‘‘इंडिया टुडे” मैग्जीन की डिप्टी एडिटर दमयंती दत्ता पर अंग्रेजी की एक ब्लागर ने आर्टिकल चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। भारतीय इंगलिश ब्लाग जगत में इस विवाद से खूब हलचल है। ”ब्राउन पेपर” नाम से ब्लाग चलाने वाली और कनाडा में रह रहीं नीरांजना अय्यर ने 15 अप्रैल 2009 को अपने ब्लाग पर लिखे एक पोस्ट में चोरी की इस घटना का खुलासा किया है। इस पोस्ट का शीषर्क है- ”India’s Number One Magazine” copied my work. इस पोस्ट में नीरांजना लिखती हैं कि 2007 के अप्रैल महीने में उन्होंने अपने किशोर उम्र की फंतासियों और इनके टूटने के बारे में एक पोस्ट प्रकाशित की थी, ”Mills and Boon : An Indian Romance” शीर्षक से।
यह आर्टिकल इंडियन ब्लाग एग्रीगेटर देसी पंडित पर भी प्रकाशित हुआ। नीरांजना के मुताबिक ”इंडिया टुडे” मैग्जीन की डिप्टी एडिटर दमयंती दत्ता इंडिया टुडे की साइट पर पब्लिकेशन के लिए ”परसनल च्वायस” नाम से एक ब्लाग संचालित करती हैं। इस
ब्लाग पर ”Grow up, Mills & Boon” शीर्षक से उन्होंने पिछले साल नवंबर माह में एक पोस्ट प्रकाशित की। यह पोस्ट और कुछ नहीं बल्कि ”Mills and Boon : An Indian Romance” ही है, जिसे दमयंती ने बड़े कायदे से चोरी करने के मकसद से री-राइट करके अपने यहां पुनर्प्रकाशित कर दिया है। नीरांजना ने अपने और दमयंती की पोस्टों का पैरा बाई पैरा तुलनात्मक अध्यनन अपने ब्लाग ब्राउन पेपर पर प्रकाशित किया है जिससे साफ पता चलता है कि दमयंती ने नीरांजना के लिखे प्रत्येक पैरे को री-राइट करने की कोशिश की है लेकिन सारे तथ्य व आइडियाज ओरीजनली नीरांजना के हैं। करीब 80 लोगों ने नीरांजना की इस पोस्ट पर टिप्पणी की है। ज्यादातर ने इंडिया टुडे व दमयंती को चोरी करने पर धिक्कारा है और नीरांजना से डटे रहने की बात कही है।
एक पाठक ने अपनी टिप्पणी में ये बातें कहीं हैं-
Shriniwas Kulkarni said
Judging by the disarray that the Indian mainstream media is in and the travesty of justice that the Indian Judicial system is turning out to be, I hardly think you will get any reprieve from the India Today side. You all know what happened when Rashmi Bansal and Gaurav Sabnis (of JAM Magazine Mumbai) rebelled against the dubious claims of IIPM institute (of Arindam Chaudhury). It is a shame that publishers are getting away with (information) highway robbery in this way. You can sue them, or better claim all the revenue that Damayanti Datta would command via her article in IT. There are plagiarism detection software packages that would help too like plagiarismdetect.
Isnt it ironic that Damayanti Datta became another Opal Mehta …
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चोरी के बारे में खुलासा करने वाली पोस्ट – ”India’s Number One Magazine” copied my work.
ओरीजनल पोस्ट जिसे चोरी करने का आरोप है- ”Mills and Boon : An Indian Romance”
इंडिया टुडे वेबसाइट पर प्रकाशित चोरी की पोस्ट- ”Grow up, Mills & Boon”











