धनतेरस के दिन दोपहर में आज तक ने ‘धर्म’ कार्यक्रम में वाराणसी में माँ अन्नपूर्णा मंदिर से जुड़ी एक ख़बर दिखाई. बिल्कुल इण्डिया टीवी वाले तरीके से. ख़बर में दिखाया जा रहा था कि वाराणसी में स्थित माँ अन्नपूर्णा का मंदिर एक ऐसा मंदिर है, जो वर्ष में सिर्फ एक दिन धनतेरस के दिन खुलता है. ये तथ्य पूरी तरह गलत है.माँ अन्नपूर्णा का मंदिर तो हर रोज़ खुलता है.
ख़ास बात ये है कि धनतेरस वाले दिन माँ अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन होते हैं. यह वर्ष में सिर्फ एक दिन धनतेरस के दिन ही होता है. माँ अन्नपूर्णा की स्वर्ण प्रतिमा बेहद भव्य और आकर्षक है. इसीलिए इस दिन माँ के दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ता है. यही नहीं इस दिन माँ का खजाना भी भक्तों के बीच बांटा जाता है. इसके तहत माँ को दान में मिले धन को भक्तों के बीच में वितरित किया जाता है.
इस धन को लेने के लिए माँ के दरबार में जबरदस्त भीड़ उमड़ती है. ऐसा नहीं है कि धन कोई बहुत अधिक होता है. फुटकर पैसे होते हैं जिन्हें भक्तों के बीच उछाला जाता है. मान्यता है कि जिसके पास माँ का ये खजाना होता है वो हमेशा धन-धान्य से परिपूर्ण होता है. माँ के मंदिर के प्रथम तल पर जो मूर्ति होती है, वो अद्भुत आभा वाली होती है. इस मूर्ति के दर्शन धनतेरस के दिन ही होते हैं. इसी मूर्ति के दर्शन को लोग बड़ी संख्या में आते हैं.
लगे हाथ आपको ये भी बता देता हूँ कि माँ अन्नपूर्णा का दर्शन इतना महत्वपूर्ण क्यों है. दरअसल माँ अन्नपूर्णा स्वयं आदि शक्ति माँ पार्वती हैं. विवाह के बाद जब बाबा भोले नाथ पार्वती को लेकर कैलाश पर लौटे तो माँ ने शिव से कहा कि स्वामी आप तो मुझे मेरे मायके में ही वापस लेते आये. गौरतलब है कि माँ पार्वती हिमालय की पुत्री थी. इस तरह से हिमालय पर स्थित कैलाश पर्वत उनका मायका हुआ.
माँ पार्वती की ये बात सुनने के बाद भगवान शिव ने अपने त्रिशूल पर काशी का निर्माण किया और माँ के साथ वहां स्वयं निवास किया. काशी पहुँचने के बाद माँ ने भोले नाथ से पूछा कि आप यहाँ क्या करेंगे? इसपर भगवान् शिव ने कहा कि मै यहाँ प्राणियों को मोक्ष प्रदान करूंगा. इस पर माँ पार्वती ने कहा कि यदि आप मोक्ष देंगे तो मैं सबको अन्न दूँगी. तभी से माँ का नाम अन्नपूर्णा भी हो गया. इसके बाद चूंकि काशी में शिव के सभी गण भी विराजते हैं, उनके भोजन का पूरा प्रबंध माँ अन्नपूर्णा के जिम्मे है. स्वयं भगवान शिव माँ के सामने याचक के रूप में खड़े रहते हैं. माँ का आशीर्वाद है कि काशी में कोई भी भूखा नहीं सोयेगा.
माँ अन्नपूर्णा का मंदिर भगवान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लगभग सामने ही स्थित है. भगवान श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन करने को आने वाले श्रद्धालु माँ के दर्शन भी ज़रूर करते हैं. अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि आजतक जैसे चैनल ने इस तरह की भ्रामक ख़बर क्यों दिखाई. वैसे इस सवाल का जवाब तो आजतक चैनल में जिम्मेदार पद पर बैठे लोग ही अच्छे से दे सकते हैं लेकिन जहाँ तक मुझे लगता है कि इसमें वाराणसी के स्ट्रिंगर ने अपना पैसा बनाने के लिए ख़बर को गलत तरीके से बताया. लेकिन फिर भी दिल्ली में बैठे लोगों को ख़बरों की सत्यता को अपने स्तर से जांच लेना चाहिए था.
स्ट्रिंगर तो अपनी दिहाड़ी बना ही लेगा. लेकिन नाम तो चैनल का खराब होगा. इसके अलावा आम जनता में एक जिम्मेदार चैनल कि तरह पहचान बना चुका आजतक अपनी प्रतिष्ठा खो देगा. आजतक ने वाराणसी से ये कोई पहली फर्जी ख़बर नहीं चलायी है. इसके पहले भी आजतक वाराणसी में एयर इण्डिया की एक उड़ान की फर्जी आपात लैंडिंग करा चुका है, जिसमें उसने गूगल से एक वीडियो निकाल कर उसे एयर इण्डिया का हवाई जहाज बता कर चला दिया था. आजतक जैसे चैनल से इस तरह की उम्मीद नहीं की जा सकती है. टीआरपी की दौड़ में इण्डिया टीवी ने एक बार दो नंबर पर क्या किया लगे ऊलजलूल चलाने.
आजतक चैनल में जिम्मेदार पद संभाल रहें लोगों को समझना चाहिए कि उन्होंने एक संचार माध्यम के ज़रिये एक बड़े वर्ग को गलत जानकारी दी है. स्ट्रिंगर की दिहाड़ी सत्यता से बढ़कर होने लगे तो ऐसे चैनलों को बंद होते देर नहीं लगती. माँ अन्नपूर्णा आजतक में काम करने वाले लोगों को सुखी रखे.
आशीष तिवारी के ब्लाग अग्निवार्ता से साभार.












gulshan saifi
November 5, 2010 at 1:31 am
ish jamane mai or bhi gum hai galib mohbbat ke siva…………
Rajesh Sharma...
November 5, 2010 at 4:50 am
koi nahi ashish bhai garun mishra waise bhi suna hain naqvi ji ka khas hain. Isiliye shayad woh haar baar bach jata hain. Aajtak k kai aise stringer hain jinki kartut khulkar bhadas par nahi likhi ja sakti. Kyonki varansi se hi sate ek aur jile mein aise hi ek mahashay hain jo ki apni file footage chalane k liye famous hain. woh bhi aajtak k hi hain.Khair garun ko varansi ki media waise bhi ghadiyal k roop mein jante hain.
ek kashivasi
November 5, 2010 at 6:07 am
आशीष भाई, आप भी अपनी जानकारी को सुधार लीजिये पहले तो आपको माता अन्नपूर्णा की कथा की जानकारी होनी चाहिए क्योकि आपने जो कथा बताई है वह गलत और निराधार है, और दूसरी की यहाँ पर भक्तो में खजाना वितरित किया जाता है ना कि भक्तो के बीच उछाला जाता……… मान्यता है कि जिसके पास माँ का ये खजाना होता है वो हमेशा धन-धान्य से परिपूर्ण होता है.
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ek kashivasi
November 5, 2010 at 6:14 am
आशीष भाई, आजतक के साथ – साथ आप भी कम दोषी नहीं है आप भी अपनी जानकारी को सुधार लीजिये पहले तो आपको माता अन्नपूर्णा की कथा की जानकारी होनी चाहिए क्योकि आपने जो कथा बताई है वह गलत और निराधार है, और दूसरी की यहाँ पर भक्तो में खजाना वितरित किया जाता है ना कि भक्तो के बीच उछाला जाता………
dr. santosh
November 5, 2010 at 9:16 pm
आशीष …आपके नजर और कलम को सलाम , इस तरह का यह पहला खबर नहीं है …कथा की गहराई में न जाते हुए आपका दुःख जायज है !
डॉ संतोष ओझा india news banaras 09889881111
manoj rai
November 6, 2010 at 5:34 am
yashvant ji,aap ko bhi pata nahi hai ki mata ki swarn pratima ka darshan dhanteras se annakut ki i raat 11 pm tak matlab 4 din hota hai. dhan ka vitran 4din hota hai or khajana uchala nahi balki vitrit kiya jata hai. :-*
maneesh verma
November 6, 2010 at 2:40 pm
india news walon ko mirchi lagna swabhavik hai Aashish Bhai……….aaj to TRP ke chakkar me khabar ka harkuch bana kar dikhaya ja raha hai……..hum samajh sakte hain aapki jankari ko,jo apna naam saaf saaf likh diya………jinko apne naam btane me sandeh hai uski jankari kitni sahi hogo sub samajh sakte hain……
pushpendra mishra Naidunia jabalpur
November 9, 2010 at 7:32 am
aaj trp ki andhi daud ne sabhi tv chanals ko pagal sa kar deya hai,har koi kuch naya dekhane ki koshish me loge ko galat khabarain parosh rahe hai. ashish ji apka ki kalam ki takat ko mai naman karata huin. ayour sada ashsa karta huin ki sabhi muddo par aapke kataksha melate rahege.
Dhanyawad
Annu
November 11, 2010 at 12:33 pm
Aaj Tak bhi aab Zandu baam channel ban gaya hai asme as India TV…TRP ki race pe dono channel aandhe ho gaye hain