जी न्यूज, बरेली के रिपोर्टर मुनेन्द्र गंगवार को पीलीभीत पुलिस ने घंटों थाने में बैठाये रखा. मुनेन्द्र पर पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में एक मतदान केन्द्र पर हंगामा करने तथा मारपीट करने का आरोप था. कई घंटे तक उन्हें मुजरिमों की तरह रखा गया.
जानकारी के अनुसार जी न्यूज के लिए बरेली से रिपोर्टिंग करने वाले मुनेन्द्र पीलीभीत के डयूरिया कोतवाली के मानकपुर गांव के निवासी हैं. उनके छोटे भाई मानकपुर से ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ रहे थे. मतदान को लेकर मुनेन्द्र एवं दूसरे पक्ष के लोगों में कहासुनी हो गई. विवाद काफी बढ़ गया. विवाद के चलते काफी देर तक मतदान भी प्रभावित रहा. पुलिस मुनेन्द्र को पकड़ कर कोतवाली ले आई. पुलिस ने उनको रात भर थाने में बिठाये रखा. दूसरे दिन सुबह सत्ता पक्ष के एक विधायक के पैरवी पर मुनेन्द्र को छोड़ा गया.हालांकि इसके पीछे एक दूसरा कारण भी बताया जा रहा है. कुछ दिनों पूर्व किसी मामले में मुनेन्द्र ने एक सब इंस्पेक्टर का रिश्वत लेते हुए स्टिंग ऑपरेशन किया था. हालांकि इस मामले में रिश्वत देने वाला व्यक्ति अपने बयान से बाद में मुकर गया था. पुलिस इसके चलते भी मुनेन्द्र से नाराज थी.
इस संबंध में मुनेन्द्र का कहना था कि कोई बड़ी बात नहीं थी. मामूली कहासुनी हुई थी. इसी के चलते इंस्पेक्टर अतर सिंह ने उन्हें अपने साथ थाने ले आए. मतदान खतम होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया.












omdev
October 31, 2010 at 9:21 pm
bhai saab greater noida mai toh 29 oct ko aaj tak ki pooree team ko hi iss liye hirasat mai le liya gaya thaa kyo ki team ek ATM ki ploice ke bina permission ke loot ki SHOOTING kar rahi thiii up ke police adikareo ke kahne par team ko CHHODA gaya Thaaa. police ki aisee harkaton ke liye media biradri ko ekjut hona hoga otherwise police media par havi ho jayegi
NAIDUNIA SE OMDEV
Mustafeez Ali Khan
November 1, 2010 at 10:59 pm
munendra gangwar ko hirasat mein liya jana dukhad hai. patrakaron ke girebaan tak police ke pahunchte haath khaaki vardi ke sath-sath sattadhari party ki chhavi ko dhumil kar rahe hain. aise mushkil waqt mein patrakarita par chot karne wale haathon ko apna dayera samjhna chahiye aur patrakaron ko bhi iss haqiqat ko kubool karna chahiye ke samaj ka aaina kahe jaane wale MEDIA ki apni zameen kitni kamzor hai.
Mustafeez Khan
Bareilly