एक नए उभरते हुए मीडिया माध्यम पर सत्ता तंत्र ने रोक लगा दी है. मोबाइल एसएमएस सर्विस को अगले 72 घंटे के लिए बैन कर दिया है. अखबारों, न्यूज चैनलों, वेबसाइटों पर कोई बैन नहीं है लेकिन मोबाइल मैसेज सर्विस के जरिए गांव-कस्बे तक की सूचनाएं उपलब्ध कराने वाले नवोदित मीडिया माध्यम पर बैन इस आधार पर लगाया गया है कि अयोध्या विवाद पर शुक्रवार को हाई कोर्ट का फैसला आना है. सूत्रों के मुताबिक सरकार ने तत्काल प्रभाव से अगले 72 घंटों के लिए बल्क एसएमएस और एमएमएस भेजने पर पाबंदी लगा दी है.
संचार मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से विचार-विमर्श के बाद मोबाइल फोन कंपनियों को देर रात इस बार निर्देश जारी कर दिया. सरकार ने कदम इसलिए उठाया है कि ताकि हुड़दंगी अफवाहें फैलाने के लिए मोबाइल का नाजायज फायदा न उठा सकें. सरकार को डर है कि कुछ शरारती तत्व ऐसा करके माहौल को खराब कर सकेत हैं और सांप्रदायिक हिंसा को हवा दे सकते हैं. इससे पहले गृह मंत्री चिदंबरम ने मुकदमे से जुड़े सभी पक्षों और जनता से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि हाई कोर्ट के फैसले को कोई भी पक्ष हार या जीत के रूप में न ले. चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि मुकदमे के सभी पक्ष और आम जन विशेष बेंच के फैसले पर अपनी राय देने में संयम बरतें और जल्दबाजी में कोई बयान न दे. जम्मू-कश्मीर के दो दिन के दौरे से लौटे गृहमंत्री ने पहले अयोध्या फैसले को लेकर देश में बन रहे माहौल की समीझा की. समीक्षा बैठक में गृह मंत्रालय के सभी वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के मुखिया और इंटेलीजेंस ब्यूरो के निदेशक भी शामिल हुए.












bal krishan
September 23, 2010 at 11:46 am
aam admi shanti chata hai , kuch log jo in mudon par apni dukan chala rahe hai unko he yeh matlab hai ke mandir ya masjid , desh ka har nagrik shanti kee mang kar raha hai , is masle ka puran or sahi nirnya yahi hai ke vivad wali jameen par ek park bana kar masla khatam kar diya jay , na mandir na masjid , jitne adik dharmik sthan hoge untne hee dange adik honge
bb goyal barnala
September 23, 2010 at 2:46 pm
mandir masjid se pehle desh ki shaanti jarur hai. kisi ne such hee kaha tha:
mandir dhah de, masjid dhah (destroy) de,
dhah de jo kuch dhenda,
ik kise da dil naa dhaahi,
rabb dila vich rehnda.
sms per rok lagane ki kya jarurat thee.
[url]http://www.punjabcolleges.com[/url]
winit
September 24, 2010 at 12:24 pm
यशवंत भाई , बहुत बहुत धन्यवाद
इस उभरते हुए माध्यम के लिए अपने शशक्त पोर्टल से उनका पक्ष रखने के लिए.
पता नहीं क्यों स्थापित मीडिया के कुछ स्वनाम धन्य पत्रकारों में इस विधा के लिए इतनी दहशत और कलुषता क्यों है
विनीत
NewsZone broadCom
rizwan mustafa
September 25, 2010 at 11:59 am
SMS news ,Sensor karna sarasar galat hai,
Indersen
September 27, 2010 at 11:16 am
Yaswant Bhai SMS Service Ke Bhi Manak Taye Hone Chahiye, Har Aira Gaira Natthu Khaira SMS Service Shuru Kar Deta Hai