: पुस्तक का विमोचन सम्पन्न : दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहें 17वें दिल्ली पुस्तक मेले में पाकिस्तान की असलियत से रू-ब-रू कराती पुस्तक पाकिस्तान की हकीकत से रू-ब-रू का विमोचन प्रख्यात पत्रकार रामबहादुर राय ने किया। डायमंड बुक्स द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक सहारा चैनल के वरिष्ठ पत्रकार सतीश वर्मा की दो बार की गई पाकिस्तान यात्राओं का वृतांत है, जिसमें पाकिस्तान की जमीनी हकीकत बयान करते हुए लेखक ने कई हैरतअंगेज खुलासे किए है।
पाकिस्तान को लेकर मूल रूप से हिन्दी में प्रकाशित यह पहली पुस्तक है, जिसे जल्द ही अंग्रेजी रूपांतरण के जरिए प्रकाशित करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान जैसे गंभीर विषयों पर गहन जानकारी रखने वाले प्रख्यात पत्रकार रामबहादुर राय की छवि आमतौर पर एक कटु आलोचक के रूप में रही है। लेकिन उन्होंने भी इस पुस्तक को एक गंभीर पुस्तक बताते हुए इसमें लिखित जानकारियों को बेहद रोचक और महत्वपूर्ण बताया।
दरअसल पत्रकार सतीश वर्मा की इस पुस्तक पाकिस्तान की हकीकत से रू-ब-रू में पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर तथा उसके तथाकथित नार्दन एरिया के अनछुए पहलुओं को ग्राउंड जीरों पर जो देखाभाला उसको रोचकता से कलमबद्ध किया गया है। पुस्तक में उन कश्मीरियों की बदहाल जिंदगी की हकीकत भी बयां की गई है, जो बंटवारे के समय पाकिस्तान के उकसावे में आजादी का दु:स्वप्न पालकर एलओसी पारकर पीओके चले गए। लेखक ने मार्मिक ढंग से पुस्तक में इस बात उल्लेख किया है कि उन कश्मीरियों को आज वहां दो जून की रोटी भी मयस्सर नही है और उनके बच्चे सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर है।

पुस्तक का विमोचन करते वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय
यह पुस्तक पाकिस्तानी कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर उसके नार्दन एरिया में रहने वाले कश्मीरियों की अनकही दास्तानों का दस्तावेज होंने के साथ चीन द्वारा नार्दन एरिया में हड़पी गई लाखों हेक्टेयर भूमि का सच भी उजागर करती है। पाकिस्तान की मिलीभगत से चीन इसी जमीन को भारत के खिलाफ युद्ध मोर्चा बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान, मीरपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद ऐसे इलाके है जहां वीजा लेकर भी किसी टूरिस्ट को जाने की इजाजत नहीं मिलती। लेकिन पत्रकार सतीश वर्मा ने अपनी पाकिस्तान यात्रा दौरान तत्कालीन पाक राष्ट्रपति जनरल परवेज मुर्शरफ से इजाजत लेकर इन दुरुह इलाकों को दौरा किया।
पुस्तक का विमोचन करने के बाद राम बहादुर राय ने भी अपने संबोधन में कहा कि सतीश वर्मा ने पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर क्षेत्रों का दौरा करने के बाद पाकिस्तानी सरकार से उपकृत होने की जगह जो कुछ देखा, सुना और महसूस किया उसे कलमबद्ध करके एक किताब के रूप में प्रकाशित कर अपनी देशभक्ति की भावना का परिचय दिया। पुस्तक विमाचेन समोराह में सहारा मीडिया के हेड स्वतंत्र मिश्रा लखनऊ में अपनी व्यस्तता के कारण शिरकत नही कर सके लेकिन उनका प्रतिनिधित्व सहारा समय चैनल के नेशनल हेड मनोज दुबे ने सहारा मीडिया के अन्य साथियों के साथ किया और सतीश वर्मा को उनकी पुस्तक के बधाई दी। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एंव सासंद राजनाथ सिंह ने भी अपना विमोचन समोराह में अपना संदेश भेजकर सतीश वर्मा को उनकी पुस्तक के लिए बधाई दी। विमोचन समारोह में पत्रकारिता क्षेत्र की कई जानी मानी हस्तियों और बड़ी संख्या में पत्रकारों में भाग लिया।












shubhranshu
August 31, 2011 at 1:38 pm
satish ji ko dher sari bhadhai. isi tarah likhte rahe. nam roshan karte rahe.
suman choudhary
September 1, 2011 at 2:05 pm
sabse pahle satish jee ko badhai or es book ko padhne ke baad us unchhue pahluon se vakai re-ba-re karane ke liye shukriya…… unse pahle bhi patrakar pakistan jate rahe hain lekin kuchh sirf yaad lekar saath laut gaye kucch wahan se saman lekar aa gaye ….