: हिंदी मैग्जीन भी लांच करने की तैयारी की : पत्रकारिता को करियर बनाने के इच्छुक स्टूडेंटस के लिए एक अच्छी खबर है कि ‘जर्नलिस्ट टुडे नेटवर्क’ ने मीडिया इंस्टीट्यूट शुरू कर दिया है. नाम है Journalist Today Institute of Media Studies. दिल्ली के रोहिणी इलाके में शुरू किए गए इस इंस्टीट्यूट की खास बात यह रहेगी कि यहां कागजी ज्ञान कम और प्रैक्टिकल ज्यादा करवाने की कोशिश की जाएगी. थ्यौरी कम और ज्यादा से ज्यादा वरिष्ठ पत्रकारों से मुलाकात और उनसे पत्रकारिता के अनुभव बांटने का मौका देने को प्राथमिकता रखा गया है.
यहां उन स्टूडेंट्स के लिए भी मौका होगा जो पहले कहीं से मॉस कॉम का कोर्स तो कर चुके हैं लेकिन प्रैक्टिकल के नाम पर जीरो हैं. मीडिया के अंदर आज की जरूरतों, उन पर खरा उतरने की तैयारियां करवाने के साथ फील्ड के अनुभव देना भी यहां की विशेषता होगी. उन स्टूडेंट्स के लिए भी मौका होगा जो अब तक कहीं दाखिला नहीं ले पाए हैं. या बड़े बड़े इंस्टीट्यूट की फीस देना उनके परिवार के बस की बात नहीं. इंस्टीट्यूट को चलाने वाले योगराज शर्मा पिछले 15 सालों से दिल्ली की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे अपने मीडिया समूह जर्नलिस्ट टुडे नेटवर्क को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में गठन के साथ मासिक पत्रिका ‘आज की दिल्ली’ भी लांच करने की तैयारी कर ली है. ये मैग्जीन दिवाली पर लांच की जा रही है. योगराज शर्मा ने 9 साल प्रिंट मीडिया और 6 साल इलेक्ट्रानिक मीडिया को अपनी सेवाएं दी हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, सहारा समय एनसीआर, इंडिया न्यूज चैनल, इंडिया न्यूज हरियाणा चैनल समेत कई संस्थानों से जुडे रहे योगराज फिलहाल ‘आंखो देखी’ में स्पेशल करेस्पांडेंट के रूप में सेवाएं दे रहे हैं.
इससे पहले जर्नलिस्ट टुडे नेटवर्क की चार ओनलाइन न्यूज मैग्जीन इंटरनेट पर लोगों द्वारा खूब पसंद की जा रही है. इनके नाम www.journalisttoday.com, www.newsnetindia.com, www.filmtvnews.com, www.educationnplacement.com है. देश भर से करीब 200 से ज्यादा पत्रकार इनमें लिख रहे हैं. राजनीति, अपराध, एंटरटेनमेंट, एजुकेशन, देश, विदेश, धर्म कर्म, स्पोर्ट्स, लेडिज स्पेशल, न्यूज रुम, मीडिया एजुकेशन, वीडियो न्यूज जैसे फीचरों से लैस इन आनलाइन न्यूज मैग्जीन में सभी को लिखने के लिए मंच दिया गया है. इंस्टीट्यूट और जर्नलिस्ट टुडे नेटवर्क के बारे में किसी भी तरह की जानकारी लेने के लिए योगराज शर्मा से सीधे उनके मेल [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है. प्रेस रिलीज












Satish Tehlan
October 20, 2010 at 5:47 pm
Congratulations! Yograj Bhai
arvind
October 20, 2010 at 6:15 pm
congratukation sir ,waise rohini me kaha par khola hai
yograj sharma
October 20, 2010 at 7:44 pm
सर्वप्रथम यशवंत जी का धन्यवाद, मेरे प्रयास को सभी पत्रकार मित्रों तक पहुंचाया…
ये इंस्टीट्यूट रोहिणी से सेक्टर-3 में रेमल पब्लिक स्कूल के सामने शुरु किया गया है… 22 अक्टूबर से दाखिले की प्रक्रिया शुरु की जा रही है और 1 नवंबर से कक्षाएं शुरु की जाएंगी…
जो मित्र मेरा मोबाइल जानना चाहते हैं, ये नंबर है 9899705042
कुछ मित्रों ने मुझे मेल पर अलग अलग राज्यों में फ्रेंचाईजी के रुप में शुरुआत के बारे में जानना चाहा है, सबको मेल द्वारा पूरी जानकारी दी जा रही है…
इस इंस्टीट्यूट के जरिए मेरा प्रयास रहेगा कि जो कुछ मैने अपने 15 साल के अनुभव से सीखा है वो आने वाली पीढी को सिखा सकूं….एक बार फिर सभी दोस्तों और शुभचिंतकों का आभार
satya prakash "azad"
October 20, 2010 at 8:31 pm
badhai……………
annup srinarayan
October 20, 2010 at 9:00 pm
Congratulations! Yograj Sir
अनीस आलम राजस्थान
October 20, 2010 at 9:17 pm
अनीस आलम राजस्थान,
योगराज जी शर्मा को मीडिया इंस्टीट्यूट शुरू करने के लिए ढेरो बधाई,
वाकई में पत्रकारिता को करियर बनाने के इच्छुक स्टूडेंटस के लिए एक अच्छी खबर है ,,जो पहले कहीं से मॉस कॉम का कोर्स तो कर चुके होते हैं लेकिन प्रैक्टिकल के नाम पर वो कुछ नहीं कर पाते उनके लिए ये सुनहरा मोका दिया है योगराज जी ने उनके दुवारा शरू किया गया ON LINE NEWS PORTAL, http://www.journalisttoday.com,बुलंदियों को छु रहा है योगराज जी प़र पूरा विस्वाश है कि वो अपने अनुभव से आने वाली पीढी को बहुत कुछ सिखाएंगे
ankur
October 21, 2010 at 4:07 am
yaograj ko jitna hum jante hai, utna koi nahi janta. ye sab keval paisa kamane ka jariya hai.patrkarita se yograj ka dur-dur tak koi nata nahi hai.har channel se isko hataya gya hai.isne abhi kuch din pahle hi journalism ke students se internshp karane ke liye 5-5 hazaar rupaye mange.sharm ani chaiye isko apno ko patrkar bolne par.koi bi internshp ke liye paise nai leta..bt iko chahiye.kai girls se bi isne anetik rishte isne banaye hai, unko job ka lalach dekar.jo bi iske institute se cours karega, usko pachhtana hi padega.agar yograj ke bare me sachhai janni hai to india news channel ke kisi bi bande se puchh sakte ho. sachhai samne aa jayegi.
saavdhaan raho ese dalaalon se. ye sab keval kamai ka jariya hai aur kuch nai
suman
October 21, 2010 at 7:25 pm
congratukation sir internship kitna mahena ka hai.
atul krishan
October 22, 2010 at 5:17 am
great to listen this….I have worked with Yograj though I never had been his colleague…. I know that he is born for journalism…… good to listen that now he is running an institute of journalism…..
Atul Krishan
Mid Day reporter
9818767425
som
October 23, 2010 at 12:40 am
badhai
kaya institute kisi university ke course karvayeda. fees kitni hogi
shivendra singh parmar
October 24, 2010 at 7:29 pm
koi campus plesment hia kya. shivendra parmar.9928661939
rajesh sirothia
October 25, 2010 at 5:36 pm
congrate yograj,
i am happy to see a journalist will be owner of a media project. i wish all the best for great sucess
Sanjay
February 13, 2011 at 1:05 pm
आदरणीय योगराज जी, आप ने भी स्ट्रिंगर से लेकर स्टाफर और असाईनमेंट डेस्क तक का सफ़र तय किया है…आप की तरक्की के हम कायल है…गली कूचों में शादियों में फोटोग्राफी करते करते आप प्रिंट और फिर इलेक्ट्रोनिक मीडिया में जहाँ कहीं भी पहुचे वहां आपको निकला ही गया…जान पहचान व्यक्ति को काम का मोका तो दिला सकती है लेकिन वहां टिके रहना या न रहना आपकी नियत और काबिलियत पर निर्भर है….इंडिया न्यूज़ से निकाले जाने के बाद आप कई महीनो तक काम की तलाश में भटकते रहे… उसी दोरान आपने A 2 Z में भी घुसने की काफी कोशिश की पर आपके पुराने चरित्र चित्रण को देखते हुए उन्होंने भी आपके लिए दरवाजा बंद कर दिया …. आप कहा हतास होने वाले थे … और आप आँखों देखी की स्ट्रिंगरशिप ले आये….जहाँ महीने में दो तीन स्टोरी भी शायद नहीं जाती…आप और आपके चाहने वाले इसे तरक्की मानें लेकिन यह उन्नति नहीं अवनति ही कही जा सकती है… और थक हारकर आपको जब कोइ बैनर नहीं मिला तो एक कांग्रेसी नेता के रिश्तेदार को सब्ज बाग़ दिखाकर पोर्टल चला रहे है…और पैसे लेकर उनके आई कार्ड बना रहे है…. और लोग आपसे भाग रहे हैं की भागो..भागो योगराज आया ..आई कार्ड बनाएगा ..इतना चेप होगा की हजार नही तो पांच सो तो ले ही जाएगा ….. ‘जर्नलिस्ट टुडे नेटवर्क’ के नाम से मीडिया इंस्टीट्यूट चला रहे है… यह काम कितनी दिन चलेगा आपको भी पता है…आप सभी स्ट्रिंगरों से संपर्क साध कर उन्हें खबर भेजने का अनुरोध कर रहे है…जिस पर स्ट्रिंगर शायद ध्यान नहीं दे रहे है…आप इंडिया न्यूज़ में असाईनमेंट डेस्क पर रहे..वहां जो सम्पर्क आपने दिल्ली और हरियाणा से स्ट्रिंगरों से बनाये उन्हें अब भी मुफ्त में भुना रहे है….आप खुद बताएं आपके पोर्टल में जो खबरें आप भेज रहे है उन्हें कितना पेमेंट करतें है…? यानी स्ट्रिंगर आपके हिसाब से चले तो ठीक वरना मनमानी कर रहे है…? क्या आप एक नाम ऐसा गिना सकते है जिसका आपसे सम्पर्क रहा हो और एक दो साल भी चल पाया हो..? आपकी नियत और काबिलियत आपके इलाके के पत्रकार, प्रशासन और स्थानीय नेता भी जानते है…खैर, आपकी तकलीफ यह है की स्ट्रिंगर एक साथ कई कई चनेलों के लिए काम करतें है…आप ये कहकर आप कोइ रहस्य से पर्दा नहीं उठा रहे.. ? पुरे भारत में यही हो रहा है…? और आप भी जब इंडिया न्यूज में थे आपने 20 / 20 हजार में उन्हीं स्ट्रिंगरों को आईडीयाँ दी जो कहीं न कही पहले से काम कर रहे थे .. स्ट्रिंगर दिन भर भाग दोड़ कर कुछ पैसे कम लेता है तो क्या यह गुनाह है…? रही बात एक ही फीड कई कई चैनलों को भेजने के तो क्या यह सब स्टाफ रिपोर्टर नहीं करते….? कुछ स्ट्रिंगर आपनी मेहनत और काबिलियत से पैसा और प्रतिष्ठा कमा रहे है तो आपको तकलीफ हो रही है..???.यूँ तो हर स्ट्रिंगर अपने खास चैनेल के लिए कमिटेड ( प्रतिबद्ध ) रहता है..लेकिन जितना प्रेशर चैनेल में एसाईनमेंट डेस्क एक स्ट्रिंगर पर बनाकर रखता हैं उसे देखते हुए यदि स्ट्रिंगर आपसे में खबरों का आदान प्रदान कर लेतें है तो यह कोन सा अपराध है…? जिसे स्क्रिप्ट कम लिखने आती है लेकिन वह अपने इलाके में खबरों पर पूरा नियंत्रण रखता है तो वह सीनियर स्ट्रिंगर की मदद कभी ले ले तो क्या हर्ज़ है..? रिपोर्टर भी तो अपने सीनियर की मदद लेतें है….
हमें समझ यह नहीं आया की आपकी चिंता स्ट्रिंगरों की मनमानी पर है या चिंता चैनलों के हीतो के लिए है…आपकी काबिलयत तो आपके इस सुझाव से ही साफ़ हो जाती है की यदि चैनल बाहरी दिल्ली और नोर्थ वेस्ट व पश्चिमी दिल्ली में अपने दो रिपोर्टर और ओबी वेन तैनात कर दे तो उन्हें फायदा हो सकता है..? वह क्या हिसाब लगाया है आपने…..एक ओबी वेन..दो रिपोर्टर ..उनके लिए कैमरा मैन और गाड़ी का खर्च क्या होता है आपको मालूम है..? यह हिसाब चैनेल मालिकों ने बहुत पहले लगा लिया है….आपका दर्द यही है की नोर्थ वेस्ट और आउटर में स्ट्रिंगर आपकी उन खबरों को तरजीह नहीं देते जो आप पैसे लेकर चलवाना चाहतें है…जिसके लिए आप जाने जातें है…आपने अपने पूरे करियर में पैसे लेकर कितनी ही खबतें चलवाई और गिरवाई…आपके टाईम में इतने स्ट्रिंगर नहीं थे…आपकी पूरी मनमानी चलाती थी…आपने यही किया…लेकिन अब यह संभव नहीं है की कोइ स्ट्रिंगर किसी खबर को रोक सके..आज हर इलाके में स्ट्रिंगरों की भरमार है….स्टाफ रिपोर्टर की इन स्ट्रिंगर पर निर्भरता इतनी ही है की दूरी होने के कारण से समय पर नहीं पहुच सकते…ऐसा नहीं है की उन्हें दिल्ली के बारें में पता नहीं है….चैनेल वालों को फीड समय पर चाहिए डिटेल तो चैनेल में बैठे सीनियर क्राईम रिपोर्टर खुद ही निकाल लेतें है….भड़ास पर आप स्ट्रिंगरों की काबिलयत पर सवाल उठा रहे है..आप खुद किसी ठीक से स्ट्रिंगर के सामने बैठ जायेंगे तो आपके काबिल होने का भ्रम भी दूर हो जायेगा…
आपकी और क्या तारीफ करूँ….हमें भी शर्म आएगी….हमारी सलाह है आप कभी आईने के सामने बैठकर खुद से सवाल करें…पोर्टल और मीडिया स्कूल खोलकर भोले भाले बच्चों से पैसा ऐठ कर उन्हें क्या दे पाएंगे…? आप उन्हें कैरियर का सब्ज बाग़ दिखा रहे है—आपके जानकारी में जितने बड़े पत्रकार थे सभी का नाम बगैर उनसे पूछे आपने अपने प्रोस्पेक्टस में बतौर गेस्ट टीचर छाप दिया —- मगर आज तक कोई भी एक दिन भी नहीं आया और न आपकी उन्हें बुलाने की हिम्मत ही हुयी —-ये गनीमत है की उनका नाम इस्तेमाल कर धंधा चलाने का उन्होंने कोई शिकायत नहीं की —-आखिर इन बच्चों को पढ़ायेगा कौन ? आप ? अगर आप पढ़ाएंगे तो क्या उगाही के 100 नए तरीके —क्योंकि आपका फेब्रेट टौपिक तो यही है –और इसमें आपको महारत भी हासिल है —अपने पुरे करियर में आपने सिर्फ यही तो किया है —- इतनी बड़े मीडिया कंपनी वाले पांच पांच सौ में आई कार्ड बनाकर नहीं बेचा करते…जो लोग आपसे कार्ड बनवा रहे है वे कुछ लिहाज़ में बनवा रहे है कुछ लालच में….लिहाज़ वाले तो आपको 500 रुपये देकर भूल जायेंगे..लेकिन बाकि लोग आपके आई कार्ड से उगाही ही करेंगे…खैर आपका दर्द जो भी है हम तो इतना ही कह सकतें है की जब व्यक्ति मरणासन्न अवस्था में हो तो उसे सब को स्नेह की नजर से देखना चाहिए…आप आत्महत्या करने का प्रयाश न करें क्योकि – ये कोई सिंगल कोलम की भी खबर बन जाए तो बहुत बड़ी बात होगी ….
खून पसीना बहाता जा तानकर चादर सोता जा ..
ये नाव तो हिलती जायेगी हंसता जा या रोता जा …
आपका शुभ चिन्तक संजय अग्रवाल ……