बिहार के युवा पत्रकार सुबोध कुमार नंदन को उनके पुस्तक ‘बिहार के पर्यटन स्थल और सांस्कृतिक धरोहर’ को पर्यटन मंत्रालय की ओर से राहुल सांकृत्यायन पर्यटन पुरस्कार योजना 2009-10 के तहत प्रथम पुरस्कार मिला है. पिछले वर्ष यह पुरस्कार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को उनकी पुस्तक ‘हिमालय का महाकुम्भ नन्दा राजजात’ को प्रथम पुरस्कार मिला था. नंदन की पुस्तक का प्रकाशन प्रभात प्रकाशन नई दिल्ली ने किया है.
पुरस्कार के रूप में सुबोध कुमार नंदन को बीस हजार रुपये का चेक और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है. उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष (दस दिसम्बर) को पटना में आयोजित ‘पुस्तक मेला’ में इस पुस्तक का लोकार्पण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था. सुबोध कुमार नंदन की यह पहली पुस्तक है. इसके पूर्व पर्यटन क्षेत्र में बढ़ावा व जागरुकता पैदा करने के लिए 2008 में श्री नंदन को बिहार सरकार ने पर्यटन सम्मान प्रदान किया था. वर्तमान में सुबोध कुमार नंदन हिंदुस्तान (भागलपुर) में संपादकीय विभाग में कार्यरत हैं.
श्री नंदन पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में हैं. देश के सभी प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में उनके आलेख विशेषकर पर्यटन व पुरातत्व पर प्रकाशित हो चुके हैं. इसके अलावा भारतीय रेल, सेल अर्पण, कादम्बनी, बिहार आदि पत्रिकाओं में भी आलेख का प्रकाशन होता रहता है. ज्ञातव्य है कि पर्यटन मंत्रालय की ओर से पर्यटन से संबंधित विषयों पर मूल रूप से हिंदी में लिखी गई पुस्तकों को पुरस्कृत करने के लिए ‘राहुल सांकृत्यायन पर्यटन पुरस्कार योजना’ चलाई जा रही है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय पर्यटन से संबंधित विषयों पर हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन को बढ़ावा देना है.












dr subodh
July 11, 2011 at 11:31 pm
subodh ji puraskar ki badhi
aage aur bhi award aap wait kar rahe hai
Tarkeshwar Mishra
July 12, 2011 at 1:44 pm
बधाई.
rajeev upadhyay
July 12, 2011 at 2:10 pm
subhodh ji apko hardik badhi……….aiase hi our achcha likhe…….abhi hal hi mein meri bhi pustak aayi hai…..ye mere janpad ke itihasik jalashyo par aadharit hai………rajeev upadhyay …juniour sub, daini
आनन्दवर्धन प्रियवत्सलम
July 12, 2011 at 3:22 pm
सुबोध कुमार नंदन ने वाकई पुरातत्व और पर्यटन को लेकर कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। फिर उन कामों को पत्रकारिता के माध्यम से आमलोगों को सामने भी लाया। खासकर बिहार के पर्यटन के क्षेत्र में। उन्हें इस पुरस्कार के लिए हार्दिक बधाई
anupnarayan singh
August 29, 2011 at 7:35 am
sir ji badhi ho