: नीरा राडिया और उसकी कंपनी वैष्णवी कम्युनिकेशंस में काम करने वाले दलजीत के बीच बातचीत : नीरा राडिया किस कदर मीडिया वालों को मैनेज करने में तत्पर रहती थी और रिजल्ट अनुकूल न आने पर कैसे अपने अधीनस्थों की क्लास लेती थी, यह सब इस टेप को सुनकर जाना जा सकता है. इस टेप में नीरा राडिया अपने क्लाइंट के पक्ष में खबर छापने वाले दैनिक जागरण की हजार प्रतियां मंगाने और उसे बंटवाने को कहती है. अन्य अखबारों को मैनेज करने को कहती है. कुछ अखबारों में खबर न छप पाने पर नाराजगी जाहिर करती है. लीजिए, पूरी बातचीत को सुनिए.












madan kumar tiwary
November 30, 2010 at 5:55 pm
चलो भडास ने निकाल दिया अब मेरी बात पर लोग विश्वास कर लेंगे की बिहार में विग्यापन और पैसे के कारण दैनिक जागरण सहित अधिकांश अखबारों ने चुनाव में खुब ्पैसा कमाया । नतीजा भी दिखालाया । खराम खोर नहीं है , नमक हलाल हैं जिसका खाते हैं उसका गाते हैं उल्लू बनाते हैं तो सिर्फ़ एक वर्ग को वह है पाठक । लेकिन गलती पाठकों की भी तो है। आखिर पढते क्यों है दैनिक जागरण जैसे अखबार को।