आम तौर पर दोस्त बनाने वाला सोशल नेट वर्किंग साइट फेसबुक पूर्वी राज्य असम में विवाद का कारण बन गया है। लोग सड़कों पर उतर रहे हैं और कई लोग तो फेस बुक पर इस राज्य में प्रतिबंध लगाने की भी बात कर रहे हैं। दरअसल, हुआ यह कि एक स्थानीय न्यूज चैनल के संपादक ने अपने फेस बुक पर राज्य के ताई अहोम समुदाय की महिलाओं के खिलाफ कथित रूप से अश्लील टिप्पणी करने के साथ दादा साहेब फाल्के तथा पद्म भूषण से सम्मानित संगीतकार डा. भूपेन हजारिका को चोर कह दिया, जिसके बाद ताई अहोम समुदाय भड़क गया।
समुदाय से जुड़े संगठनों ने न्यूज लाइव के संपादक अतनु भुयां को सजा देने की मांगों को लेकर सड़क पर उतर गए और कई इलाकों में इस टेलीविजन का प्रसारण को रोक दिया गया। सड़कों पर उतर चुके संगठन फेसबुक को माध्यम बना कर किसी समुदाय और व्यक्ति विशेष को आहत करने के बनते रिवाज पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल सभी संगठन विदेश दौरे पर गए मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की राह देख रहे हैं।
इन संगठनों का कहना है कि मुख्यमंत्री भी अहोम समुदाय से हैं और वे इस पूरे मामले पर क्या रूख अपनाते हैं इसके बाद आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इधर भूपेन हजारिका को चोर कहने पर कई अन्य संगठनों के साथ अखिल असम अनुसूचित जाति छात्र संघ ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। संगठन ने न्यूज लाइव प्रबंधन से अतनु को हटाने की मांग की है। संगठन के सचिव नित्यानंद दास ने कहा है कि भूपेन हजारिका जैसी राष्ट्रीय शख्सियत पर ऐसे समय में अभद्र टिप्पणी की गई है, जब वे मुंबई के अस्पताल में जीवन-मौत के बीच झूल रहे हैं।
गुवाहाटी से नीरज झा की रिपोर्ट.












Pushkar Sinha
August 5, 2011 at 4:35 am
भूपेन हजारिका जी का सबसे प्रचलित गीत ओ गंगा बहती है क्यों (ओ गोंगा तोमी) सीधे सीधे 1936 के एक अंग्रेजी गीत दे रिवर से उठाया हुआ धुन है. यू ट्यूब पर ये गीत उप्लब्ध है. अगर 1936 के इस गीत को सुनें तो साफ लगेगा कि भूपेन हजारिका ने उसी धुन को असमिया, बांगला और अंग्रेजी में अपना गीत बना कर गा दिया ह .
Pushkar Sinha
August 5, 2011 at 4:38 am
http://www.youtube.com/watch?v=eh9WayN7R-s
Pushkar Sinha
August 5, 2011 at 4:42 am
यूट्यूब पर पॉल रॉबसन के 1936 के इस धुन को सुनें. फिर भूपेन हजारिका के सबसे प्रचलित गीत ओ गंगा बहती है क्यों को सुनें. सच्चाई सामने आ जाएगी. मेरे समझ से इसे चोरी ही करते हैं.