अम्बाला से प्रकाशित होने वाले अमर उजाला और पंजाब केसरी ने कालका मेल दुर्घटना के कवरेज में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में नकली डाटा छाप दिया. जबकि वास्तविकता ऐसी नहीं थी. इन्होंने अपने हिसाब से फर्जी आंकड़ा लिख डाला जबकि वास्तव में इतना कुछ भी नहीं हुआ था. इनकी खबरें गलत दूसरे दिन इनकी खबरें गलत साबित हुईं. जिसके बाद लोग इन पर थू-थू कर रहे हैं.
गौरतलब है कि कालका मेल का अंतिम स्टेशन अम्बाला रेल मंडल में पड़ता है. यह ट्रेन हावड़ा से चलकर कालका आ रही थी. इसे देखते हुए पंजाब केसरी ने लिखा कि अम्बाला रीजन के सात लोगों की मौत इस हादसे में हो गई. अमर उजाला ने छाप दिया कि अम्बाला रीजन से ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या 211 है, जबकि वास्तविक संख्या 40 के आसपास थी.
इन दोनों अखबारों ने ऐसा तब किया जबकि अम्बाला रेल मंडल की तरफ से ऐसा कोई भी डाटा देर शाम तक जारी नहीं किया गया था. इन फर्जी खबरों से नाराज रेलवे ने दोनों अखबारों नोटिस जारी कर दिया है. रेलवे इनसे गलत खबर प्रकाशित करने के बारे में जानकारी मांगी है. जब इन दोनों अखबारों की सच्चाई लोगों के सामने आई तो वे ऐसी खबरों को सनसनी बनाकर पेश करने लिए लोगों ने खूब थू-थू किया.














gagan
July 15, 2011 at 11:10 am
ye saale khud hi farz hai to fazi hi aakde dalenge
धीरेन्द्र
July 17, 2011 at 6:14 am
isme galat kya hai.