देहरादून। हिन्दुस्तान और अमर उजाला के देहरादून संस्करण में 20 नवंबर 2010 को एक खबर प्रकाशित हुई है। ये खबर अजमेर ब्लास्ट के आरोपी स्वामी असीमानंद की गिरफ्तारी का है। लेकिन दोनों ही अखबारों ने अपनी-अपनी खबरों में स्वामी असीमानंद के बारे में अलग-अलग सूचनाएं दी है। अमर उजाला ने फ्रंट पेज पर असीमानंद के गिरफ्तारी की खबर देने के बाद अखबार के 9वें पेज पर ‘‘कई संतों का नजदीकी है असीमा नंद’’ के शीर्षक से एक फॉलोअप लगाया है। जिसमें उसने असीमानंद को पश्चिम बंगाल का मूल निवासी बताते हुए उनका नाम लव कुमार सरकार बताया है।
दूसरी तरफ हिन्दुस्तान ने इसी खबर को सेकेंड लीड बनाते हुए ‘‘हैदराबाद विस्फोट में असीमानंद गिरफ्तार’’ नामक शीर्षक से खबर छापी है और बताया है कि स्वामी असीमानंद उर्फ ओंकारानंद का असली नाम जतिन चटर्जी है और वह मूलतः पंश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। लेकिन यहीं हिन्दुस्तान अखबार इसी संस्करण के पेज नंबर 10 पर असीमानंद के नाम को दो बार नसीमानंद लिखा है।
अब अगर इन दोनों अखबारों ने असीमानंद के मूल निवास का आधार उनसे बरामद किसी पासपोर्ट को माना है तो उस पर तो एक ही नाम लिखा होगा। या तो उस पर लवकुमार सरकार लिखा होगा या फिर जतिन चटर्जी। यदि यह सही है तो फिर किसी एक अखबार की सूचना गलत है। अब अगर गलत सूचना देने वाला अखबार कहे कि खबर को जल्दी भेजने के चक्कर में गलत जानकारी गई तो यह असत्य होगा क्योंकि ये गिरफ्तारी शुक्रवार की अलसुबह हुई है और अखबार में खबर छपी है शनिवार को।
तो ये माना जा सकता है। संबंधित संवाददाता के पास इसकी छानबीन करने का पर्याप्त समय था। लेकिन उसने भी घर बैठे पुलिस वालों से जानकारी ली और जो भी गलत जानकारी मिली उसे खबर बना दिया। खैर मेरा उद्देश्य किसी भी अखबार की आलोचना करना नहीं है।
मैं बस इतना चाहता हूं कि ये दोनों ही अखबार अति लोकप्रिय अखबार है और दोनों की अलग अलग जानकारी से लोगों में भ्रम फैलता है, जो पत्रकारिता और आम पाठक के लिए भी हानिकारक है। अतः इन दोनों ही पत्रों से अनुरोध है कि किसी भी तरह की जानकारी को पर्याप्त चेकआउट करने के बाद ही प्रसारित करे तो बेहतर होगा।
देहरादून से धीरेन्द्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट.












dhanish
November 22, 2010 at 8:57 am
bhai ya ho kya raha hai…
भगवन प्रसाद उपाध्याय
November 22, 2010 at 9:23 am
उपरोक्त खबर डेली हिंदी मिलाप हैदराबाद ने भी प्रथम पृष्ट पर छापी है और उसने हिंदुस्तान की खबर की तरह विस्तार से जानकारी दी है आपके prashan का उत्तर ” हिंदुस्तान” है ।
भगवन प्रसाद उपाध्याय , राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ , इलाहाबाद 09935205341
भगवन प्रसाद उपाध्याय
November 22, 2010 at 9:25 am
उपरोक्त खबर डेली हिंदी मिलाप हैदराबाद ने भी प्रथम पृष्ट पर छापी है और उसने हिंदुस्तान की खबर की तरह विस्तार से जानकारी दी है आपके prashan का उत्तर ” हिंदुस्तान” है ।
भगवन प्रसाद उपाध्याय , राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ , इलाहाबाद 09935205341
parul singh
November 23, 2010 at 4:43 am
aaj kal ki patrakarta aisi hi ho gai h.agar 1 aadami ki chappale pani me bah rahi h aur vah use lene ke liye usake pichhe bhage to usake pichhe sabhi log bhagane lagege ki jaroor vah badi machhali ke pichhe bhag raha h.koi bhi vastavikata ka pata lagane ki koshish nahi karega….yahi hal aaj ke ptrakaro aur patrakarita ka ho gaya h.
भगवन प्रसाद उपाध्याय
November 23, 2010 at 8:55 am
helloo
kumar kalpit
November 24, 2010 at 8:36 am
yah pratiyogita ka yug hai bhaiya, kuch bhi ho sakta hai.esi din deharadun rastrya sahara ne dhoni aur sakshi se parvati chetra ma kambal batwn diya jabke dhini maich khal rahen hai.hai na kamal ki baat