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अंतरिम राहत दो वरना ताला डलवा दूंगा

अपर श्रमायुक्त द्वारा अखबार मालिकों / प्रबंधकों को प्रेषित पत्र का एक अंश

वाराणसी के अपर श्रमायुक्त डीके कंचन ने अखबार मालिकों / प्रबंधकों को दी चेतावनी : अमर उजाला की तरफ से कहा गया- उनके यहां अंतरिम राहत दे दिया गया : श्रम विभाग ने सभी अखबारों से अंतरिम राहत भुगतान के प्रमाण और अंतरिम राहत पाने वालों कर्मचारियों की सूची 24 अगस्त तक हर हाल में पेश करने के लिए कहा :

अपर श्रमायुक्त द्वारा अखबार मालिकों / प्रबंधकों को प्रेषित पत्र का एक अंश

वाराणसी के अपर श्रमायुक्त डीके कंचन ने अखबार मालिकों / प्रबंधकों को दी चेतावनी : अमर उजाला की तरफ से कहा गया- उनके यहां अंतरिम राहत दे दिया गया : श्रम विभाग ने सभी अखबारों से अंतरिम राहत भुगतान के प्रमाण और अंतरिम राहत पाने वालों कर्मचारियों की सूची 24 अगस्त तक हर हाल में पेश करने के लिए कहा :

पत्रकारों और गैर-पत्रकारों को अंतरिम राहत देने की जोरदार लड़ाई बनारस में लड़ी जा रही है। समाचार पत्र पत्रकार गैर-पत्रकार कर्मचारी यूनियन के महासचिव एडवोकेट अजय मुखर्जी उर्फ दादा और काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्ता की लगातार सक्रियता के कारण श्रम विभाग भी अखबारों के मालिकों / प्रबंधकों पर दबाव बनाए हुए है। पिछले दिनों बनारस के सभी अखबारों के मालिकों के प्रतिनिधि और यूनियन व संघ के प्रतिनिधि अपर श्रमायुक्त कार्यालय में पूर्व आयोजित बैठक में शामिल होने पहुंचे। बैठक काफी गरमागरम रही। अखबार मालिकों के प्रतिनिधि अपर श्रमायुक्त को पट्टी पढ़ाने में लग गए तो अपर श्रमायुक्त डीके कंचन ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अखबार मालिकों के प्रतिनिधियों-प्रबंधकों को आदेश दिया कि वे अंतरिम राहत पाने वाले सभी कर्मचारियों की लिस्ट, अंतरिम राहत दिए जाने के पहले व आखिरी महीने के भुगतान का विवरण 24 अगस्त तक हर दशा में जमा करा दें।

सूत्रों का कहना है कि बैठक में अपर श्रमायुक्त ने धमकी दे डाली कि अगर अखबार के सेवायोजक / प्रबंधक उच्च न्यायालय की भावना के अनुरूप कर्मचारियों को अंतरिम राहत नहीं प्रदान करते हैं तो वे हाईकोर्ट के आदेश से बंधे होने के कारण इन अखबारों पर कार्रवाई करने को मजबूर होते हुए ताला डलवा देंगे, भले ही इसके जो परिणाम हों। सूत्रों का कहना है कि अखबारों के प्रबंधक परेशान हैं। लेकिन अब भी वे बच निकलने की जुगत लगाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि कई अखबार सिर्फ कागजों पर अंतरिम राहत देने की तैयारी में जुटे हैं और इन कागजों को अपर श्रमायुक्त कार्यालय को पेश कर दिया जाएगा।

इसी को ध्यान में रखते हुए एडवोकेट अजय मुखर्जी और योगेश कुमार गुप्त बनारस के पत्रकारों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं कि उन्हें वाकई अंतरिम राहत दिया जा रहा है या सिर्फ कागजी खानापूरी की जा रही है। बैठक के बाद अपर श्रमायुक्त डीके कंचन ने जो नोटिस अखबार मालिकों / प्रबंधकों को भेजा है, उसकी एक प्रति भड़ास4मीडिया के पास भी है, जिसे हम यहां प्रकाशित कर रहे हैं। 


अशासकीय पत्र संख्या 7366-74

कार्यालय

अपर श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश

वाराणसी क्षेत्र, वाराणसी

दिनांक- 13.8.2009

  1. सेवायोजक / प्रबंधक, जागरण प्रकाशन लि., वाराणसी
  2. सेवायोजक / प्रबंधक, हिंदुस्तान दैनिक, जगतगंज, वाराणसी
  3. सेवायोजक / प्रबंधक, अमर उजाला पब्लिकेशन, इंडस्ट्रीयल स्टेट, वाराणसी
  4. सेवायोजक / प्रबंधक, ज्ञानमंडल लिमिटेड, कबीर रोड, वाराणसी
  5. सेवायोजक / प्रबंधक, गांडीव हिंदी दैनिक, नीचीबाग, वाराणसी
  6. सेवायोजक / प्रबंधक, सन्मार्ग, अस्सी, वाराणसी
  7. सेवायोजक / प्रबंधक, आई-नेक्स्ट, दैनिक, नदेसर, वाराणसी
  8. सेवायोजक / प्रबंधक, कांपैक्ट, दैनिक, जगतगंज, वाराणसी
  9. सेवायोजक / प्रबंधक, समाचार टाइम्स, दारानगर, वाराणसी
श्रम और रोजगार मंत्रालय, नई दिल्ली के अधिसूचना दिनांक 24 अक्टूबर 2008 के अनुसार पत्रकारों और गैर पत्रकारों के मूल मजदूरी के 30 प्रतिशत की दर से अनुमन्य राहत समाचार पत्र प्रतिष्ठानों के सेवायोजकों द्वारा लागू न किए जाने के कारण समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन एवं काशी पत्रकार संघ, वाराणसी की ओर से माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के समक्ष याचिका संख्या- 27339/09 दायर की गई। इसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 26.5.2009 के अनुसार प्राधिकारी द्वारा पक्षों को सुनवाई का अवसर देते हुए तीन माह के अंदर नियमानुसार प्रकरण का निस्तारण किया जाना है।

माननीय उच्च न्यायालय के उक्त आदेश के अनुपालन में पक्षों को दिनांक 6.6.2009 को नोटिस जारी करते हुए आहूत किया गया एवं दिनांक 16.6.2009, 26.6.2009, 29.7.2009 तथा 11.8.2009 को पक्षों को सुना गया। सेवायोजक प्रतिनिधियों द्वारा अपना-अपना तर्क मौखिक रूप से प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान मेसर्स हिंदुस्तान टाइम्स तथा दैनिक आज के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कर्मचारियों को भुगतान संबंधी विवरण / सूची दिनांक 24.8.2009 तक प्रस्तुत करेंगे। इसी क्रम में मेसर्स अमर उजाला के प्रतिनिधि ने बताया कि आच्छादित कर्मचारियों को अंतरिम राहत का भुगतान दिया जा रहा है। मेसर्स दैनिक जागरण प्रकाशन लिमिटेड के प्रतिनिधि ने बताया कि कर्मचारियों को सी.डी.सी. के रूप में भुगतान किया जा रहा है, जिससे अंतरिम राहत आवर्त हो जा रहा है।

चूंकि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार प्रकरण का निस्तारण 3 माह की अवधि दिनांक 4.9.2009 तक किया जाना आवश्यक है, अतः उपरोक्त परिस्थितियों में आपको निर्देशित किया जाता है कि अधिसूचना दिनांक 24 अक्टूबर 2008 से आच्छादित होने वाले कर्मचारियों की सूची तथा अधिसूचना में निहित अंतरिम राहत को लागू किये गये प्रथम माह (जिस माह से लागू किया गया है) तथा अंतिम माह, जुलाई 2009 के भुगतान संबंधी विवरण दिनांक 24.08.2009 तक प्रत्येक दशा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ताकि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अनावश्यक विलम्ब न हो।

डी.के. कंचन

अपर श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश

वाराणसी क्षेत्र, वाराणसी

दिनांक 13-08-2009

प्रतिलिपि निम्नलिखित को इस निर्देश के साथ प्रेषित की जा रही है कि वे उक्त अधिसूचना से आच्छादित कर्मचारियों की सूची तथा अनुमन्य अंतरिम राहत संबंधी विवरण आप अपने स्तर से भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें-

  1. अध्यक्ष / मंत्री, समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन, चौक, वाराणसी।
  2. अध्यक्ष / मंत्री, काशी पत्रकार संघ, पराड़कर स्मृति भवन, टाउनहाल, वाराणसी।

 इस आदेश की ओरीजनल कापी देखने और पढ़ने के लिए क्लिक करें- आर्डर
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