दीपल त्रिवेदी मिरर तथा लीना मिश्रा इंडियन एक्‍सप्रेस की आरई बनीं, शिवदास साधना पहुंचे

वरिष्‍ठ पत्रकार दीपल त्रिवेदी टाइम्‍स ग्रुप के अखबार अहमदाबाद मिरर से जुड़ गई हैं. उन्‍होंने रेजीडेंट एडिटर के रूप में ज्‍वाइन किया है. इसके पहले दीपल संभव ग्रुप के साथ पिछले बारह सालों से जुड़ी हुई थीं. दीपल की गिनती तेवरदार पत्रकारों में की जाती हैं. वे एशिया जर्नलिज्‍म फेलोशिप पाने वाली पहली भारतीय जर्नलिस्‍ट हैं. दीपल ने अपने करियर की शुरुआत इ‍ंडियन एक्‍सप्रेस से की थी. वे एमजे अकबर के एशियन एज से भी जुड़ी रही हैं.

हक की लड़ाई में एक और मीडियाकर्मी शहीद

: टीओआई आफिस के सामने शव रखकर प्रदर्शन : रविवार का दिन टाइम्‍स आफ इंडिया के संघर्षरत पत्रकारों के लिए काला साबित हुआ. रविवार यानी 11 सितम्‍बर को पिछले 59 दिनों से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे कर्मचारी यूनियन के असिस्‍टेंट सेक्रेटरी दिनेश कुमार सिंह का पर्याप्‍त इलाज के अभाव में निधन हो गया.

पॉलिटिकल मैगजीन के पत्रकार को जान से मारने की धमकी

MADURAI: The Usilampatti police on Tuesday filed cases against four persons including DMK functionary Pottu Suresh and assistant commissioner of police S Kumaravel for illegally detaining a journalist. The journalist was detained for writing an article against Suresh’s domination in government sectors during the previous DMK regime.

चरणबद्ध तरीके से नासिक में एडिशन लांच करेगा टीओआई

टाइम्‍स ऑफ इंडिया अगले महीने से नासिक में पैर रखने की तैयारी कर रहा है. अखबार की नासिक एडिशन की शुरुआत चरणबद्ध तरीके से की जाएगी. पहले चरण में नासिक टाइम्‍स नाम से एक पुलआउट लांच किया जाएगा. इसके बाद मिले आउटपुट एवं रिस्‍पांस के बाद मुख्‍य एडिशन लांच करने के बारे में निर्णय लिया जाएगा. फिलहाल नासिक के लोगों को मुंबई संस्‍करण से काम चलाना पड़ रहा है.

टीओआई प्रबंधन ने अरुण कुमार को पैदल करना शुरू किया

: कोर्ट, लेबर डिपार्टमेंट के बाद वामपंथी दलों की बीट छीनी गई :टाइम्स ऑफ़ इंडिया पटना के वरिष्ठ पत्रकार, 11वीं भारतीय प्रेस परिषद् के सदस्य, बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव तथा टाइम्स ऑफ़ इंडिया   न्यूजपेपर इम्प्लाइज यूनियन के अध्यक्ष अरुण कुमार टाइम्स प्रबंधन के आँखों क़ी किरकिरी बने हुए हैं. उनके पर कतरने की मुहिम टाइम्स प्रबंधन की ओर से जारी है. तीन दिन पहले उनसे लोअर कोर्ट और लेबर डिपार्टमेंट का बीट छीन लिया गया और सोमवार को उनको यह निर्देश दे दिया गया कि अब वे वामपंथी दलों की भी रिपोर्टिंग नहीं करेंगे.

सप्‍ताह में दो दिन पचास पैसे महंगे मिलेंगे एचटी और टीओआई

एचटी एवं टीआईओ यानी हिंदुस्‍तान टाइम्‍स एवं टाइम्‍स ऑफ इंडिया अब सप्‍ताह के दो दिन पचास पैसे महंगे मिलेंगे. दोनों पेपरों के प्रबंधन ने मंगलवार और बुधवार को अपने अखबारों की कीमत में अठन्‍नी का इजाफा कर दिया है. अब सप्‍ताह के इन दो दिनों में दोनों अखबार तीन रुपये की बजाय साढ़े तीन रुपये में उपलब्‍ध होंगे. सप्‍ताह के अन्‍य दिनों की इसकी कीमत में कोई इजाफा नहीं होगा.

टाइम्स प्रबंधन को अनुचित श्रम व्यव्हार का दोषी मानते हुए शो कॉज जारी

आज टाइम्स ऑफ़ इंडिया पटना के प्रिंटिग प्रेस के नौकरी से हटाये गए कर्मियों के शांतिपूर्ण धरने का ३१वां दिन पूरा हुआ. यह धरना द टाइम्स ऑफ़ इंडिया न्यूज़ पेपर एम्प्लोयीस यूनियन के बैनर तले चल रहा है. इस यूनियन ने पिछले नौ सालों से यहाँ के कर्मचारियों को मनीसाना वेतन बोर्ड के द्वारा अनुशंषित वेतनमान दिलाने की लड़ाई शुरू कर रखी थी.

टीओआई कर्मियों के धरने का २६वां दिन – याचना नहीं अब रण होगा

आज टाइम्स ऑफ़ इंडिया कर्मियों के शांतिपूर्ण धरने का २६वां दिन है.  अभी तक हमलोग शांतिपूर्ण धरना चला रहे हैं. इसलिए क्योंकि ट्रेड यूनियन को मालिकों ने बदनाम कर रखा है कि ट्रेड यूनियन वाले अपनी हरकतों से उद्योगों को बंद करवाते रहते हैं. मगर हमने पिछले नौ सालों से शांतिपूर्ण और कानूनी लड़ाई लड़ कर उनकी इस मान्यता को टाइम्स ऑफ़ इंडिया में लड़ाई चला कर ध्वस्त कर दिया है.

अखबार छापने वाले एक पखवारे से धरने पर, अखबारी दुनिया बेखबर

टाइम्स ऑफ़ इण्डिया, पटना संस्करण १५ जुलाई २०११ को कुम्हरार स्थित टाइम्स समूह के प्रिंटिग प्रेस में ही छपा था लेकिन १६ जुलाई २०११ का टाइम्स  ऑफ़ इण्डिया टाइम्स हाउस के अपने प्रिंटिंग प्रेस की बजाय प्रभात खबर के प्रिंटिंग प्रेस से क्यों छपने लगा…? अख़बार समूह ने प्रिंटिंग प्रेस बंद करने की इजाजत बिहार सरकार से क्यों नहीं ली…?

दैनिक भास्‍कर से अजय उमट का इस्‍तीफा, टीओआई में सीनियर एडिटर बने

दैनिक भास्‍कर, दिल्‍ली से नेशनल पॉलिटिकल एडिटर अजय उमट ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे अब टाइम्‍स ऑफ इंडिया से जुड़ गए हैं. उन्‍हें टाइम्‍स ऑफ इंडिया, अहमदाबाद का सीनियर एडिटर बनाया गया है. मूल रूप से गुजरात के रहने वाले अजय उमट पिछले ढाई दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं.

बसपा का मुखपत्र बना टाइम्‍स आफ इंडिया, जमकर माया का गुणगान

टीआईओ : लम्‍बी डील को लेकर चर्चाओं ने पकड़ा जोर : माया के चार साल के भाषणों को आधे पेज में दोहराया : ऐलान किया कि यूपी से बढि़या नहीं है कोई राज्‍य :  कहा-  दूसरी सरकारों में ज्‍यादा होते थे बलात्‍कार : अन्‍य राज्‍यों से बेहतर है लॉ एंड आर्डर यूपी में –  ट्वाय : माया सरकार को दूध का धुला बताया अखबार ने :

दिल्‍ली तक आवाज पहुंचाने के बाद भी हल नहीं हुई हाकरों की समस्‍या

जबलपुर में टाइम्‍स ऑफ़ इंडिया, दिल्ली के एजेंट के द्वारा लगातार हाकरों का शोषण किया जा रहा है. पिछले 20 वर्षों से हाकर इसकी शिकायत कर रहें हैं लेकिन भोपाल में बैठे भट्ट की जबलपुर के एजेंट पर मेहरबानी के कारण भेजी गयी शिकायतें रद्दी की टोकरी में चली जाती रही. जबलपुर का एजेंट हाकरों को 15 प्रतिशत कमीशन देता है तथा लोकल पेपर लेने की शर्त पर ही उनको टाइम्‍स ऑफ इंडिया देता है.