: सुभारती के 21 ठिकानों पर आयकर छापे : मेरठ : करीब दो अरब की अघोषित चल और अचल संपत्ति की तलाश में आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा ने स्वामी विवेकानंद सुभारती ट्रस्ट, उससे जुड़े पांच अन्य ट्रस्टों और 15 अन्य संस्थानों पर शुक्रवार को एक साथ छापे मारे। मेरठ के अलावा बुलंदशहर में भी छापे की कार्रवाई देर रात तक जारी रही। अन्वेषण शाखा के अपर निदेशक रतन सिंह के नेतृत्व में दिल्ली, देहरादून, कानपुर, नोएडा से आए अफसरों ने शुक्रवार की सुबह आठ बजे से कार्रवाई शुरू हुई। मेरठ में सहायक आयकर निदेशक यशवेंद्र सिंह व अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने सर्वप्रथम बाईपास स्थित सुभारती पुरम में छापा मारा। दो मिनट के अंदर ही अन्य 20 ठिकानों पर भी छापेमारी की गई।
सुभारती पुरम में ट्रस्ट के चेयरमैन डा.अतुल कृष्ण के आवास और उनके कार्यालय सहित सुभारती मेडिकल कालेज, डेंटल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, फिजियोथैरेपी कालेज व सुभारती विवि कार्यालय की तलाशी ली गई। इनके अलावा फार्मेसी कालेज, लॉ कालेज, फाइन आर्टस संस्थान, फैशन डिजाइनिंग संस्थान, योगिक साइंस कालेज, पत्रकारिता डिप्लोमा व डिग्री संस्थान को भी आयकर अधिकारियों ने खंगाला। साथ ही लोकप्रिय अस्पताल, सुभारती कल्याण आश्रम, सुभारती कर्ण आश्रम, सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर टेक्नोलॉजी, सुभारती सेवा संस्था, ईश्वर चंद्रा विद्या सागर श्रमिक कल्याण केंद्र और वीर सावरकर सुभारती अस्पताल लोहिया नगर भी आयकर टीमों के निशाने पर रहा। मेजर अब्दुल हमीद सुभारती अस्पताल खजूरी व चंद्रशेखर आजाद सुभारती अस्पताल बुलंदशहर में भी छापे मारे गए।
टीम ने ट्रस्ट सचिव डा. मुक्ति भटनागर को साथ लेकर ब्रहमपुरी क्षेत्र के हरिनगर में रह रही सुभारती की कर्मचारी लवली और लोकप्रिय अस्पताल के निदेशक विजय भोला के आवास पर भी छापा मारा। डाक्टर अतुल के बड़े भाई आलोक भटनागर के सम्राट पैलेस कालोनी स्थित आवास, ट्रस्ट से जुड़े सतीश कृष्ण, सीए रजनीकांत व श्री मिश्रा के आवास की भी तलाशी ली गई। अपर आयकर निदेशक रतन सिंह के अनुसार सुभारती ट्रस्ट के बारे में जानकारी मिली है कि यह एमबीबीएस, एमडी, एमएस, रेडियोलॉजी, बीडीएस आदि कक्षाओं में प्रवेश के लिए छात्रों से 10 लाख से लेकर एक करोड़ तक की डोनेशन ले रहा है।
आयकर छूट का लाभ लेने के लिए जो लोग जिस मद में डोनेशन दे रहे हैं, उस मद में उसका प्रयोग नहीं हो रहा। गंभीर मरीजों से भुगतान तो लाखों में लिया जाता है, पर रिकार्ड में पांच से लेकर 20 हजार ही दिखाया गया है। समाज सेवा के नाम पर करोड़ों रुपये व्यय दिखाए गए, पर वास्तव में अधिकांश मामलों में कहीं कुछ नहीं किया गया है। पिछले छह साल की आयकर रिटर्न जांच में उजागर हुआ है कि कई बड़े अफसर भी आयकर छूट का लाभ लेने के लिए यहां डोनेशन देते हैं।
आयकर अफसरों के अनुसार छापे में सभी सहयोग कर रहे हैं। कई संस्थानों में टीम को अलमारियों की चाभी आदि देने में अनाकनी की गई। बाद में आला अफसरों के हस्तक्षेप पर चाभियां मिल पाईं। टीम ने 20 अलमारी, 88 कंप्यूटर, 12 लैंपटॉप आदि महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। इनकी जांच की जा रही है। अफसरों को सुभारती ट्रस्ट समूह के पास दो अरब की अघोषित चल-अचल संपत्ति होने की सूचना है। छापे की कार्रवाई कार्रवाई पूरी होने के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी कि इस समूह के पास कितनी अघोषित चल-अचल संपत्ति है। पुलिस की मदद से टीम ने ट्रस्ट के चेयरमैन अतुल कृष्ण व उनके परिवार से जुड़े लोगों के मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लगवाए हैं।
उठेगा सुभारती के ‘राज’ से पर्दा!
मेरठ : सुभारती ट्रस्ट पर आयकर टीम का छापा सीधे आयकर मुख्यालय के आदेश पर मारा गया। अफसर संस्था से जुड़े लोगों के परिजन और कर्मियों को साथ लेकर शहर में विभिन्न जगहों पर छानबीन करते रहे। माना जा रहा है कि इस छापे में आयकर विभाग सुभारती ट्रस्ट से जुड़े किसी ‘बड़े राज’ से पर्दा उठाएगा।
जून-2006 में सुभारती मेडिकल कॉलेज के मुख्य लेखाधिकारी निर्मल शर्मा की थापरनगर में उनके घर के नजदीक गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसकी जांच सीबीआई की स्पेशल शाखा कर रही है। इस दौरान सीबीआई ने संस्था के प्रमुख अतुल कृष्ण भटनागर से लंबी पूछताछ भी की है। उनकी गिरफ्तारी पर कोर्ट से स्टे है। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई के एसपी ने एक सितंबर को मेरठ के डीएम को भेजे पत्र में इस हत्याकांड के पीछे सुभारती में पैसे व जमीन को लेकर चली खींचतान को आधार माना। सीबीआई ने डीएम से इस हत्याकांड के दौरान सुभारती मामले को लेकर चली जांच, धरना-प्रदर्शन आदि की रिपोर्ट मांगी। सीबीआई ने एक सितंबर को आयकर मुख्यालय को भी पत्र भेजा।
सूत्रों ने बताया कि इसी पत्र के आधार पर आयकर ने शुक्रवार को सुभारती की फाइलें खंगालीं। आयकर अफसरों के अनुसार फाइलों को खंगालने के दौरान ही कई ऐसे दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिनमें बड़ी आयकर चोरी की पुष्टि हो रही है। आयकर की 21 टीमें छापे के दौरान डॉक्टर अतुल की पत्नी डॉ. मुक्ति भटनागर, उनके भाई आलोक भटनागर, सतीश कृष्ण, सीए रजनीकांत को साथ लेकर शहर में विभिन्न स्थानों पर घूमी। सुभारती से जुड़ी कर्मचारी लवली के हरिनगर स्थिति आवास पर भी छापा मारा। तंग गलियों के इस मकान पर छापे के दौरान सन्नाटा पसरा रहा और अफसर देर रात तक लवली से पूछताछ करते रहे। लवली को सुभारती ट्रस्ट का काफी पुराना कर्मचारी बताया जा रहा है।
उपरोक्त दोनों खबरें दैनिक जागरण से साभार लेकर प्रकाशित की गई हैं. डा. अतुल कृष्ण कुछ वर्षों पहले मीडिया क्षेत्र में भी सक्रिय हुए. दैनिक प्रभात नाम से कई शहरों से अखबार निकालते हैं. कई अन्य अखबार भी हैं. चैनल भी ये लाने वाले हैं. डा. अतुल कृष्ण मेरठ के स्थानीय बड़े अखबारों को समय समय पर विज्ञापनों के जरिए ओबलाइज करते थे, सो, उनके खिलाफ खबरें नहीं प्रकाशित होती थीं. लेकिन जबसे उन्होंने विज्ञापन देना बंद किया और खुद का मीडिया हाउस खड़ा करना शुरू किया, स्थानीय अखबारों में डा. अतुल से संबंधित अब सभी खबरें धड़ाधड़ और फुला-फुला कर प्रकाशित होने लगी हैं.












pramod
November 15, 2010 at 2:09 pm
Bhai sahab,
sabhar lena hi tha to jagran se kyoan le liye, dainik prabhat se hi le lete ! dainik prabhat me bhi income tax ke invrestigation ki khabar chhapi hai. darasal Jagran
ne idhar patrakarita ke sath jamkar rape karana shuroo kiya hai, khaskar subharti
prakaran mein.
shayad aapko pata hai ki nahi jagran group ke ek initiative me pichhale sal Dr. Atul ko UP ke heroes(hu bahu yad nahi hai term) me se ek rakha hai.
Pata nahi ekaek hero ko zero batane ki chetana kaha se aa gayee !
jinake ghar shishe ke hain we hi dusaroan par patthar phek rahe hain.
jagran ne jis tarah se Premchand par aayoji seminar, dr. ramvilas sharama jaise aalochak par subharti ke seminaroan ka chhapa nahi hai usase koft hota hai.
Yahi patrakarita hai? jhooth bechate haim we—or aap usi ko sabhar le rahe hain. Journalism, fine Arts , engineering, pharamacy–ek line se sabhi mein
aapane chhapa dikha diya. jabki kisi dept. me income tax ne koi disturbance nahi kiya. padhayee-likhayee, seminar, symposium, cultural programme sab chalata raha. subharti ke sabhi staff ne investigatng team ka bharpoor sahyog kiya. Dainik prabhat me first page par isaki khabar chhapi.
Jagran wasuli, blackmailing or dhandhebaji ko hi patrakarita kah raha hai.
ek din log jhooth ke dhandhebajoan ko reject kar denge.
pramod
November 15, 2010 at 2:36 pm
Meerut me jagran ne jis tarah se patrakarita ko bech dala hai, usase dusaroan se jyada unhi ko nukasan hoga. Meerut ke log bhi dhire-dhire anti subharti news ke marma ko samajhane-bujhane lage hain. aap jab lagatar kisi chiz ko khichate rahenge to janata use nahi samjhegi ? Banarasi me kahe to Jagran ne people’s Chutia samajh rakha hai kya? Are bhaiya premchand, Dr, Ramvilas sharama, Prabhas joshi par journalism dept. dwara aayojit seminar report ko nahi chhapoge or jo chiz nahi huaa use chhap rahe ho? log chutiaa nahi hain.
Patrakariata dept., Fine Arts…me ko investuigation nahi huaa . Satya ki pratimurti ekaek ban jane ko log samajhane lage hain or puchh rahein ‘Pahile kah atha’.
Dr. Vaibhav Goel Bhartiya
November 15, 2010 at 4:38 pm
Dear All the readers,
Hello,
I dont know what the reality is but it is true that in Subharti Law college there is no default and there was no negative news from Subharti Law college but the news paper Dainik jagran has written wrong things about the Law college also. News paper is known as mirror of the society but false news in a news paper that claims itself as one of the best then it is not good and proper. Further govt is giving subsidy on paper for the news publication and if the news paper is dedicating the entire third page for one institute than it mean either that paper is not good or other wise that is working under the control of some body. Since I had done few short course in journalism and Mass com on that behalf I can state that the quality of the news paper from meerut region should be improved. We are the future decider of the Nation hence it should be taken care of. No news should be in circulation without proper proves and authentication from the person concerned. You can ask from me for the news rather to take it Saabhar from Dainik Jagran.
naveen
November 18, 2010 at 7:23 am
is desh me har deptt brasht hai sirf media hi hai jis par logo ko vishwas hai lekin paiso ke lalach me d jagran ke malik is tarah gir sakte hai yeh to kisi ko pata hi nahi tha. paiso ke bhukho jagran ke malikon roti ki jagha noth hi jo khane lago.