: कोर्ट, लेबर डिपार्टमेंट के बाद वामपंथी दलों की बीट छीनी गई :टाइम्स ऑफ़ इंडिया पटना के वरिष्ठ पत्रकार, 11वीं भारतीय प्रेस परिषद् के सदस्य, बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव तथा टाइम्स ऑफ़ इंडिया न्यूजपेपर इम्प्लाइज यूनियन के अध्यक्ष अरुण कुमार टाइम्स प्रबंधन के आँखों क़ी किरकिरी बने हुए हैं. उनके पर कतरने की मुहिम टाइम्स प्रबंधन की ओर से जारी है. तीन दिन पहले उनसे लोअर कोर्ट और लेबर डिपार्टमेंट का बीट छीन लिया गया और सोमवार को उनको यह निर्देश दे दिया गया कि अब वे वामपंथी दलों की भी रिपोर्टिंग नहीं करेंगे.
वैसे अरुण कुमार के लिए यह कोई नई बात नहीं है कि वे टाइम्स प्रबंधन को फूटी आँखों नहीं सुहाते रहे हैं. वे पिछले नौ सालों से टाइम्स प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाने के चलते प्रबंधन शुरू से ही उनके पर कतरने की कोशिशों में लगा रहा है. जबसे वे टाइम्स ऑफ़ इंडिया पटना के इस प्लांट यूनियन के अध्यक्ष बने हैं वे यहाँ के मजदूरों को वाजिब, वेज बोर्ड द्वारा अनुशंषित वेतनमान, देने की मांग करते रहे हैं. हालांकि उन्होंने इस सिलसिले में कभी भी मिलिटेंट ट्रेड यूनियन का रास्ता नहीं अपनाया, फिर भी प्रबंधन की नाराजगी उनके खिलाफ जारी है.
अरुण कुमार को उनकी बीट से हटाए जाने के कारणों पर उनके सहयोगी पत्रकारों का कहना है कि प्रबंधन यह मानता दिख रहा है कि जो पत्रकार जिस बीट या विभाग की रिपोर्टिंग करता है वह विभाग या उस विभाग के लोग उस पत्रकार के निर्देश पर काम करते है, जो अत्यन्त हास्यास्पद है. गौरतलब है कि वेतनमान को लेकर अरुण कुमार और टाइम्स आफ इंडिया के कर्मचारी अखबार प्रबंधन के खिलाफ कई कोर्ट में संघर्षरत है.












anupnarayan singh
August 30, 2011 at 1:07 pm
har jor julm ka partikar hoga