इंदौर के चर्चित संजय ठाकरे हत्याकांड में पत्रिका व पीपुल्स समाचार के जिन पत्रकारों का ब्लैकमेलिंग के लिए उनके प्रतिद्वंदी अखबारों (दैनिक भास्कर व नईदुनिया) द्वारा नाम उछाला जा रहा था पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश चालान में उसका जिक्र तक नहीं है, अलबत्ता जिन बिल्डरों की शह पर इसे अंजाम देने की बात कही जा रही थी उन्हें भी पुलिस ने पूरी तरह क्लीनचिट दे दी है, जबकि पांच आरोपी अभी भी फरार है।
पुलिस लसूड़िया ने इस मामले में किशोर पुत्र सावंत पटेल 33 साल, सोनू पुत्र मनोहर चौधरी 23 साल, राजकुमार पुत्र छितूलाल चौहान, तीनों निवासी पिपलियाकुमार, कमलेश पुत्र दुर्गाप्रसाद वर्मा 27 साल निवासी बापूगांधीनगर, राहुल पुत्र संतोष चौधरी 23 साल निवासी बड़ी भमौरी को आरोपी बनाया था। उनके खिलाफ 5 जुलाई को चालान पेश किया था। चालान में पुलिस ने जो तथ्य सामने रखे हैं वे काफी चौंकानेवाले हैं, इस में बिल्डरों को क्लीनचिट देते हुए बताया गया है कि मृतक के परिजनों ने बिल्डर्स रमाकांत चौकसे, किरण देशमुख, समीर नारद, शैलेंद्र नारद व वकील गड्डू यादव व तुलसीनगर रहवासी संघ के पूर्व अध्यक्ष डा. विजय प्रधान पर हत्या का संदेह जताया गया था, लेकिन इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं निकली।
मामले में शूटर बलविंदर, राहुल निवासी शिवाजीनगर, विनय पांडे, वीरेंद्र चौधरी व कमल पटेल 1 अप्रैल को घटनावाली तारीख से फरार हैं, उनकी मोबाइल की कॉल डिटेल भी अभी तक नहीं मिली है। उनके खिलाफ धारा 73 (8) में विवेचना जारी है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 147, 148, 149, 120(बी) व आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 में चालान पेश कर किशोर व कमलेश से एक-एक पिस्टल व एक-एक कारतूस जब्त होने की भी जानकारी दी गई है। अलबत्ता चालान में पत्रिका में प्रकाशित खबरों की ढेर सारी कतरनें नत्थी हैं, जो अवैध निर्माण से संबंधित है।
सेशन कोर्ट में सुनवाई हुई शुरू : यह केस इंदौर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमके मुदगल ने 27 जुलाई को अपर सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र को सुनवाई के लिए अंतरित कर दिया है। मामले में जेल में बंद पांचों आरोपियों को श्री मिश्र की अदालत में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त में पेश किया गया। जहां राहुल, सोनू व राजकुमार की ओर से वकील ने वकालतनामा पेश कर दिया है जबकि किशोर व कमलेश ने वकील हेतु समय चाहा, जिस पर उन्हें 16 अगस्त तक का समय दिया गया है। अब उस दिन आरोप पर तर्क होंगे।
यह था मामला : गत 1 अप्रैल को देर रात इंदौर के तुलसीनगर पुलिया के पास तुलसीनगर रहवासी संघ के अध्यक्ष संजय ठाकरे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बिल्डरों के खिलाफ अवैध तरीके से मल्टी बनाने को लेकर संजय ने कोर्ट में केस लगाकर जीत हासिल की थी, इसे हत्या का मुख्य कारण मृतक के परिजनों द्वारा बताया जा रहा था। प्रतिद्वंदी अखबारों ने सीएसपी विजयनगर के हवाले से इस आशय की खबरें प्रकाशित की थी कि ठाकरे पत्रकारों के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग कर रहा था। यह खबर पहले पन्ने पर भी लगी थी।












NIranjan verma
August 4, 2011 at 11:04 am
Kismat jordar thi …. varna khabaro k liye jujhne wale nirdosh patrkar akhbaro ki ladai me jabran hi jail chale jate . baki patrakaro k muh bhi band ho jayenge jo dusro par kichad uchal rahe the …….