: प्रवेश और बड़े पदों के लिए पहले देना होगा टेस्ट : दैनिक जागरण में अब पत्रकारों के लिए परीक्षा प्रणाली लागू की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत जागरण में जगह खोजने के इच्छुक नये पत्रकारों को तो लिखित परीक्षा देनी ही होगी, साथ ही उन वरिष्ठ पदों पर काम कर रहे पत्रकारों को भी परीक्षा के लिए तीन घंटों तक डेस्क पर बिठाया जाएगा, जो बड़े पदों पर प्रमोशन का दावा ठोकेंगे।
अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि यह परीक्षा समूह में केंद्रीयत व्यवस्था के तहत होगी, या यूनिटवार। लेकिन इस नयी व्यवस्था से उन पत्रकारों में क्षोभ तो हो ही गया है जो लम्बे समय से संस्थान में अपना भविष्य खोज रहे थे। हालांकि समूह का दावा है कि इस प्रणाली से योग्य पत्रकारकर्मियों को उनके स्वर्णिम भविष्य तक पहुंचाने में आसानी होगी।
दैनिक जागरण समूह में अब तक उप सबएडीटर या जूनियर रिपोर्टर के पदों पर सीधी भर्ती के लिए दो स्तरों पर कार्रवाई होती रही है। स्थानीय स्तर पर यूनिट के संपादकीय प्रभारी सीधे भी इन्हें भर्ती कर लेते थे और कई स्थानों पर उनके लिए लिखित परीक्षा भी आयोजित की जाती थी। लेकिन अब नयी व्यवस्था के तहत इन सभी को लिखित परीक्षा देनी होगी। समूह प्रबंधन ने यह व्यवस्था यूनिटों के संपादकीय प्रभारियों की मनमर्जी को खत्म करने के लिए ही यह फैसला लिया गया बताया जाता है।
इतना ही नहीं, अब बड़े पदों के लिए भी परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। बड़े पद, यानी कम से कम चीफ रिपोर्टर या चीफ सब एडीटर पद। इन पदों पर अर्हता और चयन का आधार अब केवल लिखित परीक्षा ही तय की जा रही है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ऐसी परीक्षाओं में किस तरह के सवालात पूछे जाएंगे।












rajnish
July 27, 2011 at 11:16 am
chalo kuch naya to ho. ham log 18 saal se ek jagah per hai. aur koe dhyan nahe de raha. sefaris balo ko mauka mil jata hai ham jaiso ko koe nahe dekh raha. es nay pryog se sayad kuch rasta ban jay.
Anil Pande
July 27, 2011 at 1:26 pm
नियमित कॉलम लिखने वाले एडिटर संजय गुप्ता उर्फ़ “संजय भैया”, और प्रधान जनरल मैनेजर निशिकांत ठाकुर की लिखित परीक्षा हो, तो इस जनम में पास नहीं हो पाएंगे .
डा. महाराज सिंह परिहार
July 27, 2011 at 4:31 pm
दैनिक जागरण के इस कदम का स्वागत किया जाना चाहिए। इससे योग्य पत्रकारों को अवसर मिलेगा तथा चमचागीरी और मक्खनबाजी तथा दलाली के सहारे पत्रकारिता कर रहे लोगों को सबक मिलेगा।
ashawnipratap
July 27, 2011 at 4:36 pm
Dainik Jagran me Brahmano ko to bina लिखित परीक्षा diye 100 me 100 number mil jate hai. Naukari aur parmotion ko लिखित परीक्षा gair Brahmans ki ho gi. Jagran me Brahman habi hai aur malik Brahmano ke samne Baune gai.
Dr. L. K. pandey
July 28, 2011 at 2:13 am
Kam se kam Bhasha to shuddh padhane ko mile.
manojagarwal
July 28, 2011 at 9:20 am
CHALO IS BAHANE NAY LOGO KO CHANCE MILNE KI KHUSI TO MANA LENE DO WARNA ESA SUNNE KO MILTA HI KAHA HAI IS LINE ME TO KEWL BISSNES OR SEFARISO KA HI BOLBALA CHATA H
harsh
July 29, 2011 at 7:30 pm
Sampadakon kimpahale parichha li jaye. Issae kai badi uniton ke wicket gir jayenge. kuchh badi uniton ke sampadak to junior reporter bhi banane layak nahi
Shakti Tiwari
July 30, 2011 at 3:32 pm
Dainik Jagran ko masscom kiye patrakar ko hin is pariksha ke liye select karna chahiye jaise ki ek teacher ko teacher trained hona jaruri hain ya anya job ke liye us field ka jankari hona jaruri hain. Lekin mujhe lagta hain ki aisa Dainik Jagran is liye nahin karti koin ki unhe moti rakam ka samna karna hoga.
Indu
August 5, 2011 at 7:22 am
पञकारिता के उज्जवल भविष्य के िलए यह प्रक्रिया बहुत जरूरी है वर्ना जिस तरह से होनहार लोगों का सोशण उच्च पदों पर बैठे मठाधीश कर रहे हैं उससे तो नहीं लगता कि आने वाली पढी अपने बच्चों या भाई बहनों को इस फील्ड में आने के िलए प्रेरित करेगी। आईटी और बाकी फील्ड की तरह इसे भी पूर्णता कारपोरेट हो जाना चाहिए। अभी यह सिर्फ कहने को कारपोरेट है, लेकिन यहां काम कर रहे लोगों की स्थितियां किसी फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों की तरह ही हैं। जहां ना तो उनके हक के िलए कोई सुनवाई है और ना उनका कोई भविष्य।