वायस आफ इंडिया उर्फ वीओआई न्यूज चैनल का असली मालिक कौन? यह विवाद सुलझाने की दिशा में कोर्ट ने तेजी से कदम उठाना शुरू कर दिया है. सुमित मित्तल, मधुर मित्तल व अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने इन याचिकाकर्ताओं के अनुरोध पर वायस आफ इंडिया के नोएडा स्थित मुख्यालय को सील कर इसे अदालत के कब्जे में लेने की कार्यवाही शुरू करने का आदेश आठ अक्टूबर 2010 को दिया. इस आदेश का अनुपालन भी करा दिया गया है. नोएडा स्थित वीओआई मुख्यालय के गेटों पर लगी सील को यहां प्रकाशित तस्वीरों में देखा जा सकता है. साथ ही कोर्ट के आदेश की एक प्रति को भी यहां प्रकाशित किया जा रहा है.
अदालत ने वीओआई आफिस सील करने के लिए रिसीवर नियुक्त किए गए एडवोकेट ओम प्रकाश को लोकल कमिश्नर बनाया. साथ ही पुलिस को निर्देश दिया कि वह वीओआई आफिस में पड़े सामानों की लिस्ट बनाने और पूरे आफिस को अदालत के कब्जे में लेने की कार्यवाही को समुचित ढंग से संपन्न कराने में मदद करे. मित्तल बंधुओं की याचिका पर कोर्ट के निर्देश के बावजूद अमित सिन्हा की तरफ से वकील ने जवाब अभी तक दाखिल नहीं किया है, इसको संज्ञान लेते हुए अदालत ने अमित सिन्हा के वकील के अनुरोध पर दस दिन का और समय दिया और यह भी कह दिया है कि इसके बाद कोई समय नहीं दिया जाएगा. कोर्ट ने यह भी कहा है कि अभी तक आदेश के बावजूद अमित सिन्हा ने कोई पैसा नहीं जमा किया, न ही अमित सिन्हा के पक्ष में डिवीजन बेंच ने कोई आदेश पारित किया, इस कारण अदालत का मानना है कि याचिकाकर्ता के अनुरोध पर ध्यान देते हुए वीओआई कैंपस को लोकल कमिश्नर के जरिए निरीक्षण कराकर सील करने का आदेश देना ठीक होगा. कुछ ऐसी ही भाषा है अदालत की, जिसे नीचे प्रकाशित किया गया है. वीओआई पर मालिकाना हक की लड़ाई की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 25 अक्टूबर की तारीख तय की है. सूत्र बताते हैं कि अदालती लड़ाई में कोर्ट के इस आदेश से स्पष्ट जाहिर हो रहा है कि अमित सिन्हा के वकील उनका पक्ष मजबूती से नहीं रख पा रहे हैं और मित्तल बंधु याचिका पर याचिका दायर कर दबाव बनाने व अपना पक्ष रखने में काफी आगे निकल गए हैं. इस मामले में आठ अक्टूबर को मित्तल बंधुओं के पक्ष में आए अदालती आदेश और आदेश की तामील के बाद वीओआई आफिस की स्थिति को यहां पढ़-देख सकते हैं-
















Divakar Sharma
October 12, 2010 at 8:58 pm
AAg laga do office mei,
yashvir
October 12, 2010 at 10:38 pm
ishwar kare jaldi tale khule, aur logon ko rozgar mile……..
thanks.
surendra arora
October 13, 2010 at 1:59 am
us office main bhoot rahte hai. kai baar logo ko dikhe hai. jo bhi vaha jayega, uska yahi haal hoga.
aashish jain,kareli,narsinghpur
October 13, 2010 at 2:45 am
चैनल की रीढ़ होने वाले स्ट्रिंगर की कीमत न समझने वालों का यही हश्र होता है ……..!
aami
October 13, 2010 at 4:01 am
वीओआई का अंत तो पहले ही हो गया था लेकिन इसके लिए मै मित्तल बन्धुओ को इसकी वजह नही मानता बल्कि वीओआई के खातमे के जिम्मेदार वो है जिन्होने उसको चलाने की जिम्मेदारी ली थी। खुदा करे वीओआई की शुरवात फिर से हो और बेरोज़गारों को रोज़गार मिले…वरना एक दिन वो भी आ सकता है कि जिस तरह से किसानो ने आत्महत्याएं की वैसे ही पत्रकार करेंगे।
diwakar sharma
October 13, 2010 at 5:18 am
apne naam se likhne ke himmat rakkho, agli baar mere naam se likhne per,mujhe [u][b]CYBER CRIME AC[/b]T[/u] ke tahat action lene per mazboor na karen
r. kumaar,seoni(mp)
October 13, 2010 at 11:50 pm
naa jane kitno ko berojgaar or tabah kar gaya VOI……..?
staffer ho ya stringar aaj bhi bekaar hai.[b][/b]
Rahul Tyagi
October 14, 2010 at 9:06 pm
God will punish Amit Sinha and Mittal Bandhu for spoiling so many lives……Bhagwan ke ghar der hai par andher nahi…
rahul
October 15, 2010 at 12:09 am
chinta nahi kare madhur jee ab aap sab ka payment kar denge , nahi karenge to jaldi hi delhi ke rodon par bhekh mangte dekhenge, kash aisa ho jaye………
bhimmanohar
October 15, 2010 at 4:03 pm
madhur jee ek war phir se voi ko nai shurat de is war nai team ko le no1. ki soche, yar is channel se hum sub ki ummide judi hai…..