एटा में पत्रकारों के साथ पुलिस ने बदतमीजी करने का रवैया लगातार अपनाए रखा है. ताजा मामला एक चैन लूट के प्रयास से संबंधित है. जागरण का एक पत्रकार इस संबंध में जानकारी लेने कोतवाली पहुंचा तो कोतवाल ने ना सिर्फ बदतमीजी करी बल्कि कोतवाली से निकाल भी दिया. पत्रकार ने इसकी शिकायत पुलिस महानिदेशक एवं एसपी से की है.
मामला यह है कि एटा में ठंडी सड़क स्थित पेट्रोल पम्प के सामने बाइक पर पीछे बैठकर जा रही महिला से एक लुटेरे ने चैन लूटने का प्रयास किया. वहां मौजूद भीड़ ने लुटेरे को मौके पर ही दबोच लिया. किसी की सूचना के बाद पहुंची पुलिस को नगर कोतवाली ले आई. जानकारी होने पर दैनिक जागरण का एक पत्रकार खबर लेने के लिए पहुंचा. उसे देखते ही कोतवाल डालचंद तथा दूसरे पुलिसकर्मियों ने बदतमीजी शुरू कर दी.
पुलिस वालों ने पत्रकार को भला-बुरा कहने के साथ थाने से जबरिया बाहर निकाल दिया. बताया जा रहा है कि डालचंद अक्सर पत्रकारों के साथ ऐसा रवैया अपनाता रहता है. आए दिन वो किसी के कैमरा पर हाथ मारता है तो धक्का देता रहता है. उसकी वजह से पत्रकारों ने कोतवाली जाना बंद कर दिया है. बताया जा रहा है कि पीडि़त पत्रकार ने अपने साथ हुए बदतमीजी की सूचना जिले के आला अधिकारी तथा डीजीपी को दी है. परन्तु किसी प्रकार की कार्रवाई होने की संभावना नहीं है.
सूत्रों का कहना है कि कोतवाल के रवैये की शिकायत एसपी तक से की गई परन्तु एसपी इस तरह कोई ध्यान ही नहीं देते हैं. गौरतलब है कि यूपी की सीएम का आदेश है कि पत्रकारों का उत्पीड़न और उनसे बदतमीजी न की जाए बावजूद उसके पत्रकारों के साथ बदतमीजी नहीं रूक रही हैं. एटा में तो स्थिति और भी अधिक विषम हो गई है.












Rajesh
July 30, 2011 at 2:23 pm
Thane ke bhar 5 din camra lekar khade raho jab Bhee kisi sai paisa ke ya marpeet kare ya kuch bhee mile shut kar khabar bana do line pe aayega .