: इंस्पेक्टर की हरकत से परेशान लड़की ने खटखटाया चैनल का दरवाजा : उसकी फरियाद के बावजूद अधिकारी कान में डाले रहे तेल : सीएनईबी ने दिल्ली पुलिस का एक घिनौना चेहरा उजागर किया है. सीएनईबी पर खबर दिखाए जाने के बाद दिल्ली महिला आयोग ने सम्मन जारी करके आरोपी इंस्पेक्टर राजपाल डब्बास को आयोग के सामने प्रस्तुत होने का निर्देश दिया है. दिल्ली महिला आयोग ने सीएनईबी पर प्रसारित इस कहानी को संज्ञान में लिया और आरोपी निरीक्षक को तीन दिसम्बर को आयोग के सामने उपस्थित होने को कहा है.
अनीता (बदला हुआ नाम) नामक युवती ने इंस्पेक्टर राजपाल डब्बास पर मानसिक उत्पीड़न एवं प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है तथा आयोग में याचिका दायर की है, जिसके बाद महिला आयोग ने राजपाल को सम्मन जारी किया है.
चैनल द्वारा दिखाया गया अनीता की कहानी इस प्रकार है
अनीता (बदला हुआ नाम) नामक एक लड़की दिल्ली के एक मैगजीन में क्राइम रिपोर्टर के रूप में काम कर रही थी. क्राइम की रिपोर्टिंग की वजह से वह दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर राजपाल डब्बास के संपर्क में आई. अनीता अपने खबरों के लिए इंस्पेक्टर राजपाल से पेशेगत जरूरत के अनुसार सलीके से बात करती थी. उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि पेशेगत बातचीत उसके लिए किसी दिन घातक भी हो सकता है. लेकिन यह कल्पना सच्चाई में बदल गई और इंस्पेक्टर राजपाल उसके क्रिया कलापों पर नजर रखने लगा. क्राइम ब्रांच से जुड़ा होने के वजह से यह करना उसके लिए बच्चों का खेल था. अनीता के दूसरों से बात करने पर इंस्पेक्टर उससे तमाम तरह के सवाल करने लगा तथा परेशान करने लगा. जब अनीता ने इसका विरोध किया तब इंस्पेक्टर नाराज हो गया और उसे धमकी देना शुरू कर दिया.
केवल इतना ही नहीं, वह अपने पद एवं शक्ति का दुरुपयोग करते हुए अनीता के मोबाइल फोन का कॉल डिटेल निकलवा लिया. इसके बाद वो अनीता के कॉल डिटेल से प्राप्त नम्बरों पर गंदे मैसेज एवं अशिष्ट भाषा में फोन करने लगा. वह अनीता के बारे में उसके माता-पिता तथा नजदीकी और परिचित लोगों के पास अपमानजनक मैसेज भेजने लगा. जब अनीता ने उसे ऐसा ना करने का अनुरोध किया तो उसने इसे नजरअंदाज कर दिया, उसने अनीता के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उसे धमकी दी. इसके बाद अनीता ने इस बात की शिकायत दिल्ली के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की, लेकिन किसी ने उसकी फरियाद पर ध्यान नहीं दिया. ऐसी स्थिति में अनीता ना तो अपनी नौकरी जारी रख सकती थी और ना ही अपने परिवार एवं दोस्तों के साथ संबंध ही सामान्य रख सकती थी, सब उसे बदले हुए मन और निगाहों से देख रहे थे.
लेकिन अनीता ने हिम्मत नहीं खोया, वो सीएनईबी ऑफिस आई और अपने साथ पिछले दिनों घटे सारे घटनाक्रम को शब्दश: बताया. अब चैनल की बारी थी और उसने अपनी जिम्मेदारी को अच्छे तरीके से निभाया. चैनल ने दोपहर से प्रसारण शुरू किया और तब तक उस पर बना रहा जब तक कि परिणाम नहीं दिखाई दिया. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह चैनल में आईं और अनीता को अपने आफिस में बुलाया. अनीता सीएनईबी रिपोर्टर के साथ महिला आयोग कार्यालय गईं और केस दायर किया. जिसके बाद आयोग ने सम्मन जारी करके इंस्पेक्टर को शुक्रवार को आयोग के समक्ष पेश होने का फरमान सुनाया.
इस बीच चैनल अपने स्तर से बेहतर कोशिश कर रहा है कि अनीता को न्याय मिले तथा एक उपद्रवी इंस्पेक्टर तथा इस सड़े गले सिस्टम, जिसमें एक परेशान लड़की की दुर्शशा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, को चलाने वालों को उनके किए की सजा मिले. प्रेस विज्ञप्ति












8MM0?0 ...............
December 3, 2010 at 4:43 pm
shabas anita……… aese kamino ko sabak sikhana jaruri hai………
avinash kumar singh
December 4, 2010 at 6:03 am
CNBE के जज्बे को तहे दिल से सलाम ….. मुहीम को अंजाम तक पहुंचाकर ही दम ले ताकि दिल्ली पुलिस को कुछ सबक मिल सके !
Avinash kr. Singh , Delhi
संजय
December 4, 2010 at 7:21 am
एक मैग्जीन के रिपोर्टर के साथ अगर क्राइम ब्रांच का इंसपेक्टर ऐसा कर सकता है तो वो दिल्ली की आम जनता के साथ कैसा सूलूक करता होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है…सीएनइबी की पहल के लिए धन्यवाद
A N Shibli
December 4, 2010 at 10:09 am
यह प्रोग्राम मैं ने भी देखा था अच्छी पेशकश थी। बिल्कुल राठोड वाला मामला है। पुलिस वाले को सज़ा दिलाये बिना चैन लेना उचित नहीं होगा।
mukesh
December 8, 2010 at 12:55 pm
us reportar ko ke himmat ki dad aur channel ko badhai
Deepak Sharma
December 11, 2010 at 8:01 am
mene aapki yehe khabar dekhi nahi par net par padhkar achha laga aapki madad se kisi mahila ko insaf mila