दिल्‍ली से स्‍वाभिमान टाइम्‍स का प्रकाशन बंद

दिल्‍ली में कुछ और पत्रकार बेरोजगार हो गए हैं. कारण दिल्‍ली से एक और अखबार बंद हो गया है. खबर है कि स्‍वाभिमान टाइम्‍स का प्रकाशन अब नहीं हो रहा है. यह अखबार पिछले चार दिनों से प्रकाशित नहीं हो रहा है. लांचिंग के बाद से ही आपसी विवादों और मनमुटावों से जूझ रहा स्‍वाभिमान टाइम्‍स आखिरकार बंद कर दिया गया है. हमारा महानगर, समय सारांश के बाद दिल्‍ली से बंद होने वाला यह तीसरा अखबार है.

निर्मलेंदु का ‘स्वाभिमान’ से संबंध खत्म, ‘हम वतन’ के कार्यकारी संपादक बने

: अपडेटेड : न्यूज एक्सप्रेस चैनल टेस्ट रन के लिए तैयार : साईं प्रसाद मीडिया ग्रुप का मीडिया स्कूल भी इसी सत्र से : खबर है कि निर्मलेंदु साहा स्वाभिमान टाइम्स हिंदी दैनिक को गुडबाय कहने वाले हैं. पिछले कई महीने से स्वाभिमान टाइम्स में आंतरिक स्थितियां खराब चल रही थी. इसके कारण संपादक निर्मलेंदु साहा इस्तीफा देने का मन बना चके थे. इसी बीच हम वतन का आफर उनके पास पहुंचा तो उन्होंने स्वीकार कर लिया.

चंडीदत्‍त देंगे स्‍वाभिमान से इस्‍तीफा, हरेंद्र ने स्‍वदेश छोड़ा

स्‍वाभिमान टाइम्‍स से खबर है कि चंडीदत्‍त शुक्‍ल कार्यालय नहीं जा रहे हैं. उन्‍होंने अभी तक संस्‍थान को इस्‍तीफा नहीं दिया है परन्‍तु माना जा रहा है कि वे संस्‍थान को अलविदा कह देंगे. वे यहां पर सीनियर न्‍यूज एडिटर थे. चंडीदत्‍त इसके पहले लम्‍बा समय दैनिक जागरण के साथ गुजार चुके हैं. कवि के रूप में पहचान रखने वाले चंडीदत्‍त फोकस टीवी को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

”अगर मुझे कुछ होता है तो उसके जिम्‍मेदार आप और बनवारी लाल कुशवाहा होंगे”

प्रतिष्ठा में, श्री निर्मलेंदु साहा, सम्पादक, स्वाभिमान टाइम्स, नई दिल्ली. महोदय, आज दिनांक 14 मार्च 2011 को प्रात: 10 बजकर 56 मिनट पर 09309052522 नंबर से मेरे पास एक फोन आया. फोन पर स्वाभिमान टाइम्स के सीएमडी श्री बनवारी लाल कुशवाहा ने मुझसे बात की. वे मुझसे अभद्र भाषा में बात कर रहे थे और कह रहे थे कि धौलपुर में उनके मिल्क प्लांट के उद्घाटन की खबर के 15 फोटो प्रथम पृष्ठ पर क्यों नहीं छपे. वह मुझे बार-बार निपट लेने की धमकी दे रहे थे.

कामरेडों ने स्वाभिमान टाइम्स को कंडेम किया

पिछले दिनों दिल्ली से निकलने वाले अखबार स्वाभिमान टाइम्स ने 27 जनवरी को पहले पन्ने पर वामपंथियों को अपराधी और लुटेरे बताते हुए खबर छापी। खबर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रणव मुखर्जी के कथित बयान के हवाले से कि वामपंथी अपराधी और लुटेरे होते हैं, एक पूरी बहस करने की कोशिश की गई है। जिस पर अखबार के रिपोर्टर राम प्रकाश त्रिपाठी ने कई लोगों के बयानों के साथ वामपंथियों को अपराधी और लुटेरे पुष्ट करने की कोशिश की है।

पी7न्यूज में दो ने इस्तीफे का नोटिस भेजा

: अपडेट : स्वाभिमान टाइम्स जाने की तैयारी : पी7न्यूज से खबर मिली है कि दो पत्रकारों ने प्रबंधन को अपने इस्तीफे का नोटिस थमा दिया है. इनका इस्तीफा अभी स्वीकार किया नहीं गया है. बताया जा रहा है कि ये दोनों लोग हिंदी दैनिक स्वाभिमान टाइम्स से जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं.

स्वाभिमान टाइम्स को संपादकीय सहयोगियों की जरूरत

कया आप पत्रकार हैं और समाज के हित कुछ खास करना चाहते हैं, लेकिन उचित मौका और बेहतर प्लेटफॉर्म आपको अब तक नहीं मिल पाने के कारण आप अपना  टैलेंट दिखाने में सक्षम नहीं हो पाए ..? हम देंगे आपको ये मौका और प्लेटफॉर्म। नया रूप, नई सज्जा, नए तेवर और कलेवर के साथ राजधानी दिल्ली से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय दैनिक समाचार-पत्र ‘स्वाभिमान टाइम्स’ को योग्य, कुशल, अनुभवी और बड़ी-बड़ी हस्तियों से संपर्क रखने वाले संपादकीय सहयोगियों (उप-संपादकों, वरिष्ठ उप-संपादकों, मुख्य उप-संपादकों) के अलावा, संवाददाताओं और फोटो पत्रकारों की जरूरत है।

स्‍वाभिमान टाइम्‍स के एडिटर बने निर्मलेंदु साहा

साहान्‍यूज 24, नोएडा के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर और वरिष्ठ पत्रकार निर्मलेंदु साहा ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने दिल्‍ली से प्रकाशित होने वाले स्‍वाभिमान टाइम्‍स में ज्‍वाइन किया है. वे यहां पर एडिटर के रूप में अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं. साहा की गिनती प्रिंट के जाने माने पत्रकारों में होती है. अपने 33 वर्षों के पत्रकारीय करियर में निर्मलेंदु ने शुरुआत 1977 में एसपी सिंह के साथ रविवार से की थी. वे एमजे अकबर के सानिध्‍य में भी काम कर चुके हैं.

मायावती जी, सुन लीजिए एक मां का दर्द!

स्‍वाभिमान: मिशन-स्वाभिमान : यूपी के एक थाने में 18 घंटे तक बिठाई गईं बेगुनाह महिलाएं : अब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं : नई दिल्‍ली, संवाददाता। देश की राष्ट्रपति, लोक सभाध्यक्ष, केंद्र में सत्तासीन दल की मुखिया, दिल्ली की सीएम और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री…ये सब महिलाएं हैं। ताक़तवर पदों पर आसीन हैं। दावा है—ये दौर महिला सशक्तीकरण का है पर सच क्या है? जानना चाहेंगे, वो दहला देगा।

स्‍वाभिमान टाइम्‍स की लांचिंग

स्‍वाभिमान कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता…एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों… हिंदी गजलकार दुष्यंत कुमार की इन पंक्तियों के साथ उद्बोधन की शुरुआत करते हुए बिग ब्रॉडकास्टिंग एंड मल्टीमीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन बनवारी लाल कुशवाह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मन में लगन हो, सच्चा प्रयास किया जाए, हौसला बना रहे, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।