: भ्रष्टाचार में डूबा जिला महिला चिकित्सालय प्रशासन अब गुण्डागर्दी पर उतारू : अस्पताल में धरना, जुलूस निकाला, डीएम आफिस पर पत्रकारों ने किया प्रदर्शन : डीएम और एसपी ने आक्रोशित पत्रकारों को मनाया, मांगी दो दिन की मोहलत : जौनपुर : भ्रष्टाचार में आकण्ठ डूबे और किसी न किसी मामले को लेकर सुर्खियों में रहने वाले जिला महिला चिकित्सालय का प्रशासन अब गुण्डागर्दी पर उतारू हो गया है।
यह अस्पताल प्रशासन अभी तक तो केवल मरीजों एवं उनके तीमारदारों से जबर्दस्ती धनउगाही करता रहा, लेकिन अब देश के चौथे स्तम्भ पर भी प्रहार करना शुरू कर दिया है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को उस समय देखने को मिला जब प्रसव के दौरान चिकित्सक की लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा की मौत के बाद फोटो कवरेज करने गये एक छायाकार पर चिकित्सक के अलावा आधा दर्जन स्टाफकर्मियों ने मिलकर हमला कर दिया और उसे कसाई की तरह पीटा। इससे छायाकार के शरीर पर आधा दर्जन से अधिक जगहों पर काफी चोटें आयीं। छायाकार की जान वहां मौजूद लोगों द्वारा बीच-बचाव करने पर बच सकी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छायाकार को अस्पताल के एक कमरे में बंद कर बुरी तरह मारा-पीटा गया तथा उसका कैमरा भी छीनकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सोने की चेन और उसकी जेब में रखे रुपये भी छीन लिये गये। मालूम हो कि शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के चितरसारी मोहल्ले की एक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे जिला महिला चिकित्सालय लाये। परिजनों के अनुसार आये दिन सुर्खियों में रहने वाली डा. रीता दुबे ने प्रसव के लिये मोटी रकम की मांग की। परिजन जब तक रकम की इंतजाम करते, महिला की तड़प-तड़पकर मौके पर ही मौत हो गयी। चर्चा है कि उक्त महिला के पेट में बच्चा मरा था जिसका बाहर से अल्ट्रासाउण्ड कराने को कहा गया। परिजनों द्वारा आपरेशन करके बच्चे को निकालने के लिये कहा गया लेकिन चिकित्सक ने कहा कि नार्मल ही डिलवरी हो जायेगी।

डिलवरी होते ही महिला की मौत हो गयी जिस पर परिजन हंगामा करने लगे। जानकारी होने पर वाराणसी से प्रकाशित हिन्दी दैनिक समाचार पत्र दैनिक जागरण का फोटोग्राफर अजीत चक्रवर्ती पहुंचे और फोटो बनाने लगे तो डा. रीता दुबे उन पर बिफर गयीं। वे आस-पास मौजूद अपने परिचितों एवं स्टाफकर्मियों को बुलाने लगीं। फिर सभी ने मिलकर छायाकार का कैमरा छीनकर तोड़ दिया और छायाकार को एक कमरे में बंद कर जमकर पीटने लगे। इससे छायाकार गम्भीर रूप से जख्मी हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही जिले भर के पत्रकार अस्पताल पर एकत्रित हो गये और डा. दुबे सहित अन्य हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करने की मांग करने लगे। इसी मांग पर मीडियाकर्मी दोपहर 2 बजे तक वहीं धरने पर बैठ रहे।
बाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मधुसूदन शर्मा, निवर्तमान सिटी मजिस्ट्रेट बाल मयंक मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक नगर जगदीश शर्मा पहुंचकर आक्रोशित पत्रकारों को मनाने लगे। पत्रकार दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में वहां से पैदल ही सैकड़ों की संख्या में पत्रकार एक विशाल जुलूस निकालकर नगर भ्रमण करते हुये कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां धरने पर बैठ गये। इस दौरान पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया।

यहां जिलाधिकारी गौरव दयाल एवं पुलिस अधीक्षक एसके भगत ने पत्रकारों को मनाकर जिलाधिकारी के चेम्बर में ले गये जहां पत्रकारों के प्रतिनिधिमण्डल से हुई वार्ता के दौरान अधिकारीद्वय ने कहा कि दो दिन के अंदर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना उपरांत कार्यवाही की जायेगी। इस दौरान जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाष सिंह, महामंत्री डा. मधुकर तिवारी, राजेन्द्र सिंह, कपिल देव मौर्य, प्रमोद जायसवाल, लोलारक दूबे, हसनैन कमर, दीपू, राजेश श्रीवास्तव, आरिफ हुसैनी, मो. अब्बास, आनन्द यादव, अजीत सिंह, अनिल पाण्डेय, राम श्रृंगार शुक्ल, रामजी जायसवाल, राकेश कांत पाण्डेय सहित सैकड़ों पत्रकार मौजूद थे।
जौनपुर से डा. मधुकर तिवारी की रिपोर्ट












dhirendra pratap singh
July 25, 2011 at 5:00 pm
jaunpur ke patrakaro ka mijaj hi alag h. vakai gajab ki ekjutata dikhi aaj man khush ho gaya. ajeet ji ke sath meri puri samvedana h aur mujhe is baat ka garv bhi h ki maine patrakarita ka kakahra jaunpur ki pavitra aur krantikari dharti pr sikhi……..best wishesh….——dhirendra pratap singh dehradun uttrakhand
Rajiv Verma
July 26, 2011 at 5:26 am
Jo Jaunpur mein hua, wo patrkaron aur chhakaron ke liye koi nai baat nahi, aksar hi kahin na kahin patrkar/chhayakaron ki beizzti adhikari ya police karti rahti hai. Main Etah Distt. me reporter hoon aur yahan bhi aye din ese hi mamle hote rahte hain. sharmnak baat to ye hai ki officers ko jankari diye jaane ke baad bhi koi karrwai nahi hoti, ulte patrkaron ko hi galat bataya jata hai. Beete din hi Ke murder case k photo karne kotwali nagar gaye ek prathisthit akhbar ke chhayakar se badtmiji kar inspector ne uska camera chhin liya. hath-pair jodne par hi camera wapis mil saka. Relative press par bhi lanat hai jo itne bade mamle par chup baithi rahi.