मेवात जिले के फिरोजपुर जिरका में हुए एक सड़क हादसे में दैनिक जागरण के पत्रकार की मौत हो गई. यह हादसा तब हुआ जब एक तेज रफ्तार डम्पर ने उनकी मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया. पत्रकार के परिजनों से इसे सड़क हादसा मानने की बजाय सोची समझी प्लानिंग के तहत की गई हत्या करार दिया है. उन्होंने पुलिस से इस मामले की जांच करने की भी मांग की है.
48 वर्षीय रमेश सिंघला दैनिक जागरण में स्ट्रिंगर के रूप में कार्यरत थे. मंगलवार की दोपहर एक तेज रफ्तार डम्पर उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मारते हुए एक जीप से भिड़ गई. घटना स्थल पर ही रमेश सिंघला की मौत हो गई. रमेश की मौत इसलिए भी संदेह के दायरे में आ गई है कि उन्होंने अवैध खनन तथा क्रशर माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ रखा था. पुलिस का कहना है कि हमने सड़क हादसा के रूप में केस को दर्ज कर लिया है लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के पहले सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाएगी.
रमेश के परिजनों एवं सहयोगी पत्रकारों का आरोप है कि यह सड़क हादसा नहीं बल्कि हत्या का मामला है. रमेश क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन तथा बिना परमीशन के स्टोन क्रशर करने वालों के खिलाफ समाचार लिख रहे थे तथा कुछ समय पहले ही उन्होंने इनका फोटो भी खींचा था. सोमवार को ही उन्होंने आरटीआई कार्यकर्ता रजुद्दीन को मिली जानकाकरियों के आधार पर अवैध खनन के खिलाफ एक तीखा आर्टिकल लिखा था. उन्हें कुछ समय से फोन पर धमकियां भी मिल रही थीं. इस लिए रमेश को जानने वाल इस दुर्घटना को संदिग्ध मानते हुए इसे हत्या करार दे रहे हैं.












vipul chaturvedi
October 5, 2011 at 7:27 am
ye kritya sharmnaak hai. agar ramesh bhai k parijano ka aisa aarop hai to iski wajah bhi hogi. police ko iski gambheerta se jaanch krni chahiye lekin sirf kagaji nahi.na hi kisi dabav me…
sambhav hai ki aise me khanan mafia police ko bhi prabhavit krne ki koshish karein………..
rakesh sharma
October 5, 2011 at 7:42 am
इस मामले में सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि सिंगला जी जिस समाचार पत्र दैनिक जागरण के लिए काम करते थे, उसने समाचार में यह बताने तक की कोशिश नहीं की कि वे उनके यहां काम करते थे। साफ बात है कि वेज बोर्ड के अनुसार पीड़ित परिवार को किसी भी तरह से कोई आर्थिक या अन्य लाभ देने से दैनिक जागरण बचना चाहता है। इस बारे में सभी पत्रकार साथियों को सिंगला जी के परिवार से सहानुभूति है।
राकेश शर्मा,
कुरुक्षेत्र।
anoopj ha
October 5, 2011 at 9:09 am
sad news…police should investigate the concern issue.
giri
October 5, 2011 at 10:45 am
राकेश जी आप तो धनवान हैं
आप सार्वजनिक तौर पर कुछ पैसे दे दो
बात लिखने से नहीं, काम करने से होता है
इसलिए बडे बनते हो तो कुछ पैसे भी खर्च कर लिया करो
mukesh tripathi
October 8, 2011 at 10:00 am
ptrkar nahi loktntr ki htya hai es par ktor karyvahi hona chahiye .antha smaj ke drpn par rau ka prbhav ho jaye ga .