मैं मनोज कुमार चौरसिया पुत्र स्व0 ओम प्रकाश गुप्ता ग्राम काजी मुहल्ला, पत्रालय मनेर, थाना मनेर, जिला पटना, बिहार का रहने वाला हूं। मेरा मोबाइल क्रमांक 09334876391 तथा 09973934724 व ईमेल आइडी [email protected] है। मेरा जन्म 15 जनवरी 1976 ई0 को हुआ है। मैं तेरह वर्षों से शिक्षण कार्य में लगा हूं तथा पिछले पांच वर्षों से पत्राकारिता कर रहा हूं।
मैंने पत्रकारिता का जीवन अमृतवर्षा व संध्या प्रहरी से प्रारंभ किया। बाद में पंच हिन्दी दैनिक, पाटलिपुत्र टाइम्स तथा जागृति टाइम्स में भी कुछ दिनों तक लिखा। वर्तमान में मैं सन्मार्ग हिन्दी दैनिक तथा प्रत्युष नवबिहार में बतौर संवाददाता कार्य कर रहा हूं। पत्रकारिता के दौरान मैंने कई छोटी-बड़ी खबरों को लिखा। और जिसके लिए हमें अपने क्षेत्र में सराहना भी मिली। परन्तु मुझे पता नहीं था कि हमारी लोकप्रियता कुछ हमारे ही बन्धुओं को नागवार लग रहा है। हमारी लोकप्रियता से क्षुब्ध होकर उन लोगों ने जो हमारे साथ किया वो मैं आपको भी बताता हूं ….
… घटना 08 अगस्त की है। दिन के करीब ग्यारह बज रहे होंगे। मनेर के ग्रामीण विद्युत विभाग की लापरवाही से तंग आकर सड़क पर उतरे। सड़क को लोगों ने अवरूद्ध कर दिया। प्रशासन को जानकारी मिली कि लोगों द्वारा सड़क को जाम कर दिया गया हैं। पुलिस दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंची और जाम करने वाले लोगों में से तीन व्यक्तियों को पकड़कर थाने के हवालात में बन्द कर दिया। तीन व्यक्तियों के गिरफ्तारी की बात मनेर के लोगों में आग की तरह फैल गयी और अपनी-अपनी दुकानें, काम-धंधा बन्द करके मनेर थाना का घेराव करने के लिए करीब दो से तीन हजार की संख्या में लोग पहुंच गए।
इसकी सूचना पाकर मैं भी समाचार संकलन हेतु थाने पर आया। जन दबाव में आकर प्रभारी थाना प्रभारी विक्रमा सिंह को झुकना पड़ा और वरीय पदाधिकारी से निर्देश पाकर तीनों लोगों से बॉण्ड भरवाकर छोड़ दिया गया। सभी लोग अपने अपने घर जाने वाले ही थे कि एक राजनीति करने वाले नेताजी आए और पूरी घटना का मूवमेण्ट बदल दिया और सैकड़ों की संख्या में जाकर बिजली विभाग में तोड़-फोड़ करवा डाला। विद्युत विभाग के आला अधिकारी इसके खिलाफ सौ अज्ञात लोगों पर मनेर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। विद्युत विभाग के अधिकारी पर प्रशासन के द्वारा बहुत दबाव बनाया गया कि मनोज कुमार चौरसिया का नाम देते हुए आप केस करें, परन्तु विद्युत विभाग के अधिकारी द्वारा नाम नहीं दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब मैं मनोज कुमार चौरसिया को वहां देखा ही नहीं तो नाम कैसे दे दूं।
बाद में मनेर पुलिस प्रशासन द्वारा सहायक अवर निरीक्षक राज बल्लभ राम के संज्ञान पर एक मामला दर्ज किया जाता है। जिस में पत्रकार मनोज कुमार चौरसिया समेत ग्यारह लोगों को नामजद किया जाता है। साथ ही पुलिस के द्वारा यह भी आरोप लगा दिया जाता है कि मनोज कुमार चौरसिया जाम करने वालों का नेतृत्व कर रहे थे। पर हक़ीकत यह है कि मैं सड़क जाम के दौरान घटना स्थल पर पहुंचा ही नहीं था। क्या पुलिस को यह हक़ बनता है कि जो व्यक्ति घटना स्थल पर मौजूद नहीं हो उसे नामजद बना दे। वह भी नेतृत्वकर्ता के रूप में। इस बाबत वरीय पदाधिकारी के यहां ग्रामीणों के द्वारा एक जन याचिका दी गयी, परन्तु उस जन याचिका पर किसी प्रकार की कार्रवाई अभी तक नहीं की गयी।
मनोज कुमार चौरसिया
पत्रकार, सन्मार्ग एवं प्रत्यूष नवबिहार
पटना












rahul
September 15, 2011 at 7:03 am
polic k lie kuch bi sambao hai…? aap apne ghar k bhdie ko khojo …. koi reporter jisaki sah pr ye khil ho raha hai….!
nirmal ingle
September 15, 2011 at 8:24 am
नमश्कार !
मनोज कुमार जी एसे भी हमारे देश में हमेश वाही व्यक्ति दण्डित होता हे जिसे समाज की पड़ी हो वरन कानुनको कठपुतली बनाकर खेलने वालोका
कुछभी नहीं बिगड़ सकता मुजे लगता हे आप को इस मामले को लेकर central vigilance commission या state vigilance commission की मदद ले और आपके पास तो देश की सबसे बड़ी ताकत हे मीडिया उसका भरपूर इस्तमाल करे जित अवश्य ही आपकी होंगी
मेरिशुभ कामना आपके साथ हे जय हिंद
निर्मल इंगले
आर .टी.आई. कार्यकर्ता
सूरत गुजरात
nirmal ingle
September 15, 2011 at 8:25 am
नमश्कार !
मनोज कुमार जी एसे भी हमारे देश में हमेश वाही व्यक्ति दण्डित होता हे जिसे समाज की पड़ी हो वरन कानुनको कठपुतली बनाकर खेलने वालोका
कुछभी नहीं बिगड़ सकता मुजे लगता हे आप को इस मामले को लेकर central vigilance commission या state vigilance commission की मदद ले और आपके पास तो देश की सबसे बड़ी ताकत हे मीडिया उसका भरपूर इस्तमाल करे जित अवश्य ही आपकी होंगी
मेरिशुभ कामना आपके साथ हे जय हिंद
निर्मल इंगले
आर .टी.आई. कार्यकर्ता
सूरत गुजरात
raju
September 17, 2011 at 1:22 pm
bade saap ka dusman chota saap hota hai
purane ajgar se dusmani loge to kess to hoga hi
yahi karan hi ke use purane ajgar ko pahle hindustan ne nillala
dont worry
its happen in journalism
HANUMAN POONIA
December 6, 2011 at 9:01 pm
Main HANUMAN POONIA Diss. SIRSA HARYANA MO. 94667&57847
REPORTING in PUNJAB KESRI & KHABREN ABHI TAK
manoj bhai sahab kuchh es tarah hamare saath bhi hua tha. lekin hum to apne saathi patarkaar doston ke sahyog se nikal gaye the. esliye apne sathi doston ke saath sangthan me raho usme hi fayda h.