: जिसने जान बचाई, उसको हमलावर छाप दिया था : भिवानी से सूचना है कि स्थानीय अतिरिक्त सिविल जज शशी चौहान की अदालत ने एक गलत समाचार प्रकाशित करने के मामले में दैनिक भास्कर समाचार पत्र के स्थानीय संपादक व संवाददाता को छह माह की कैद व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार गांव दांग निवासी चांदीराम ने 29 अप्रैल 2003 को अदालत में दायर इस्तगासा दायर किया। इसके बाद अदालत ने तोशाम पुलिस थाना के प्रभारी को विभिन्न धाराओं के तहत संपादक तथा संवाददाता के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए।
चांदीराम ने इस्तगासा में आरोप लगाया कि वह 10 जनवरी 2003 को अपने रिश्तेदार रामोतार के पास हिसार जिले के गांव ढाणा गया था। वहां रामोतार पर कुछ लोगों ने गोलियों से हमला कर दिया। रामोतार गंभीर रूप से घायल हो गया। झगड़े के दौरान बीच बचाव करके उसने रामोतार को बचा लिया तथा उसे अस्पताल में भर्ती करवा दिया। लेकिन अखबार ने गलत समाचार प्रकाशित कर दिया, जिसमें कहा गया कि चांदीराम ने रामोतार पर गोलियां चलाई। खबर प्रकाशित होने के बाद उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरा आघात लगा। मामले की सुनवाई के बाद स्थानीय अतिरिक्त सिविल जज शशी चौहान ने बुधवार को अखबार के दैनिक भास्कर के पानीपत के स्थानीय संपादक हरिमोहन शर्मा व संवाददाता सर्वेश कुकरेजा को छह-छह माह की कैद तथा तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपियों को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया।












मदन कुमार तिवारी
October 14, 2010 at 1:22 am
न्यायालय को सयंम से काम लेना चाहिए। गलतियां होती है। वकील हूं ऐसे अनेक मौका आया जब न्यायालय के आदेश में भुलवश त्रुटियां पाई। न्यायालय के सामने उसे रखा और सुधार हुआ । खैर अपील मे सब ठीक हो जाएग़ा ।
benam
October 15, 2010 at 12:28 am
apno ko to baks do d. kanwari jee.
ramkumar bhopal
October 16, 2010 at 6:22 pm
bhai bhaskar walo is editor ko jaldi nikalo.ye bhaskar ko le bethega. samaj me nahi atta bhasker group ne ase admi ko kayi rakha hua hai.abhi to rewari.charkhi dadri,hisar court ke fesle bhi aane baki hai.bhaskar ne 2005 ke chunav se pahle in mahasya ko group se niakl diya tha.pata nahi dobara yeh janb kese aa dhamke.ye bhasker ke itihas me pahla mauka hai jab kisi editor ko jail hui hai.jaha haryana me commenwelth game me apar saflata mili . jisse haryana ka nam roshan hua wahi is insan ne bhaskar and haryana ka naam kharab kar diya hai.isliye bhaskar group ko aise aadmi se tauba kar leni chayiye.
Yashovardhan Nayak
October 18, 2010 at 8:09 am
RAJENDRA MATHUR SAHAB KAHA KARTE THE KI KISI VYAKTI KE CHARITRA KE UPAR KEECHAD UCHHALNA US VYAKTI KI CHHAVI HATYA KARNE JESA HAI .PATRKAR KYA KANOON SE PARE HAI.