मासिक पत्रिका ‘आज की दिल्‍ली’ ने की बाजार में एंट्री

नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर की अपनी मासिक पत्रिका आज की दिल्ली बिना किसी बड़े आयोजन के पाठकों के बीच पहुंच चुकी है। दमदार कंटेंट, शानदार डिजाइनिंग और आर्कषक लुक के साथ बाजार में आई मैग्जीन को लांच किया है,  पत्रकार योगराज शर्मा ने, जो इसके मुद्रक, प्रकाशक, स्वामी व संपादक हैं। राजनीति, समाज, अपराध, एंटरटेनमेंट, बाजार, खेल, धर्म, महिला जगत, बाल कोना समेत सभी पहलुओं को समेटे इस पत्रिका को खासा पसंद किया जा रहा है।

सैकड़ों पत्रकार साथियों ने आलोक को सलाम किया

कलम के धनी स्व. आलोक तोमर को याद करने के लिए मीडिया जगत की सैकड़ों नामी हस्तियां कल दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में जमा हुईं। प्रिंट मीडिया के जरिए देश के सुपर स्टार जर्नलिस्ट बन जाने वाले और न्यू मीडिया यानि वेब के जरिए पढ़े-लिखों के दिल-दिमाग पर अमिट छाप छोड़ने वाले हमारे समय के सबसे होनहार, साहसी और उर्जावान साथी आलोक तोमर की याद में दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में ‘यादों में आलोक’ नामक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ।

दिल्‍ली में स्ट्रिंगरों की मनमानी और चैनलों की मजबूरी

योगराजटीवी चैनलों की बाढ़ के साथ ही खबरों की मांग भी बढ़ी है। ज्यादातर चैनलों में स्टाफ रिपोर्टरों के पास ज्यादा खबरें निकालने के लिए दिल्ली में संपर्कों की कमी है। लिहाजा आज ज्यादातर चैनल दिल्ली की खबरों के लिए स्ट्रिंगर्स पर ही ज्यादा निर्भर हो गए हैं। चाहे वो स्टार न्यूज हो, आजतक, आईबीएन, सहारा समय या फिर जी नेटवर्क हो। दिल्ली में अगर सही स्ट्रिंगर्स की संख्या की बात करें तो आंकड़ा दर्जन भर आ कर ही अटक जाता है। फिर शुरू हो जाता है मजबूरी का खेल… एक स्ट्रिंगर दो से तीन चैनलों के लिए काम करता है। एसाइन्‍मेंट डेस्क की भी मजबूरी है कि उसे दूसरे चैनलों पर चलने वाली खबरों को ही अपने स्ट्रिंगर से मंगवाना पड़ता है। और कोई चारा नहीं है।

हिंदुस्‍तान ने शहीद संदीप के चाचा को मृत घोषित कर दिया

योगराजहिंदुस्तान अखबार के एक संवाददाता की जल्दबाजी ने अखबार की इज्जत दांव पर लगा दी। अखबार के 4 फरवरी 2011 के दिल्ली संस्करण में पहले पेज पर छपा कि शहीद उन्नीकृष्णन के चाचा ने आत्मदाह कर लिया और अस्पताल में उनकी मौत हो गई। लेकिन पीडि़त 5 फरवरी की रात खबर लिखे जाने तक भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। यहां आपको बता दें कि मुम्बई में 26 नवम्बर 2008 को हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के चाचा के. मोहनन की हालत शुक्रवार को गंभीर बनी हुई है।

योगराज शर्मा ने मीडिया इंस्टीट्यूट शुरू किया

: हिंदी मैग्जीन भी लांच करने की तैयारी की : पत्रकारिता को करियर बनाने के इच्छुक स्टूडेंटस के लिए एक अच्छी खबर है कि ‘जर्नलिस्ट टुडे नेटवर्क’ ने मीडिया इंस्टीट्यूट शुरू कर दिया है. नाम है Journalist Today Institute of Media Studies. दिल्ली के रोहिणी इलाके में शुरू किए गए इस इंस्टीट्यूट की खास बात यह रहेगी कि यहां कागजी ज्ञान कम और प्रैक्टिकल ज्यादा करवाने की कोशिश की जाएगी. थ्यौरी कम और ज्यादा से ज्यादा वरिष्ठ पत्रकारों से मुलाकात और उनसे पत्रकारिता के अनुभव बांटने का मौका देने को प्राथमिकता रखा गया है.