Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

एसटीवी में कभी समय से नहीं मिलती सेलरी

रोहतक। एसटीवी नेटवर्क का पंजाब टुडे ग्रुप अपने यहां काम करने वाले कर्मचारियों को कभी भी समय पर सैलरी और अन्य भुगतान न करने के लिए काफी प्रसिद्ध है। इस ग्रुप में किसी भी कर्मचारी को आज तक समय पर सैलरी नहीं मिली है। इससे लेकर यहां काम करने वाले हर कर्मचारी में  रोष व्याप्त रहता है। कभी डेढ़ तो कभी दो माह महीने बाद सेलरी मिलती है। इस स्थिति में कर्मचारियों के आर्थिक हालात का अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।

रोहतक। एसटीवी नेटवर्क का पंजाब टुडे ग्रुप अपने यहां काम करने वाले कर्मचारियों को कभी भी समय पर सैलरी और अन्य भुगतान न करने के लिए काफी प्रसिद्ध है। इस ग्रुप में किसी भी कर्मचारी को आज तक समय पर सैलरी नहीं मिली है। इससे लेकर यहां काम करने वाले हर कर्मचारी में  रोष व्याप्त रहता है। कभी डेढ़ तो कभी दो माह महीने बाद सेलरी मिलती है। इस स्थिति में कर्मचारियों के आर्थिक हालात का अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।

यह भी पहली बार नहीं है कि जब इस नेटवर्क के किसी चैनल का प्रसारण बंद हुआ हो, इससे पहले बल्ले-बल्ले म्यूजिक चैनल, गोवा न्यूज और यूपी न्यूज भी मंदी की मार के नाम पर बंद किए जा चुके हैं। फिलहाल हरियाणा न्यूज चैनल ही ठीक-ठाक ढंग से चल रहा है। वहीं, हिमाचल न्यूज भी बंद होने की कगार पर है। यहां चपरासी से लेकर स्ट्रिंगर, रिपोर्टर, ट्रेनी प्रोड्यूसर, प्रोड्यूसर, एक्सीक्यूटिव प्रोड्यूसर, इनपुट हेड और आउटपुट हेड सभी को वेतन के लिए तरसना पड़ता है। कई बार ऐसा लगता है जैसे किसी चैनल में नहीं मंदिर या धर्मशाला में काम कर रहे हों, जहां पैसे चढ़ाने भी पड़ते हैं। जिस किसी से बात कर लो, उसके मुंह से चैनल और एचआर डिपार्टमेंट के लिए गाली ही निकलेगी।

कौन उठाए प्रबंधन के खिलाफ आवाज

अब सवाल यह उठता है कि प्रबंधन के खिलाफ आवाज कौन उठाए क्योंकि जो भी आवाज उठाएगा उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। अब ऐसे में जब तक कोई और रास्ता नहीं निकलता तब तक तो यहीं मरना है, सब कर्मचारियों की यही सोच है। मुझे भी इन सब बातों का पता पांच साल पहले लगा, जब मैंने इस ग्रुप के चैनल में काम किया। एक साल तक काम करने के दौरान मुझे तमाम प्रकार के अनुभव हुए। 2005 में जब सब कुछ सहना मुश्किल सा हो गया, तब मैने आठ दिसंबर को हरियाणा न्यूज को बाय-बाय कह दिया।

हां, प्रशिक्षण केंद्र बेहतर है

इस चैनल के बारे में एक चीज अच्‍छी हैं, वो यह कि ये प्रशिक्षण केंद्र बढ़िया है। यहां काम करने वाले नए लोगों को काफी कुछ नया सीखने को मिलता है, जिसका उन्हें बड़े चैनलों में इंटरव्यू के दौरान फायदा होता है। बड़े चैनल में रह कर जो व्यक्ति शायद दो-तीन साल में नहीं सीख पाता, वह यहां एक ही साल में सीख जाता है। सीखे भी क्यों न, हर प्रकार का काम खुद ही करना पड़ता है और फिर कई बार मजबूरी भी बहुत कुछ सिखा देती है। इसी ग्रुप में काम करने वाला सौरव आज रजत शर्मा के चैनल इंडिया टीवी का स्टार एंकर है। वहीं किम्मी अरोडा, रंजना शर्मा, रूचि आदि कुछ एंकर सहारा के चैनलों पर बतौर एंकर काम कर रहे हैं। कुछ ऐसे भी शख्स हैं, जो मुझे फिलहाल याद नहीं हैं, वे भी बड़े चैनलों में बढ़िया काम कर रहे हैं।

बाकी धंधों में लगा है पैसा

एसटीवी नेटवर्क में इस प्रकार के हालात के लिए यहां का प्रबंधन पूरी तरह जिम्मेदार है। इस नेटवर्क के संचालक जे के जैन हैं। यह जैन टीवी वाले नहीं हैं, बल्कि पिछली सरकार में कंपनी मामलों के केंद्रीय मंत्री रहे प्रेम कुमार गुप्ता के रिश्तेदार हैं। गुप्ता जी लालू प्रसाद यादव की पार्टी के कोटे से मंत्री बने थे। ऐसा नहीं है कि मालिक के पास संसाधन नहीं है, लेकिन नीयत में खोट है। वह कर्मचारियों को सेलरी न देकर उस पैसे का उपयोग बाकी धंधे में करते हैं। गोवा में निरवाना नेस्ट के नाम से प्रॉपर्टी का बिजनेस चल रहा है। हिमाचल प्रदेश में आर्नी यूनिवर्सिटी बना रखी है। पता चला है कि अब उस यूनिवर्सिटी को भी मालिक बेचने की फिराक में हैं।

इससे पहले जैन ने चौटाला की सरकार में हरियाणा के करनाल में करनाल हवेली बनाई थी, फिर उसे कई करोड़ के फायदे में बेच दिया, लेकिन उस फायदे का उपयोग कभी भी कर्मचारियों को समय पर सैलरी देने के लिए नहीं किया। इसके अलावा और भी अन्य धंधे होंगे, जिनका किसी को पता नहीं है। वहीं, चैनल के मालिक को यह भी पता है कि उसके यहां जिस तरह का माहौल है, उसे देखते हुए कोई भी कर्मचारी लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा। फिर उसे समय पर सैलरी या भुगतान करने से क्या फायदा।

अमरेंद्र के समय थे जैन के जलवे

पंजाब में जिस समय कैप्टन अमरेंद्र सिंह की सरकार थी, तब जेके जैन के जलवे थे। वे तमाम प्रकार की सरकारी सुविधाओं का फायदा उठा रहे थे। यहां तक पंजाब सरकार ने जैन को बाकायदा कमांडो भी मुहैया करा रखे थे। पंजाब में इस चैनल के बुरे दिन बादल सरकार आने के बाद शुरू हुए। प्रारंभ में चैनल का प्रसारण बंद किया गया। बाद में चौबीस घंटे का यह चैनल हिमाचल न्यूज पर एक-दो घंटे के बुलेटिन में सिमट गया।

जिसकी सरकार, उसका खास

चैनल के मालिक की यह खासियत है कि जिस प्रदेश में जिसकी सरकार हो, वह उसका खास बनने की कोशिश करता है। चुनाव के दिनों में तो जैन साहब नेताओं के इंटरव्यू भी खुद ही लेते हैं। हां यह बात अलग है कि पंजाब में बादल से गोटी फिट नहीं हो पाई। कई बार ऐसा होता है कि किसी सरकार से पटरी ठीक नहीं बैठती तो फिर चैनल में खबरों के माध्यम से उसका थोड़ा बहुत विरोध करना शुरू कर दिया जाता है। फिर बात बनते ही सब कुछ ठीक हो जाता है। दीपक खोखर

दीपक खोखर की रिपोर्ट.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. Naresh Arora

    October 6, 2010 at 6:43 am

    Bilkul theek deepak ji ….yah training center achha hai ..NDTV ki Ritika,Sahara ka Narinder,Aaj Tak ka Sachin bhi yahi se gaye hain ..Jis Saurav ki baat aap kar rahe ho voh mere vahan rehte Training par tha…Haryana News ka half an hour ka Bulletin teyar karte yah log 16 hours laga dete thay .Gupta ji bechare kya akre..Jain sahab Salary denge to voh aage bantenge……Rahi Baat Jain Sahab ki to Punjab me Chunav ke waqt yah sahab Amrinder ke kafile ke sath khud reprting kar rahe thay aur Punjabi Channel ke liye Hindi me in ka PTC on Air hua tha …

  2. चंदर प्रकाश

    October 7, 2010 at 3:10 am

    दीपक खोखर साहब को ये पीस लिखने के लियाए साधुवाद. पर आप ने ग़लत लिखा की पंजाब टुडे मे कुछ सीखने को मिलता है.जिस चॅनेल मे उपर से ले कर नीचे तक नवसिखुए बैठे हों वो किसी को क्या सीखा सकते है. जिन लोगों ने नाम कमाया है वो अपने दम पर बड़े चॅनेल्स मे पहुचे है. पंजाब टुडे के कई रिपोर्टर शादी- व्याह का वीडियो बनाने वाले थे तो कई मेट्रिकफेल. कई लोग नामी गिरामी ब्लेकमेलर् हैं.

    जैन साहब ना तो पैसे देते हैं ओर ना ही इज़्ज़त. अगर वो अपने मातहतों के प्रति ईमानदार होते तो आज पंजाब चॅनेल बंद ना होता. उनके मन मे हमेशा से बेईमानी भारी रही है. चॅनेल के नाम पर उल्टे सीधे धंधे कियाए और शिमला के सीसल जैसे होटलों मे रातें गुज़री ओर एक एक रात का रेंट 25000 रुपये दिया. होली के दिन पार्टी पर लाखों उड़ाए जाते थे. इसके अलावा भी बहुत कुछ होता था. खूब ऐश की जाती थी.

    मीडिया ब्रांड को खड़ा करने मे सालों लग जाते हैं. लोग अपने ऐशो आराम भूल कर दिन रात मेहनत करते हैं. पंजाब चॅनेल को जब लॉंच किया गया था तो उसे पंजाब का आज तक कहा गया था बड़े बड़े सपने देखे गये थे लेकिन उनकी बुनियाद बेइंमानी
    और विलासिता की नींव पर रखी गई फिर एक दिन इस किले का ढहना पहले ही तय था.

    चॅनेल के मालिक ने चॅनेल से दौलत कमा कर अपने घर तो भर दिया पर दर्जनों लोगों के साथ धोखा किया जिनमे से कई बेहद गरीब हैं .भगवान ऐसे लालची आदमी को कभी चैन से नही रहने देगा.

  3. rakesh

    October 8, 2010 at 8:12 am

    chor k channel, lafangon k haath, randion ki aawara gardi malik k ghar pr.. achcha hua band hua

  4. NiranjanRana

    October 10, 2010 at 7:28 pm

    Deepak Bhai,
    Ram Ram,
    Apne Thik Likha hai, Hum Jaise Log din Raat Mehnat karke kam krte hai or Malik log Salary Time pe nhi dete, aise me koi kam kare bhi to kaise. Aapki Kahani pta hai, lekin ye sirf ek aadmi ki nahi kai logon ki aisi hi khani hai, Maine 4 saal Haryana News Me kaam kiya hai, iss doran bhut se producers, anchors ko ek time bhukhe sote dekha hai maine… iss channel ke haal to suru se hi badtar the, hum local rehne wale hai isliye kaam chala liya, lekin bahar ke logon ki halat bhut kharab thi.. ab to our b bura hail hai .dear

    Niranjan Rana

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...