बाबरी ढांचा किसी सूरत में नहीं बचता : सजा मिली तो भुगतने को तैयार : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कहा है कि 6 दिसंबर, 1992 को कारसेवकों में ऐसा जुनून था कि बाबरी ढांचा किसी सूरत में नहीं बचता, गोलियां न चलवाकर कम से कम उन्होंने हजारों कारसेवकों की जान बचाई. उन्होंने कहा कि ढांचा गिराना कोई साजिश नहीं थी. इंदिरा गांधी, राजीव गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए कल्याण ने कहा कि ढांचा की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे लेकिन कई बार सुरक्षा के तमाम इंतजाम भी धरे के धरे रह जाते हैं.
स्टार न्यूज के साप्ताहिक कार्यक्रम जो कहूंगा, सच कहूंगा में दीपक चौरसिया के साथ बातचीत में कल्याण सिंह ने कहा कि लिब्राहन रिपोर्ट झूठ का पुलिंदा है क्योंकि इसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का नाम घसीटा गया है और 1990 में ही गुजर गए देवराहा बाबा का नाम लिया गया है. उन्होंनें कहा कि यह रिपोर्ट राजनीति से प्रेरित और कूड़ेदान में फेंक देने के लायक है.
कानून बनाकर मंदिर बनाया जाए : कल्याण ने कहा कि कोर्ट उन्हें बाबरी ढांचा गिराने के लिए सजा देती है तो वो सजा भुगतने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश न देना गुनाह था तो वो गुनाहगार हैं. उन्होंने कहा कि संसद को कानून बनाकर मंदिर बनाने का रास्ता खोलना चाहिए.
मुसलमान मंदिर बनाने में सहयोग करें : कल्याण सिंह ने कहा कि उन्हें ढांचा गिरने का कोई अफसोस नहीं है और वह उनके लिए राष्ट्रीय गर्व का दिन है. उन्होंने कहा कि कारसेवकों ने गुलामी का ढांचा गिराया था जिससे राम मंदिर का रास्ता खुल गया. उन्होंने कहा कि रामलला की मूर्ति अब वहां से कोई नहीं हटा सकता और वहां अब मंदिर ही बनेगा. कल्याण ने मुसलमानों से मंदिर बनाने में सहयोग की अपील की.
समर्थकों से पूछेंगे आगे का रास्ता : कल्याण ने कहा कि मुलायम सिंह पर भरोसा करना उनकी गलती थी. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को 13-14 सीटें मिल रही थीं लेकिन उनके कारण उसे 23 सीटें मिलीं. उन्होंने कहा कि आगे वो क्या करेंगे इसका फैसला समर्थकों से रायशुमारी के बाद करेंगे. उन्होंने बताया कि 28 नवंबर को दिल्ली और 4 दिसंबर को लखनऊ में समर्थकों की बैठक बुलाई गई है. प्रेस विज्ञप्ति











