कई उतार-चढ़ाव झेल चुके ‘वायस आफ इंडिया’ को फिर से जमाने का महाअभियान शुरू हो चुका है। चैनल को पुराने ‘लोगो’ से निजात दिला दिया गया है। नया लोगो जारी किया जा चुका है। चैनल को री-लांच कराने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। टेस्ट रन शुरू हो चुका है। प्रोग्राम बनने लगे हैं। आफिस में रौनक आ चुकी है। करीब 100 लोगों से ज्यादा की टीम नोएडा स्थित वीओआई आफिस में काम करने लगी है। आज से नाइट शिफ्ट भी शुरू कर दिया गया है। तीन शिफ्टों में काम होने लगा है। शुरुआत में केवल नेशनल न्यूज चैनल लांच करने की तैयारी है। चैनल के वरिष्ठों के बीच कार्य का बंटवारा कर दिया गया है। एसाइनमेंट हेड अजय कुमार को बनाया गया है।
दिल्ली मेट्रो हेड मधुरेंद्र सिन्हा हैं। कापी और पैकेजिंग का काम सर्वेश तिवारी देख रहे हैं। अखलाक उस्मानी और अतुल अग्रवाल के पास आउटपुट का जिम्मा है। राहुल ठगेले प्रोग्रामिंग देख रहे हैं। वीओआई के ग्रुप एडिटर किशोर मालवीय ने भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहा कि वायस आफ इंडिया पर जो दाग लगा है, उसे हम कंटेंट के जरिए धो देंगे। अच्छे कंटेंट से पुरानी बदनामी को खत्म कर करेंगे। हमारी टीम बेहतरीन कार्यक्रम और कंटेंट प्रोड्यूस करने में जुट गई है। हम अच्छा प्रोडक्ट लेकर मार्केट में आएंगे, ये वादा है।
वीओआई को त्रिवेणी मीडिया से खरीदकर अपनी कंपनी सर्चलाइट मूवीज के अधीन करने वाले निदेशक अमित सिन्हा ने भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहा कि हम अब कभी भी आन एयर हो सकते हैं। फिलहाल खुद की संतुष्टि के लिए ड्राइ रन संचालित कर रहे हैं और जिस क्षण यह लगेगा कि अब सब चीजें परफेक्ट हैं, हम आन एयर हो जाएंगे। अमित ने कहा कि वीओआई को फिर से पुनर्जीवित करने के उनके अभियान में जिन भी लोगों ने जिस भी तरह से मदद की है, मैं उनका शुक्रगुजार हूं और दिल से आभारी हूं।











