पत्रकारों से धंधा कराने के वीओआई प्रबंधन के फैसले के खिलाफ सच्चे पत्रकारों ने बगावत का बिगुल बजा दिया है। आशीष मिश्र ने इस्तीफा देकर जो शुरुआत की है उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए कई वरिष्ठ और संवेदनशील पत्रकारों ने वीओआई को बाय बाय बोल दिया। इनमें प्रमुख हैं वीओआई के रीजनल चैनलों के हेड मुकेश कुमार, वीओआई के यूपी-उत्तराखंड के स्टेट हेड अश्विनी भटनागर, प्रिंसिपल करेस्पांडेंट अनुपमा त्रिपाठी, मीनल, आमिर हुसैन। यूपी के कई जिलों से वीओआई प्रतिनिधियों के इस्तीफे की खबर है। मुकेश कुमार वीओआई के संपादकीय स्तंभों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने इस्तीफे से संबंधित नोटिस वीओआई प्रबंधन को थमा दिया है। सूत्रों का कहना है कि पत्रकारों से धंधेबाजी कराने के वीओआई प्रबंधन के फैसले से मुकेश कुमार बेहद नाराज थे।
ज्ञात हो कि मुकेश कुमार के नेतृत्व में ही वीओआई के राजस्थान और एमपी-सीजी चैनल लांच किए गए। अब यूपी लांचिंग की तैयारियां चल रही थी। अपने 23 वर्षों के पत्रकारीय करियर में मुकेश कुमार प्रिंट और टीवी दोनों माध्यमों में सक्रिय रहे। वे प्रिंट में छह वर्ष रहे। वर्ष 93 से टीवी में हैं। उन्होंने टीवी में सहारा का एमपी चैनल और एस1 लांच किया। मुकेश संवेदनशील पत्रकार के साथ-साथ साहित्यकार भी हैं। वे डा. श्याम कश्यप के साथ मिलकर टीवी जर्नलिज्म पर सीरिज लिख रहे हैं। इस सीरिज की दो किताबें आ चुकी हैं। तीसरी पर काम चल रहा है। वे ‘हंस’ में तीन वर्षों से नियमित रूप से कालम लिख रहे हैं। उनकी लिखी कई कविताएं और कहानियां प्रकाशित हो चुकी हैं। मुकेश कुमार ने इस्तीफा देकर साबित किया है कि वे लेखन में ही नहीं बल्कि व्यवहार में भी आदर्श और सरोकार को जीते हैं।
दूसरा बड़ा विकेट वीओआई के यूपी और उत्तराखंड के हेड अश्विनी भटनागर का गिरा है। सूत्रों के मुताबिक 10 वर्षों तक टीओआई और 14 वर्षों तक ट्रिब्यून जैसे मीडिया संस्थान में काम करने वाले अश्विनी वीओआई प्रबंधन के अनप्रोफेशनल और अनएथिकिल रवैए से परेशान थे। साथ ही, पिछले दो महीने से उनके समेत पूरे स्टाफ को सेलरी भी नहीं मिल रही थी। बताया जाता है कि प्रबंधन ने स्टेट हेड से लेकर जूनियर रिपोर्टर तक के लिए बिजनेस टारगेट फिक्स कर दिया था। इन पर कहीं से भी पैसे लाने को दबाव डाल रहा था। इन सभी कारणों के चलते अश्विनी भटनागर और उनकी टीम के दर्जन भर लोगों ने वीओआई को टाटा बाय बाय बोल दिया। इस्तीफा देने वालों में अश्विनी के अलावा प्रिंसिपल करेस्पांडेंट अनुपमा त्रिपाठी, मीनल, आमिर हुसैन, बनारस से उत्पल पाठक आदि हैं। इलाहाबाद और आगरा से भी कई इस्तीफे होने की खबर है। बताया जाता है कि यूपी और उत्तरांचल के स्टेट हेड अश्विनी भटनागर के लिए वीओआई मैनेजमेंट ने साल में 6 करोड़ रुपये देने का टारगेट फिक्स कर रखा था, हालांकि इस बात की अधिकृत रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।











