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टाइम्स नाऊ के साथ ही हमलावर चेंबर में दाखिल हुए!

शर्मनाक। प्रशांत भूषण पर हमला। घृणित। सुप्रीम कोर्ट के लायर्स चैम्‍बर्स में घुस कर हुई वारदात। तालिबानीकरण। प्रख्‍यात वकील और टीम-अण्‍णा के सदस्‍य प्रशांत भूषण पर आज शाम हमला हो गया। सुप्रीम कोर्ट के लायर्स चैम्‍बर्स स्थित उनके कार्यालय में दो युवकों ने घुस कर उन्‍हें लात-घूसों से पीटा और जमीन पर गिरा कर मारा। प्रशांत भूषण पर यह हमला तब हुआ जब वे एक न्‍यूज चैनल को बाइट देने जा रहे थे।

शर्मनाक। प्रशांत भूषण पर हमला। घृणित। सुप्रीम कोर्ट के लायर्स चैम्‍बर्स में घुस कर हुई वारदात। तालिबानीकरण। प्रख्‍यात वकील और टीम-अण्‍णा के सदस्‍य प्रशांत भूषण पर आज शाम हमला हो गया। सुप्रीम कोर्ट के लायर्स चैम्‍बर्स स्थित उनके कार्यालय में दो युवकों ने घुस कर उन्‍हें लात-घूसों से पीटा और जमीन पर गिरा कर मारा। प्रशांत भूषण पर यह हमला तब हुआ जब वे एक न्‍यूज चैनल को बाइट देने जा रहे थे।

इस न्‍यूज चैनल ने इस पूरे हादसे को अपने कैमरे में कैद कर लिया। इस शर्मनाक घटना के दौरान दूसरा हमलावर कैमरे की जद में नहीं आया। मिल रही खबरों के मुताबिक ये हमलावर प्रशांत भूषण द्वारा कश्‍मीर के मसले पर दिये गये किसी कथित बयान को लेकर उत्‍तेजित थे। पुलिस इन हमलावरों से पूछताछ कर रही बतायी जाती है। लेकिन आश्‍चर्य की बात तो इस टाइम्‍स नाऊ न्‍यूज चैनल की क्रियाविधि रही। अचानक हुए इस हादसे के बावजूद कैमरे पर किसी भी तरह का जर्क तक नहीं आया। जबकि ऐसी किसी भी अप्रत्‍याशित घटना के दौरान कैमरा सम्‍भाले व्‍यक्ति का हाथ हिल ही जाता है।

ऐसी घटना के प्रति प्रतिक्रियास्‍वरूप भय-मिश्रित व्‍यवहार हो जाना मानवीय स्‍वभाव भी है। हालांकि बाद में कैमरे को जूम इन और जूम आउट किया जाता रहा। आशंका यह भी जतायी जा रही है कि कहीं इस चैनल के साथ ही तो हमलावर चैम्‍बर में दाखिल नहीं हुए। अपने इस न्‍यूज फुटेज को इस चैनल ने एक्‍सक्‍लूसिव बता कर घंटों तक चलाये रखा जिसमें प्रशांत भूषण की पिटाई के ही अंश हैं। अभिषेक मनु सिंघवी ने इस हमले के प्रति पहले तो हंसते हुए अनभिज्ञता प्रकट की, लेकिन बाद में इसे घृणित कर्म की संज्ञा दी। अरूंधति राय और किरण बेदी ने भी इस घटना की कड़े शब्‍दों में निन्‍दा की है।

प्राथमिक खबरों के मुता‍बिक यह हमलावर युवक प्रशांत भूषण द्वारा कश्‍मीर के मसले पर दिये गये किसी बयान पर क्षुब्‍ध था। इस हादसे के बाद इन युवकों को तो दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। हालांकि इस खबर की कवरेज कर रहे न्‍यूज चैनल की भी इस घटना में संलिप्‍तता को लेकर कानाफूसी शुरू हो गयी है। बहरहाल, कांग्रेस समेत विभिन्‍न दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस हादसे की भर्त्‍सना की है।

खबरों के मुताबिक आज शाम करीब चार बजे प्रशांत भूषण अपने लायर्स चैम्‍बर्स स्थित दफ्तर में अपने सहयोगियों के साथ बैठे थे। इसी बीच एक न्‍यूज चैनल टाइम्‍स नाऊ की टीम उनके किसी बयान पर उनकी बाइट लेने पहुंची। कैमरे के सामने आने से पहले प्रशांत भूषण ने अपनी कमीज वगैरह ठीक किया और बाइट देने तैयार हो गये। ट्राइपॉड पर लगा कैमरा उनके चेहरे पर फोकस किया गया। माइक लगाकर बातचीत शुरू होने ही जा रही थी कि अचानक प्रशांत भूषण के चेहरे पर किसी ने तमाचा जड़ दिया। लड़खड़ा कर प्रशांत अपनी कुर्सी पर गिरे, लेकिन अब तक कैमरे ने हमलावर को अपने फोकस में ले लिया था।

कैमरे में दिखाया गया है कि हमलावर युवक ने प्रशांत पर बिलकुल तालिबानी अंदाज में थप्‍पड़ों की झड़ी लगा दी। कुछ लोग प्रशांत भूषण को बचाने बढ़े तो हमलावर ने उन्‍हें भी धकेल दिया और फिर प्रशांत भूषण के पैर पकड़ कर उन्‍हें इस तरह अपनी ओर खींचा कि वे अपनी कुर्सी से नीचे गिर पड़े। इसके बाद हमलावर ने उन पर लातों से हमला कर दिया। बाद में उन्‍हें कालर पकड़ कर उठाया तो लेकिन इसी बीच कुछ लोगों ने उसके शिकंजे से प्रशांत भूषण को छुड़ाया। बाद में उसकी पिटाई भी हुई। इसी बीच खबर पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने हमलावर को अपने कब्‍जे में ले लिया। खबर मिली है कि हमलावर भगत सिंह सेना अथवा किसी रामसेना का समर्थक है।

लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर की रिपोर्ट.

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0 Comments

  1. Harishankar Shahi

    October 13, 2011 at 3:52 am

    गुरुदेव यह सब फुटेज उपलब्ध कराने वाली फिक्सिंग का नतीजा था. कैमरा इसलिए नहीं हिला क्योंकि उसे बुलाया इसीलिए गया था. ठीक कैमरे के सामने पिटाई करने से भला फंस जाने का खतरा कोई क्यों उठाएगा. यह सब ठीक फुटेज प्राप्त करने के लिए हुआ था. साथ इसके पीछे यही उद्देश्य नज़र आ रहा है की इन लोगो के ऊपर जो आरोप लग रहे थे की यह लोग भगवा दलों के साथ है. बस उसी टैग को उतारने के लिए यह सारा कुछ था. अभी अरविन्द केजरीवाल से प्रश्न पूछने पर हिसार में एक व्यक्ति की पिटाई अन्ना समर्थकों ने कर दी थी. उस घटना की चर्चा कही क्यों नहीं सुनाई दी. यह सब न्यूज़ फिक्सिंग का बड़ा खेल है.

  2. bablu upadhya buxar

    October 13, 2011 at 6:14 am

    sir , futage dekhne se nahi lagta ke yaha sab achnak huaa hai . hum log ve cavrage me jate hai .achnak agr kuch hota hai to futage hi nahe frame ve unbilance ho jata hai .

  3. pankaj kumar yadav

    October 13, 2011 at 6:19 am

    normal mind bhi smajh skata hai ki TIMES NOW wale ki kartut hai…anna team ko aise talbani new s channel par hamla karna chahiye….

  4. a

    October 13, 2011 at 9:26 am

    अभिव्यकती की आज़ादी का यह मतलब नही की आप भारत को तोडने की बात करें | राष्‍ट्रभक्त युवक है

  5. sandeep

    October 13, 2011 at 2:19 pm

    kumar shovir kya times now se koi dushmani hai khud hi kah rahe ho ki camra tripod per laga hua tha aur khud hi camre me jark aane ki bat kah rahe hai ………

  6. कुमार सौवीर, लखनऊ

    October 14, 2011 at 10:23 am

    संदीप जी।
    सवाल पूछने से बेहतर हो कि आप खुद ही किसी ऐसी जगह कैमरा सम्‍भालें और हादसा हो जाए।
    आपके सवाल का जवाब आपको फौरन मिल जाएगा।
    कोशिश करके तो देखिये, जर्क न आ जाए तो बताइयेगा।
    ऐसे हादसे दिल ही नहीं, कैमरा और टा्यपॉड तक दहला देते हैं।

  7. prashant

    October 14, 2011 at 5:42 pm

    तस्लीमा को पीटने वालों और गला दबाने वालों के खिलाफ आप लोगों ने कलम-कीबोर्ड नहीं तोड़े.

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