सभी ने ग्वालियर से लांच होने जा रहे ‘पत्रिका’ ज्वाइन किया : पीपुल्स समाचार के भी आधा दर्जन लोग ‘पत्रिका’ पहुंचे : ग्वालियर में पत्रिका ने भास्कर को तगड़ा झटका दिया है. खबर है कि पत्रिका, ग्वालियर की लांचिंग के लिए ग्वालियर एक होटल में आज चल रही भर्ती में दैनिक भास्कर, ग्वालियर के करीब दो दर्जन से ज्यादा लोग लाइन लगाकर पहुंचे और इनमें से करीब एक दर्जन लोगों ने पत्रिका ज्वाइन भी कर लिया. ये इंटरव्यू पत्रिका के निदेशक नीहार कोठारी और संपादक भुवनेश जैन ले रहे हैं. पीपुल्स समाचार, ग्वालियर से भी आधा दर्जन से ज्यादा पत्रकारों ने इस्तीफा देकर ‘पत्रिका’ अखबार ज्वाइन किया है. इतने पत्रकारों के अचानक पाला बदलने से ग्वालियर गरम है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दैनिक भास्कर, ग्वालियर में करीब 11 वर्ष से कार्य कर रहे तीन वरिष्ठ पत्रकारों अनिल पटेरिया, मुकेश सक्सेना और अवधेश श्रीवास्तव ने भास्कर को गुडबाय बोलकर नवागत पत्रिका के साथ हाथ मिला लिया है. अनिल पटेरिया सीनयिर रिपोर्टर के रूप में भास्कर में कार्यरत थे जबकि मुकेश सक्सेना सिटी भास्कर के इंचार्ज थे. अवधेश श्रीवास्तव रीजनल डेस्क पर कार्यरत थे. दैनिक भास्कर से ही निहारिका श्रीवास्तव, विशाल सिंह और राहुल सिंह ने भी इस्तीफा देकर आज पत्रिका का दामन थाम लिया. निहारिका सिटी भास्कर में रिपोर्टिंग करती थीं. इनके अलावा भास्कर से कई और लोगों के आने की भी सूचना है पर उनके नाम नहीं मिल सके हैं.
उधर, पीपुल्स समाचार, ग्वालियर से भी कई लोग पत्रिका में आ गए हैं. पीपुल्स समाचार, ग्वालियर के सिटी डेस्क इंचार्ज अजय साहू ने इस्तीफा देकर पत्रिका का दामन थाम लिया है. पीपुल्स के सीनियर रिपोर्टर हरीश चंद्रा, पीपुल्स समाचार के पुलआउट माई ग्वालियर के लिए रिपोर्टिंग करने वाली गरिमा श्रीवास्तव, सिटी डेस्क पर कार्यरत शशांक घोष, प्रदीप बोहरे और प्रवीण मिश्रा के भी इस्तीफा देने और नई पारी पत्रिका के साथ शुरू करने की खबर है. हालांकि इन सभी नामों की अभी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. सूत्रों का कहना है कि पत्रिका के लिए इंटरव्यू का दौर अब भी चल रहा है. दूसरे अखबारों के कई और लोगों के पत्रिका में आने की संभावना बनी हुई है. इसके पहले रवींद्र कैलासिया दैनिक भास्कर, भोपाल से इस्तीफा देकर पत्रिका, ग्वालियर में सेकेंड मैन की हैसियत से ज्वाइन कर चुके हैं.












RUPESH KUMAR TIWARI
March 27, 2010 at 8:13 am
oh patrkar mahody ji . man gay aap ko jis dase may rhtay hi us das ko safsuthra karna pasand karangy ya. uskaohud kar bedas may jayngy. yha bat kuch haja nahi hue. aap lao jara socay pnha . kay karna hoga hamko . chore vrastachar to har jgahi hi lakinsoch kar
mohit bhopal
March 28, 2010 at 1:28 am
yah nav bharat balo ka saraap hai
Arun sharma
March 28, 2010 at 11:14 am
good desigen
nilesh singh tomer
March 28, 2010 at 8:47 pm
Wrong desigien,
Teerth Gorani
March 29, 2010 at 9:58 am
Bhaskar ke har edition ka yahi haal hai.Herat ki baat to ye hai ki musibat main jahaj chhodne walon main jaydatar vahi log hote hain jo sirf apni marketing ke bal par bhakkar main ash kar rahen the. Jo bazar main khade nahin ve ho sakte unke liye bhaskar main koi kadar nahin aur bahar bhi.