बाजार में मंदी भले छाई हो लेकिन टीवी चैनलों का बाजार गर्म है। कई चैनल बाजार में आने के लिए तैयार बैठे हैं, और कई लाइसेंस के इंतजार में हैं। ऐसे में जमे जमाये टीवी पत्रकारों की चांदी है। नये पत्रकारों के सामने भी आशा की किरण दिख रही है। इस सबके बीच कुछ ऐसे गैर-पत्रकारों की भी चांदी हो गई है जो नये चैनलों के लिए पत्रकारों का जुगाड़ करने में लगे हैं। जी हां, दिल्ली में जमे-जमाये टीवी पत्रकारों के फोन पिछले हफ्ते किसी दीपाली ने खूब घनघनाये। उसके झांसे में कई पत्रकार आ गए। दीपाली ने टीवी पत्रकारों के नंबर जुगाड़ कर सीधे उनसे संपर्क साधा। वो खुद को एक प्लेसमेंट कंपनी का डायरेक्टर बता रहीं थी। उसने टीवी पत्रकारों को बताया कि उसके पास उनके लिए कई आकर्षक ऑफर हैं। उसने पत्रकारों से तनख्वाह पूछी और पद भी।
मामला टीवी की दुनिया का था, इसलिए पत्रकारों को कई पदों के बारे में दापाली को समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मसलन एक टीवी पत्रकार ने जब उन्हें बताया कि वो अपने चैनल में इनपुट डेस्क को हेड करते हैं तो दीपाली को कुछ नहीं समझ आया। खैर, पत्रकार महोदय को उन्हें पूरे न्यूज रूम का वर्क फ्लो समझाना पड़ा। दीपाली ने कई टीवी पत्रकारों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर उनसे बायोडाटा मंगा लिए और एक प्रस्तावित टीवी चैनल मालिक के हवाले कर दिया। बदले में उन्हें मिली मोटी रकम। करीब 80 पत्रकारों के बायोडाटा उसने मंगवाये। हर किसी को यह भरोसा दिया कि बायोडाटा भेजने के तीसरे दिन प्रस्तावित टीवी चैनल के मालिक और चैनल हेड से सीधी मीटिंग कराई जायेगी। लेकिन बायोडाटा मिलते हीं दीपिका गायब हो गई। टीवी पत्रकार अब ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्हें अब सिर्फ इस बात का इंतजार है कि चलो, कभी न कभी तो नये चैनल से कॉल आयेगा।
अगर आप भी टीवी पत्रकार है और आपके पास दीपाली का फोन नहीं आया तो घबराइये मत। उसका मेल और फोन नंबर हम आप तक पहुंचा रहा है। मोबाइल नंबर है 09820843738 और [email protected] मेल आईडी है। वैसे, बता दें कि दीपाली दिल्ली में नहीं, मुंबई में निवास करती हैं।
भड़ास4मीडिया ने दीपाली से पूरे मामले के बारे में जानना चाहा तो उनका कहना था कि वे कांट्रैक्ट के नियम-शर्तों के चलते अपने क्लाइंट का नाम नहीं बता सकतीं पर यह सच है कि वे एक नए चैनल के लिए सीनियर जर्नलिस्टों के बायोडाटा मंगा चुकी हैं। जब उनसे उन जर्नलिस्टों का नाम पूछा गया जिन्होंने बायोडाटा भेजा है तो दीपाली ने फिलहाल बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि समय आने पर जर्नलिस्टों से संपर्क किया जाएगा। दापाली से जब उनकी प्लेसमेंट कंपनी या एजेंसी की वेबसाइट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे अंडर कांस्ट्रक्शन बताया।
दीपाली ने अन्य किसी भी सवाल का जवाब गोपनीयता के नाम पर नहीं दिया। पर वे बार-बार अनुरोध करती रहीं कि ये खबर प्रकाशित न की जाए।











