटबाजी के चलते यह अखबार बंद हो गया.
कुछ दिन पहले ही इसके संपादक निर्मलेंदू शाहा यहां से इस्तीफा देकर साई प्रसाद ग्रुप के अखबार हमवतन से जुड़ गए थे. उसके पहले वरिष्ठ समाचार संपादक चण्डीदत्त शुक्ला ने इस्तीफा दे दिया था. हालांकि प्रबंधन की योजना इस अखबार को यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान से लांच करने की थी, परन्तु अब दिल्ली एडिशन के बंद होने के बाद इन उम्मीदों को गहरा झटका लगा है.












rajbali
July 8, 2011 at 12:27 pm
band hone ke sath hi nirmalendu ne to badee tagdee deal kar lee hai. kal rat use kareeb 3 lakh rupees mile hain mamla settle karvane ke khatir. baki sab ko sirf ek maheene ki sailary milee hai. mamla serius hai.
rajbali
July 8, 2011 at 5:30 pm
nirmaledu ne kahne ko isteefa diya tha. kal rat hue fianal payment me sabse jyada fayda unhi ka hi hua hai. darasal vah dalal ki bhoomika me to the per sabse jayda note unhi ko hi mile hain. baki staff ko sirf ek maheene ki sailary mili hai, jabki nirmal pa gaye hain 6 mah ki. bahut bada khel kiya hai unhone.
vinni
September 29, 2011 at 10:28 am
magar swabhiman time ne sampadak aur unke chand chamchon ko chhodkar kisi ko paisa nahin diya, beimani ki hai